विवि का सिस्टम ‘चारों खाने चित’

Agra Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
छात्रों से विवि प्रशासन की दूरी से पनप रहा आक्रोश
बद से बदतर हो रहे हालात पर पुलिस ने साधी चुप्पी
आगरा। सिस्टम की दुहाई देकर विवि को पटरी पर लाने के वादे करने वाला विवि प्रशासन फेल हो चुका है। विवि अधिकारियों की लापरवाही से ‘चारों खाने चित’ हो चुके सिस्टम से छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। ऐसे में विवि प्रशासन द्वारा छात्रों से दूरी बनाने पर हालत बेकाबू होते जा रहे हैं। आए दिन विश्वविद्यालय में हो रहे उग्र आंदोलन और प्रदर्शन पर पुलिस ने भी चुप्पी साध रखी है। सोमवार को एबीवीपी का आंदोलन भी इसी के चलते उग्र हो गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन पिछले 15 सालों में हालात बिगड़ने की दुहाई देकर नया सिस्टम तैयार करने का दावा कर रहा है। मगर, इसके लिए विवि के पारंगत अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद नहीं ली जा रही है। कुलपति सचिवालय के चक्कर लगा रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को ही सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है। नतीजतन, कोई भी काम की जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। सोमवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान अधिकारी नजरें बचाकर भाग निकले। यही नहीं तोड़फोड़ हो जाने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा।
एबीवीपी ने 10 दिन में समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान प्रदेश संगठन मंत्री सुनील वाजपेयी, प्रदेश उपाध्यक्ष यादवेन्द्र प्रताप सिंह, विभाग संगठन मंत्री संजीव, महानगर सहमंत्री सौरभ पाराशर, रोहित गुर्जर, धर्मेन्द्र चाहर, नवीन गौतम, सत्यभान सिंह, अतुल गुप्ता, आलोक शर्मा, आकाश चौधरी, अंशुल यादव, मनीष गौतम सहित आगरा, फीरोजाबाद, मथुरा, शिकोहाबाद, सिरसागंज, मैनपुरी, कासगंज, हाथरस, अलीगढ़ के कार्यकर्ता शामिल हुए।

पुलिस ने अजमाए ताले पर हाथ
एबीवीपी कार्यकर्ताओं से गेट का ताला न टूटने पर वेरीकेटिंग को उखाड़ फेंका। वहीं आंदोलन खत्म होने के बाद गेट के ताले को खोलने में विवि के कर्मचारी जुट गये। ताला न खुलने पर पुलिस ने भी ताला तोड़ने को हाथ अजमाए। बमुश्किल से ताला खुल सका।

बैक डोर से वीसी के निकलते ही नारेबाजी
वीसी से वार्ता होने के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ता जाने लगे। कुछ कार्यकर्ता कुलपति सचिवालय के बाहर खड़े थे। इसी दौरान वीसी मुख्य गेट का ताला न खुलने पर बैक डोर से बाहर निकले। गाड़ी में बैठने से पहले एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की तरफ देखते ही नारेबाजी शुरू हो गई।

एबीवीपी में भी गुटबाजी
छात्र संघ चुनाव को देखते हुए एबीवीपी में भी गुटबाजी शुरू हो चुकी है। विवि परिसर में अध्ययनरत एबीवीपी के कार्यकर्ता कोर कमेटी में शामिल होने के लिए सिफारिशें लगा रहे हैं। मौजूदा समय में विवि में सबसे ज्यादा सक्रिय सदस्यों वाला संगठन एबीवीपी ही है। ऐसे में पिछले कई सालों से संगठन के कार्यक्रम से दूर चल रहे ऐसे नेताओं ने भी सक्रियता बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसे लेकर विवाद भी हुआ।

हालात सुधरेंगे, वक्त लगेगा
कुलपति प्रोफेसर डीएन जौहर ने एबीवीपी के दो सदस्यों को मिलने की अनुमति दी। गेट पर धक्कामुक्की के बाद सात सदस्य मुलाकात के लिए पहुंचे। प्रदेश संगठन मंत्री ने कुलपति को शिक्षक, शिक्षाविद और छात्रों से बनने वाले परिवार में वीसी से मिलने पर पाबंदी पर सवाल खड़े किए। तो वीसी ने छात्रों के मुलाकात करने पर आने का स्वागत करते हुए, छात्र नेताओं से न मिलने की बात कही। विवि की अव्यवस्थाओं पर 15 साल की बिगड़ी हालत का हवाला देते हुए कर्मचारियों द्वारा सहयोग न करने का दर्द बयां किया। साथ ही जल्द से जल्द हालत सुधारने का आश्वासन दिया।

5 सितंबर को पहुंच जाएंगे चार्ट
वीसी के आदेश पर वर्ष 2011 के चार्ट को चार्ट रूम में पहुंचाने की कवायद शुरू हो चुकी है। बताया जा रहा है कि 5 सितंबर तक चार्ट पहुंच जाएंगे। चार्ट कुलपति सचिवालय में होने के चलते वर्ष 2011 के छात्रों को मार्कशीट में संशोधन के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

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