पुलिस अफसरों की रार में पिस रहे अधीनस्थ

Agra Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
आगरा। ‘...दो पाटन के बीच में साबित बचा न कोय।’ संत कबीर ने इस दोहे में जगत-गति में जीव की दशा पर दृष्टि डाली थी। लेकिन अपने जिले में पुलिस के तीन अफसरों की रार तो तीन पाट की चक्की बन गई है। उनके अधीनस्थों का हाल यह कि अब पिसे कि तब पिसे। दो खेमों में बंटे इन तीन अफसरों के टकराव का कारण अहम तो है ही, एक सत्ताधारी नेता के प्रति प्रेम और दुराव भी है।
महकमे में खूब चर्चा है, लेकिन दबी जुबान। मामला मंझले और उनसे ज्येष्ठ अफसर में तनातनी का था। कनिष्ठ अफसर भी तीसरा मोर्चा खोले बैठे थे। जब कनिष्ठ को ज्येष्ठ साहब के रुख का पता चला कि तो वे नाराजगी के साथ उनके खेमे में पहुंच गए। अहम तो था ही एक नेताजी भी टकराव की वजह बन गए। कहते हैं, दो अफसरों का खेमा तो उनका हर ‘हुक्म’ लाता। तीसरा और अकेला पड़ा अफसर नेताजी बात सुन तो लेता है, लेकिन करता अपनी मर्जी से ही है। दूसरा खेमा इस रवैये से भी चिढ़ गया। अब दो मिलकर तीसरे को पटखनी देने में जुटे हैं। बड़े ने तो मंझले के कार्य क्षेत्र में दखलांदाजी भी शुरू कर दी है। मुसीबत अधीनस्थों की है। एक की सुनी तो दूसरा नाराज। उन्हें अपने करियर का डर भी सताने लगा है-‘सब तो बड़े हैं, नाराज हों तो जाने क्या कर बैठें।’

Spotlight

Related Videos

VIDEO: ‘पद्मावत’ पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर दिख रहा है!

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद ‘पद्मावत’ पर हो- हल्ला हो रहा है। ऐसे ही विरोध की तस्वीरें दिखाई दी हैं उत्तर प्रदेश के आगरा,सहारनपुर और हापुड़ में जहां पद्मावत का जबरदस्त विरोध हुआ।

23 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper