बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

ढाई लाख में मिलेगा ‘आसरा’

Agra Updated Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
आगरा। शहरी गरीबों के लिए अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों और नगरीय मलिन बस्तियों में बनाए जाने वाले आवासों के लिए शासन ने दिशा निर्देश जारी कर आवास निर्माण के प्रस्ताव मांगे हैं। शहरी गरीबों का जीवन स्तर सुधारने के लिए शासन की इस योजना में लाभार्थियों को करीब ढाई लाख रुपये मूल्य के 25 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन

शासन ने सभी जिला नगरीय विकास अभिकरणों को निकाय में उपलब्ध नि:शुल्क नगरीय भूमि पर योजना की डीपीआर तैयार कर सूडा के जरिये भेजने के निर्देश दिए हैं। योजना में 25 मीटर क्षेत्रफल के आवास बनेंगे। इसमें एक कमरा, एक बरामदा, रसोईघर, शौचालय एवं स्नानघर की सुविधा होगी। भवन निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था सीडीएस जल निगम होगी। योजना की कुल लागत का 25 फीसदी अवस्थापना कार्य में खर्च होगा।

आवंटियों को निर्माण के पहले आवास का आवंटन हो जाएगा। पहली बार प्रावधान किया गया है कि वह निर्माण की गुणवत्ता का निरीक्षण भी कर सकेंगे। योजना की गुणवत्ता के लिए नगर आयुक्त, नगरीय निकाय के अधिशाषी अभियंता पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। भूमि के चयन के साथ ही लाभार्थियों का भी चयन कर लिया जाएगा। वह लाभार्थी पात्र होंगे, जिनके परिवार के किसी व्यक्ति के पास कोई आवास नहीं है। साथ ही आवास आवंटन के 15 साल तक अधिकार स्थानांतरित करने, किराये पर उठाने और बेचने का अधिकार नहीं होगा। योजना के लिए पहले 50 फीसदी राशि मिलेगी। दूसरी किस्त तब मिलेगी, जब पहली किस्त की 70 फीसदी राशि उपयोग कर ली गई है और उसके सापेक्ष भौतिक प्रगति हुई हो।
चयन प्रक्रिया
लाभार्थियों का संबंधित बस्तियों में सर्वे होगा
समाचार पत्रों में विज्ञापनों के जरिये प्रचार प्रसार होगा
डूडा को मिले आवेदन पत्रों का सर्वे और सत्यापन के बाद पात्रता के आधार पर सूची तैयार होगी
आवासों का आवंटन सार्वजनिक लाटरी या ड्रा के जरिये होगा
लाभार्थियों की सूची एनआईसी, सूडा और डूडा पर भी अपलोड की जाएगी
निर्माण के पहले ही हो जाएगा लाभार्थियों को आवास आवंटन, मिलेगा नक्शा

इन्हें मिलेगा लाभ
अल्पसंख्यक बाहुल्य व मलिन बस्तियों में रहने वाले मेहनतकश परिवार जिनकी आय 6000 रुपये प्रतिमाह से अधिक न हो
नगरीय निकाय में पंजीकृत रिक्शा चालक
ओबीसी और अनुसूचित जाति के बीपीएल कार्ड धारक
अवमुक्त स्वच्छकार
इस प्रतिबंध के साथ कि लाभार्थी के जीवित पति या पत्नी, अव्यस्क पुत्र या पुत्री के नाम यूपी के नगरीय निकाय में कोई आवास न हो या किसी अन्य आवास योजना का लाभ नहीं लिया हो

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us