मरीजों का ‘दर्द’ देख निकली विशेष सचिव की आह

Agra Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
आगरा। दर्द से तड़पते मरीजों के इलाज में बाधा बनी अव्यवस्थाओं पर विशेष सचिव की आह निकल पड़ी। बुधवार को एसएन मेडिकल कालेज में निरीक्षण के दौरान वार्ड ब्वाय और नर्स का काम करते तीमारदार को देखकर वे दंग रह गये। वहीं वार्ड से लेकर टॉयलेट में गंदगी और सेंट्रली एसी ट्रॉमा सेंटर पर ताला जड़ा होने पर माथा पकड़ लिया। कालेज प्रशासन से विचार विमर्श कर स्थिति सुधारने का सुझाव दिया। निरीक्षण की रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
बुधवार सुबह 11.30 बजे विशेष सचिव स्वास्थ्य अरिंदम भट्टाचार्य इमरजेंसी पहुंचे। यहां पर मरीज तड़पते हुए मिले, वार्ड ब्याय व नर्स का काम तीमारदार कर रहे थे। मरीजों की संख्या कम होने पर डॉक्टरों से सवाल-जवाब किए। टॉयलेट के साथ ऑपरेशन थिएटर में मिली गंदगी पर नाराजगी जताई। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ट्रॉमा सेंटर के बंद होने पर प्रिंसिपल डा. एनसी प्रजापति से जानकारी ली। गार्जियन मेडिकल स्टोर के बारे में पूछताछ की। इस दौरान नर्सों ने अपनी समस्याएं बताई। ओपीडी में पहुंचते ही मेडिकल रिप्रजेंटेटिव में अफरा-तफरी मच गई। दवाओं के वितरण को भी देखा। सात मंजिला बिल्डिंग के बाद सर्जरी विभाग में पहुंचते ही वे आश्चर्यचकित रह गए। यहां हर तरफ बदबू, दीवारों से रिसता पानी और टॉयलेट में गंदगी के साथ वार्ड में कुत्ते घूमते मिले। मेडिसिन विभाग में भी यही हालात मिलने पर उन्होंने कालेज प्रशासन से कारण जाना। कालेज प्रशासन ने जर्जर बिल्डिंग का हवाला दिया। साथ ही नवनिर्मित सर्जरी विभाग की बिल्डिंग तैयार होने पर हालात सुधरने का भरोसा जताया। शाम चार बजे विशेष सचिव रवाना हो गये।

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इन सवालों के मिले उत्तर

सवाल : मरीजों का नारकीय हालत में इलाज कब तक
विशेष सचिव : अप्रैल 2013 तक नवनिर्मित बिल्डिंग में इलाज मिल सकेगा, तब तक के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
सवाल: जूनियर डाक्टर और तीमारदारों में मारपीट क्यों?
विशेष सचिव- ऐसा नहीं होना चाहिए, दरअसल जूनियर डाक्टर महत्वाकांक्षी होने के चलते मरीजों को कम समय देते हैं। इसका ध्यान रखा जाएगा।
सवाल: चिकित्सा शिक्षकों का एसएन के बजाय प्राइवेट प्रैक्टिस पर ध्यान क्यों?
विशेष सचिव: यह गंभीर मामला है, हर जगह ऐसा हो रहा है। इसके लिए कुछ किया जाएगा।
सवाल: मरीजों से बाहर से जांच क्यों कराई जा रही हैं, दवाएं नहीं मिल रहीं।
विशेष सचिव- प्रिंसिपल के मुताबिक, तकनीकी खामियों के चलते टेंडर नहीं हो सके हैं, इसे देखा जाएगा। पैथोलोजी जांच की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
सवाल: टॉयलेट सहित हर जगह गंदगी
विशेष सचिव: मोबाइल टॉयलेट प्रत्येक वार्ड के साथ देने की व्यवस्था
सवाल: पैरा मेडिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी की कमी
विशेष सचिव: जल्द दूर की जाएगी
सवाल: मेडिकल रिप्रजेंटेटिव ओपीडी में जमे रहते हैं
विशेष सचिव: इनका मेडिकल कालेज में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाता है।

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