‘गड़बड़ाया’ गणना का ‘गणित’

Agra Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
आगरा। वन्य प्राणियों की गणना में अब भी पुराने तौर तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कई दफा आंकड़े वास्तविकता से काफी दूर होते हैं। गणना में वन विभाग द्वारा देखो और गिनो की पुरानी तकनीक ही प्रयोग में लायी जा रही है। गणना करने से वैज्ञानिक तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यही कारण है कि आंकड़ें कई दफा चौंका जाते हैं।
वन विभाग ने हाल में राज्य पक्षी का दर्जा प्राप्त सारस की गणना की। आगरा मंडल में सारस की गणना का कार्य तीन अक्टूबर को दो चरणों में किया गया। जिले में बहुतायत में पाए जाने वाले इस पक्षी की स्थलीय गणना का हाल यह रहा कि केवल 23 सारस ही टीमों को दिखाई पड़े, जबकि आगरा मंडल में यह संख्या 509 रही। वास्तविकता यह है कि सारस की संख्या इससे कहीं अधिक है।
गणना का तरीका
वर्ल्ड वाइड लाइफ फंड के हरी सिंह ने बताया कि डाल्फिन की नदियों में रफ्तार चार से पांच किलोमीटर प्रति घंटा होती है। डाल्फिन कुछ समय बात सांस लेने पानी से बाहर आती हैं। जब हम बोट से डाल्फिन तलाश करते हैं तो जैसे ही वह दिखती तो नाव को उसकी गति से तेज चलाते हैं। इसके बाद अगले स्थान पर मिलने वाली डाल्फिन दूसरी होगी, क्योंकि पहली वाली डाल्फिन बोट की रफ्तार पकड़ नहीं सकती। इसके अलावा हम जीपीएस सिस्टम का प्रयोग करते हैं।
जीपीएस से हम बोट की गति, दिशा और कितनी देर रुके समेत अन्य जानकारियां लेते हैं। उनका कहना है कि एक्यूरेसी की तो नहीं कहते मगर अनुमानित संख्या का आंकलन हो जाता है।

समय उपयुक्त नहीं
वन्य जीव विशेषज्ञों की मानें तो सारस गणना का समय ठीक नहीं था। सारस अमूमन जुलाई से सितंबर केमध्य तालाबों और खेतों पर मिलते हैं। यदि उस समय गणना होती तो इनकी संख्या कहीं अधिक होती।

गणना के तरीके पारंपरिक
इसी तरह प्रदेशभर में गंगेज डाल्फिन (सूंस) की गणना का कार्य पांच अक्तूबर से प्रदेशभर में गंगा और उसकी सहायक नदियों में किया जा रहा है। वाइल्ड लाइफ के चंबल सेंचुरी के डीएफओ एस. बनर्जी ने बताया कि हम और एनजीओ देखो और गिनों के सिद्धांत पर गणना कर रहे हैं।

क्या है आधुनिक तरीका
पश्चिमी देशों में वन्य जीवों की गणना चिप सिस्टम से की जाती है। इसमें वन्य जीवों को पकड़ने के बाद उनके शरीर पर चिप लगा दी जाती है। इससे उनके भ्रमण समेत अन्य जानकारियां भी मिल जाती हैं। यह गणना का सटीक तरीका है। इसका प्रयोग हमारे देश में नहीं होता है।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

चारा घोटाले में लालू की नई मुसीबत, चाईबासा कोषागार मामले में आज आएगा फैसला

चारा घोटाला मामले में रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगी। स्पेशल कोर्ट जज एस एस प्रसाद इस मामले में फैसला देंगे।

24 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: ‘पद्मावत’ पर बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर दिख रहा है!

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद ‘पद्मावत’ पर हो- हल्ला हो रहा है। ऐसे ही विरोध की तस्वीरें दिखाई दी हैं उत्तर प्रदेश के आगरा,सहारनपुर और हापुड़ में जहां पद्मावत का जबरदस्त विरोध हुआ।

23 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper