आगरा में भी कई ‘आरुषि’

Agra Updated Wed, 27 Nov 2013 05:39 AM IST
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आगरा। देश-दुनिया के लिए मर्डर मिस्ट्री बने आरुषि प्रकरण में उसके अपनों के ही हाथ खून से सने थे। शहर में भी ऐसे कई हत्याकांड हुए हैं, जिनमें उनके अपने ही शामिल रहे हैं। कहीं इज्जत की खातिर तो कहीं प्रेम संबंधों से बौखलाए घरवालों ने अपनी बेटियों की जान नहीं ली, बल्कि प्रेमियों को भी मौत के घाट उतार डाला।
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फौजिया हत्याकांड: 11 फरवरी 2010: केके नगर सिकंदरा में रहने वाली फौजिया उर्फ शिल्पी के प्रेम संबंध पड़ोसी युवक सोनू से हो गए थे। इसकी भनक लगने पर परिवारीजनों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। प्रेमिका को मारे जाने की खबर सुनकर सोनू ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने कब्र से फौजिया का शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया तो हत्या की बात साफ हुई। इसके बाद फौजिया के पिता चांद, भाई फैजान समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। वह जेल भी गए, लेकिन अभी तक मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
गीता हत्याकांड: आठ मार्च 2011 : शमसाबाद में गीता की उसके पिता और भाइयों ने हत्या करके शव को ताजगंज में फेंक दिया। इसके बाद हत्यारोपियों ने सदर क्षेत्र में उसके प्रेमी को गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की। बाद में पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया। बाकी के लोगों ने बाद में समर्पण कर दिया। सभी जेल में हैं।
नहर्रा कांड: 30 जनवरी 07 : खंदौली के गांव नहर्रा में पंचायत में प्रेमी युगल को मौत का फरमान सुनाया गया था। पंचायत के बाद प्रेमिका गुड्डी व प्रेमी युवक को टुकड़ों में काट दिया गया। बोरे में शव रखकर जलाने की कोशिश की गई। इस मामले में पंचों की धरपकड़ हुई। पुलिस ने पांच लोगों को जेल भेजा। एक आरोपी वृद्ध की जेल में ही सजा काटने के दौरान मौत हो चुकी है।
रुचि हत्याकांड: 12 नवंबर 2013: एत्मादपुर के गांव चौगान में बेटी रुचि को प्रेमी के साथ कमरे में देखकर आपा खोए पिता अशोक सिकरवार और दो भाइयों ने रुचि पर गोलियां बरसाईं। हत्याकांड के बाद प्रेमी ने बमुश्किल जान बचाई। पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेज दिया, लेकिन दोनों भाई अभी फरार हैं।


नेहा मर्डर मिस्ट्री के खुलासे में लगी सीबीआई
नेहा हत्याकांड : 15 मार्च 2013: दयालबाग शिक्षण संस्थान की नैनो बायो टेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा नेहा शर्मा की मर्डर मिस्ट्री की जांच अब सीबीआई के हाथ में है। इसके पहले कई आईपीएस अधिकारियों ने हत्याकांड की जांच की। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने लैब से सुबूत जुटाए। नेहा की पैन ड्राइव भी इन्हीं में से एक है। इस हत्याकांड की आगरा ही नहीं पूरे देश में चर्चा हुई। नेहा मर्डर मिस्ट्री की गूंज जम्मू कश्मीर विधानसभा तक सुनाई दी। हत्याकांड में संस्थान से जुड़े प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के बाद इसकी गूंज देशभर में सुनाई दी। आखिरकार पुलिस ने संस्थान से जुड़े दो आरोपियों को कुछ सुबूत जुटाकर जेल भेज दिया। अब सीबीआई नये सिरे से हत्याकांड की पड़ताल में जुटी है।

आगरा के फोरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंचे थे जांच को
आरुषि हत्याकांड के बाद आगरा से विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों की टीम भी साक्ष्य जुटाने को नोएडा पहुंची थी। लेकिन टीम को यहां से अहम सुराग हाथ नहीं लगे थे। एफएसएल के सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से बहुत अहम सुराग नहीं मिल सके थे। कुछ ही दिन बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया।
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