बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

नामांकन निरस्त होने से गरमाई राजनीति

Agra Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
आगरा। छात्र संघ चुनाव का आगाज हंगामे से हुआ, तो नामांकन निरस्त होते ही राजनीति और गरमा गई। रविवार शाम को सपा छात्र सभा और राष्ट्रीय छात्र लोकदल के अधिकांश प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त कर दिए गए। इसकी जानकारी मिलते ही दोनों ही छात्र संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया।
विज्ञापन

गौरतलब है कि 12 पदों के लिए होने जा रहे छात्र संघ चुनाव में 42 नामांकन हुए थे। इनमें से 17 नामांकन पत्र जांच के दौरान रविवार को निरस्त कर दिए गए। नामांकन निरस्त होने की जानकारी पर सपा छात्र सभा और राष्ट्रीय छात्र लोकदल के कार्यकर्ताओं ने जेपी सभागार में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने कुलपति आवास पर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं की चुनाव अधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से नोकझोंक हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के बाद सोमवार को निरस्त किए गए नामांकन पत्र पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जांच के बाद फैसला लेने का आश्वासन दिया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ।


सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में होगी जांच
नामांकन पत्र में उम्मीदवारों के हस्ताक्षर न होने सहित अन्य कमियां पाई गई हैं। सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार, सीओ हरीपर्वत आशुतोष द्विवेदी के साथ चुनाव अधिकारी प्रोफेसर राजेंद्र शर्मा के बीच वार्ता हुई। सोमवार दोपहर 12 बजे जेपी सभागार में नामांकन पत्रों की फिर से जांच कराने का फैसला किया गया है। दोपहर एक बजे पुलिस, प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में उम्मीदवारों के निरस्त किए गए नामांकनों के बारे में जवाब दिया जाएगा।


सपा छात्र सभा ने लगाए गंभीर आरोप
सपा के मीडिया प्रभारी अवनींद्र यादव का आरोप है कि साजिश के तहत नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं। विवि में अधिकांश शिक्षक आरएसएस के हैं। इनके इशारे पर नामांकन निरस्त किए गए हैं। इसके लिए शिक्षकों की बैठक र्हुई है। वहीं, एबीवीपी के अध्यक्ष पद के दावेदार पर थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज होने के आरोप लगाए गए हैं। इस दौरान सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष मदन मोहन शर्मा, शहर अध्यक्ष निर्वेश शर्मा, अतुल दुबे, श्रेयस यादव, गौरव यादव, राष्ट्रीय छात्र लोकदल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, सफीक अहमद आदि मौजूद रहे।

एबीवीपी और एनएसयूआई का ऐलान
एबीवीपी और एनएसयूआई ने चुनाव अधिकारी द्वारा नामांकन निरस्त करने का आदेश वापस लेने पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। एबीवीपी के विभाग प्रमुख अमित अग्रवाल और महानगर अध्यक्ष योगेंद्र त्यागी ने बताया कि एबीवीपी किसी भी कीमत पर निरस्त किए गए नामांकन वाले उम्मीदवारों को चुनाव नहीं लड़ने देगी। इसके लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की अफवाह फैलाई गई है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव अमित सिंह का कहना है कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के अनुपालन में फैसला वापस नहीं लेना चाहिए। ऐसा होता है तो सत्तारूढ़ सपा सरकार को चुनाव कराए बिना ही छात्र संघ के पदाधिकारियों के नाम की घोषणा कर देनी चाहिए।

मुकाबले में रह गये गिने चुने प्रत्याशी
नामांकन निरस्त होने के बाद अध्यक्ष पद पर एबीवीपी, एनएसयूआई और एक निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में है। यही नहीं अन्य पदों पर भी कमोवेश यही स्थिति है। संकाय प्रतिनिधि के कई पदों पर तो निर्विरोध चुना जाना तय हो चुका है।


इनके नामांकन हुए खारिज
अध्यक्ष- : ज्योत्सना पाराशर, केके राय, काजल करसोलिया, पीयूष रघुवंशी, रेनू यादव, धर्मेंद्र कुमार
उपाध्यक्ष-: माधवी शर्मा, प्रदीप कुमार
संयुक्त सचिव-: प्रतोष भदौरिया, विक्रम सिंह चौहान
पुस्तकालय सचिव-: संजीव चौधरी
संकाय प्रतिनिधि
मैनेजमेंट-: उपेन्द्र सिंह, भूरी सिंह
विज्ञान-: सचिन सिंह तोमर
गृह विज्ञान-: प्रियलता
ललित कला-: मदन गोपाल, वासिफ शेख

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X