सखियों की संगिनी बनी ‘सखी बसें’

Agra Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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आगरा। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देश में छिड़ी बहस के बीच गुरुवार को आगरा प्रशासन ने एक अच्छी पहल की। यहां महिलाओं के लिए विशेष ‘सखी बस सेवा’ का शुभारंभ किया गया। फूलों से सजी बस को कैंट स्टेशन से पूर्व मेयर अंजुला सिंह माहौर ने झंडी दिखाकर रवाना किया।
शहर की लाइफ लाइन को जाम फ्री करने और महिलाओं को सुरक्षित सफर कराने की प्रशासनिक मुहिम गुरुवार को अंतिम चरण में पहुंच गई। सखी बस में बैठी महिलाओं और छात्राओं के चेहरे की खुशी साफ बयां कर रही थी कि अब उन्हें भद्दे कमेंट्स और धक्का-मुक्की से आजादी मिल गई है। किसी ने बसों की संख्या को कम बताया, तो किसी ने जिलाधिकारी और रोडवेज अधिकारियों को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया। शुभारंभ के मौके जिलाधिकारी अजय चौहान, पूर्व मेयर अंजुला सिंह माहौर, रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक नीरज सक्सेना, एआरएम जेनर्म अनिल कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।

जल्द बढ़ेगी बसों की संख्या
एमजी रोड पर अभी दो सखी बसें चलेंगी। कैंट स्टेशन और दयालबाग दोनों ओर से सुबह साढ़े आठ बजे बस चलेंगी। इसके बाद प्रत्येक घंटे पर बस इधर से उधर जाएंगी। एआरएम अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिला यात्रियों के प्रतिक्रिया के बाद बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यह बसें शाम पांच बजे तक ही चलेंगी।

197 सखियों ने किया सफर
सखी बस में पहले दिन करीब 197 महिलाओं, युवतियों और छात्राओं ने सफर किया। पहले दिन का कुल कलेक्शन करीब 1190 रहा। दोपहर तक जानकारी न होने के अभाव में प्रति बस सिर्फ 13 से 14 सखियां थीं। जैसे-जैसे जानकारी होती गई इनकी संख्या बढ़ती गई।

बस के पीछे दौड़ रहे लोग
बसों के शीशे पर ‘महिला स्पेशल’ के पोस्टर लगे थे, जबकि अंदर ‘सखी बस सेवा’ ‘केवल महिलाओं के लिए’ बोर्ड लगा था। पहले दिन बसें फूलों से सजी थीं। बावजूद इसके जैसे ही बसें स्टैंड पर रुकतीं पुरुष यात्री बस में चढ़ने लगते। परिचालक के मना करने पर कई बार नोकझोंक की स्थिति बनी। लेकिन जैसे ही लोगों की समझ में आता वह उतर जाते।

अधिकारियों ने किया सफर
कैंट स्टेशन पर शुभारंभ के बाद जिलाधिकारी अजय चौहान, पूर्व मेयर अंजुला सिंह सहित रोडवेज अधिकारियों ने बस से सफर किया। निरीक्षण करते सभी भगवान टॉकीज तक पहुंचे। साईं की तकिया चौराहे पर डीएम ने तीन युवतियों से इस सेवा का फीड बैक भी लिया। बस रुकी ही थी इसी दौरान तीन लड़के बस में चढ़ गए, जिन्हें महिला कांस्टेबल ने समझाकर बाहर किया।

महिला कांस्टेबल की तैनाती
सुरक्षा के मद्देनजर कुछ दिनों तक दोनों बसों में एक महिला कांस्टेबल को तैनात किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि पुरुष यात्री व्यवस्था में सहयोग करें। यदि किसी के विरुद्ध शिकायत आई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ये समस्याएं और हैं साहब
- सिटी बसों में सुरक्षा के लिए कैमरे और डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं। इन्हें दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू किया जाना था, लेकिन अब तक शुरू नहीं किए जा सके हैं।
- सुबह एमजी रोड बसें सही क्रम से चलती हैं, लेकिन ड्यूटी पूरी होने के बाद शाम को यह चक्र गड़बड़ा जाता है। शाम आठ से 10 बजे तक व्यवस्था गड़बड़ रहती है।
- डिपो में किसी भी समय 15-20 से अधिक बसें मेंटिनेंस के लिए नहीं होनी चाहिए। जबकि अब भी करीब 40 बसें डिपो में ही खड़ी रहती हैं।
- स्टॉपेज और किराये की सूची बसों में चस्पा होनी बाकी है। इसके लिए यात्रियों की प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं।

इस सेवा के लिए रोडवेज और प्रशासनिक अधिकारी धन्यवाद के हकदार हैं। महिलाओं को सुरक्षा के लिए यह बसें बहुत उपयोगी हैं।
चंद्रकांता, छात्रा

बसों की संख्या कम है, इनकी संख्या बढ़नी चाहिए। दूसरी बसों में महिलाओं को चढ़ने की जगह ही नहीं मिलती। बस के गेट पर ही लोग खड़े रहते हैं।
श्वेता, वर्किंग

इन बसों का किराया थोड़ा ज्यादा है लेकिन हम सभी की सुरक्षा के लिए यह बेहतर कदम है। किराया थोड़ा कम हो तो ज्यादा से ज्यादा लोग इस सेवा का उपभोग करेंगे।
अकांक्षा, छात्रा
...............
पहल का स्वागत
आगरा मंडल व्यापार संगठन की ओर से एमजी रोड को ऑटो फ्री करने और महिलाओं के लिए विशेष बस चलाए जाने की पहल का गोविन्द अग्रवाल, महामंत्री उपेन्द्र वर्मा, रमाशंकर गोयल, दिलावर सिंह, अजय चोपड़ा आदि ने स्वागत किया है।

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