पर्यटन की योजनाएं सुनहरे सपने जैसी

Agra Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
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धर्मेंद्र यादव
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आगरा। पर्यटन नक्शे पर आगरा की अलहदा पहचान जगजाहिर है। हाल में ताजमहल से लेकर आगरा किले तक विकास की योजनाएं बनाई गई हैं। इसमें फेसिलिटी सेंटर से लेकर ताजगंज इलाके के कायाकल्प करना भी शामिल है। पर्यटकों का ठहराव बढ़ाने के लिए शाहजहां गार्डन और शिल्पग्राम में रात्रि कार्यक्रम की योजना भी है। हालांकि पहले भी कई योजनाएं बनीं, कई नाकामयाब भी रहीं। फिर भी पर्यटन विकास की नई कोशिशें उम्मीद तो जगाती हैं। बृहस्पतिवार को जब दुनिया भर पर्यटन दिवस मनाया जाएगा तब यह जानना रुचिकर होगा कि भविष्य में आगरा की मेहमाननवाजी में कौन-कौन से रंग जुुड़ने वाले हैं।
इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान
इसमें ताजमहल और आगरा किले के पांच सौ मीटर के इलाके में पर्यटकों को विशेष सुविधाएं मुहैया कराने जाएंगी। ताजमहल में पूर्वी और पश्चिमी गेटों पर दो फैसिलिटी सेंटर बनेंगे। सीवर, ड्रेनेज दुरुस्त होंगे और किले के नजदीक मल्टीलेबल अंडर ग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था होगी। सुप्रीम कोर्ट व एएसआई की अनुमति का इंतजार है।
ताजगंज प्रोजेक्ट
इसमें ताजमहल के तीनों गेटों के सुंदरीकरण के साथ ही ताजगंज की बस्तियों को सुविधासंपन्न बनाया जाना है। 740 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में आसपास के इलाके में भी विकास कार्य कराए जाएंगे। ताजमहल के प्रवेश द्वार से काफी पहले से ही पेड़-पौधे रोपे जाएंगे और बेंच लगेंगी। योजना को भी शासन से अनुमति मिल चुकी है।
ताज नेचर वॉक में विकास
ताजमहल के नजदीक स्थित ताज नेचर वॉक में वन विभाग ने खूबसूरत झील समेत कई विकास कार्य कराए हैं। इसके अलावा इस पार्क में भी कई करोड़ की लागत से नए विकास कार्य होने हैं, ताकि ताज आने वाले पर्यटक इस पार्क को देखने भी आएं। इस पार्क से ताज भी साफ दिखाई देता है।
नाइट स्टे को बढ़ावा
टूरिस्ट के ठहराव की दर को बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग ने आगरा किले में लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की थी। अब कलाकृति आडिटोरियम में मोहब्बत द ताज शो हर शाम होता है, लेकिन यह प्राइवेट कार्यक्रम है। पर्यटन विभाग की महताब बाग और शिल्पग्राम में रोज शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम की योजना है।

कोशशें जो कामयाब न हुईं
यमुना आरती : बटेश्वर में यमुना आरती को बृहद रूप देने की योजना थी। बनारस से बड़े दीपक मंगाए गए। पंडितों को प्रशिक्षण देने के लिए बनारस से पंडे बुलाए गए। फिर भी पर्यटक बटेश्वर तक नहीं लाए जा सके।
शिल्पग्राम : यहां तक पर्यटक पहुंचें इसके लिए ताज के गेटों पर स्थित दुकानों को शिल्पग्राम में शिफ्ट किए जाने की योजना भी सफल नहीं हो सकी। कोई दुकानदार वहां जाने को तैयार नहीं है।
हवाई उड़ान : पर्यटन विभाग ने एटीएफ का 17 फीसदी भुगतान करने का प्रस्ताव भी निजी विमान कंपनियों को दिया है मगर उड़ान का मुद्दा अटका है। एयर ट्रैफिक फ्यूल पर वैट की दर न घटने से मामला अटका।

ताकि प्रदूषण के खतरे कम हों
आगरा (ब्यूरो)। स्मारकों को सबसे बड़ा खतरा प्रदूषण से है। इसलिए इनके आसपास ‘सस्टेनेबेल एनर्जी’ के प्रयोग जरूरी है। होटल से लेकर हवाई अड्डे तक ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। इस साल पर्यटन दिवस का यही थीम है। माना जा रहा है कि टूरिज्म इंडस्ट्री अगर ऊर्जा के वैकल्पिक श्रोतों का इस्तेमाल करने लगे तो स्मारकों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकेगा। इसलिए बात चाहे हजारों साल पुराने स्मारकों की सुरक्षा की हो या फिर स्मारकों के आसपास हरे भरे वातावरण में सैर-सपाटे की, इस प्रयोग से तस्वीर बदलने में सहायता मिलेगी।
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