रामनामी प्रकरण में चुप्पी का मतलब बताएं

Agra Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
आगरा। ताजमहल पर साध्वियों से रामनामी दुपट्टा उतरवाने का प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है। सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने इस मुद्दे पर रविवार को अधीक्षण पुरातत्वविद् को खरीखोटी सुनाईं। साथ ही पूछा कि इस मामले में चुप्पी का मतलब बताएं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा। इसके बाद सांसद ने कमिश्नर से भी मुलाकात की।
सांसद रविवार शाम चार बजे मॉल रोड स्थित एएसआई कार्यालय पहुंचे। सूचना पर अवकाश के बाद भी अधीक्षण पुरातत्वविद् एनके पाठक कार्यालय पहुंचे। सांसद ने पूछा कि क्या वह भारतीय संस्कृति में स्त्री के दुपट्टे का महत्व नहीं जानते, राष्ट्रीय धरोहर ताज पर किस कानून के तहत साध्वियों के दुपट्टे उतरवाए गए। सांसद ने दोषी कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की। साथ ही कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। भारतीय नारी की अस्मिता के खिलवाड़ की इस शर्मनाक घटना को विभाग दबाने में लगा है। आखिर अभी तक जांच पूरी क्यों नहीं की गई। इन सवालों के जवाब में अधीक्षक सिर्फ इतना ही कह सके कि मामले की जांच हो रही है, शीघ्र कार्रवाई होगी। इसके बाद सांसद समर्थकों के साथ कमिश्नर मंजीत सिंह से मिलने पहुंचे। उन्होंने कमिश्नर को पूरे प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही एएसआई और सीआईएसएफ के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उल्लेखनीय है कि 23 अक्तूबर को ताजमहल देखने पहुंचीं साध्वियों के रामनामी दुपट्टे उतरवा लिए गए थे।

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