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बढ़ते जलस्तर से घटा प्रजनन

Agra Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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आगरा। कीठम बर्ड सेंचुरी की झील के लिए मथुरा रिफाइनरी को छोड़े जाने वाला पानी अभिशाप बनता जा रहा है। इससे अक्टूबर के शुरुआत में आने वाले प्रवासी पक्षियों की नेस्टिंग भी प्रभावित हो रही है। पानी के ज्यादा होने से झील के आईलैंड डूबे हुए हैं। इसके चलते आने वाले विदेशी पक्षी नेस्टिंग नहीं कर पा रहे हैं।
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कीठम बर्ड सेंचुरी में सिंचाई विभाग द्वारा मथुरा रिफाइनरी को दिए जाने वाला पानी यहां प्रवास करने वाले पक्षियों और कछुओं के लिए परेशानी का सबब साबित हो रहा है। लगातार पानी छोड़े जाने से झील में इस वक्त भी 22 फीट पानी है। इसके चलते झील में स्थित 12 मीटर चौड़े और दो मीटर तक ऊंचाई वाले आईलैंड्स (टीले) पानी में डूब गए हैं। समाजसेवी डा. डीके जोशी ने इस बाबत पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भी लिखा है। इसमें डा. जोशी ने उल्लेख किया है कि पानी छोड़े जाने से वन्य जीव जंतुओं की हत्या हो रही है। आईलैंड पर ही बर्ड ग्राउंड नेस्टिंग करती हैं। इस कारण अक्तूबर तक कीठम पक्षी विहार में विदेशों से आने वाले पक्षियों की संख्या भी कम हुई है। इस दफा अभी तक बहुत ही कम प्रवासी पक्षियों ने यहां डेरा जमाया है।

डा. जोशी ने पत्र में लिखा है कि सूर सरोवर झील 1922 में विकसित की गई। इसके पानी का उपयोग ग्रामीणों के पीने के लिए, सिंचाई के लिए और इसके बाद उद्योगों को देने के निर्देश थे। इसके बाद भी सिंचाई विभाग प्रतिवर्ष मथुरा रिफाइनरी को पानी देता है। इससे यहां रहने वाले पक्षियों के जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने बताया कि जब यमुना में दस फीट पानी होता है, तब झील में पांच फीट का स्तर रहता है। लेकिन रिफाइनरी को पानी छोड़ने पर झील लबालब हो जाती है। इससे झील के किनारे प्रवास करने वाले पक्षियों की नेस्टिंग नष्ट हो जाती है। इस बाबत सिंचाई विभाग को कई दफा पत्र भेजे जा चुके हैं। डा. जोशी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट, मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भेजा है।

झील में पानी छोड़ने से जलस्तर बढ़ जाता है। इससे आईलैंड्स पर अंडे देने वाले पक्षियों को परेशानी आती है। इस दफा भी प्रवासी पक्षी कम आए हैं। ऐसा तब होता है जबकि सिंचाई विभाग अचानक पानी छोड़ता है। इससे किनारों पर रहने वाले कछुए भी प्रभावित होते हैं। इस संबंध में कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
एस. बनर्जी, उप वन संरक्षण, राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी

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