20 वर्ष बाद दिखा है नदी में इतना पानी

Agra Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
बाह। पौराणिक कथाओं में महाभारत में अर्जुन के बाण से जन्मी राजस्थान की बाण गंगा (यूपी में परिवर्तित नाम उटंगन) बीते 20 साल बाद उटंगन नदी में पानी देख ग्रामीण राहत की सांस ले भी नहीं पाए है कि बाढ की आफत ने परेशानी में डाल दिया। मेहनतकश मजदूरों के परिवार नदी किनारे इलाकों में रह रहेथे। प्रशासन की मुनादी केबाद अपना सामन समेट कर ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंच गए हैं। सूखी पड़ी उटंगन केचलते इस इलाके का भूगर्भ जलस्तर लगातार गिरता जा रहा था खेत बंजर पड़े थे। नदी की धार वाले इलाकों में कई किसानों ने बोरिंग कर पंपसेट लगा लिए थे। लबालब उटंगन में पंपसेट डूब गये हैं। तटवर्ती ग्रामीणों का कहना है कि उटंगन केइस पानी को सहेज पाते। तो गांव फिर से आबाद हो जाता। बंजर खेत लहलहा उठते। उटंगन में जगह-जगह वर्षा जल को रोकने को बांध बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। सियपुरा, मनौना, बीघापुरा, सेरब, सबोरा, कॉकर, पिढौरा आदि गांवों केलोग परिवहन मंत्री राज अरिदमन सिंह को ज्ञापन सौप कर नदी में चैक डैम बनाने की मांग करेंगे।
रिठाई में मिलती है यमुना-उटंगन
बाह केरिठाई गांव में यमुना और उटंगन नदी का संगम होता है। एक तरफ उटंगन का पानी तेज रफ्तार से आता है वहीं दूसरी तरफ आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ रही यमुना नदी केजल का टकराव भंवर पैदा कर रहा है। यही वजह है कि आगरा जपनद केअन्य इलाकों केमुकाबले बाह में यमुना नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
भरेह में मिलती है यमुना-चम्बल
उफान पर चल रही यमुना नदी का संगम चम्बल नदी से इटावा जिले के भरेह के पास होता है। यह उफान चंबल के संरक्षण प्राप्त जीवों के लिए खतरा बन सकता है। प्रदूषित श्रेणी की नदी यमुना, चम्बल केघड़ियाल मगरमच्छ और डॉल्फिन की सेहत बिगाड़ सकती हैं। इसको लेकर वन विभाग पहले से ही सतर्क है।

बाढ की आशंका से चलते गांव खाली कराया
लादूखेड़ा। विकास खंड सैंया अंतर्गत ग्राम बेरिया में पार्वती नदी नजदीक होने के कारण अधिक पानी आ जाने केकारण गांव के लोगों ने गांव खाली कर दिया। आंगई वांध से पार्वती नदी में कल 3 लाख क्यूसके पानी छोड़ा गया है। जिसके चलते गांव में बनी नदी में पानी बढ़ गया है। बाढ़ की आशंका केचलते बेरिया केग्रामीणों ने गांव को खाली कर दिया है।

पार्वती ने भी मारा उफान
सैंया। राजस्थान में हुई झमाझम बारिश का असर प्रदेश की नदियों पर दिखाई दे रहा है। वहां के बांध से पानी छोड़ा गया तो यमुना -उटंगन के साथ पार्वती भी लबालब हो गई। हर मिनट बढ़ने वाले जलस्तर से क्षेत्र में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। तटवर्ती गांवों को सतर्क किया जा रहा है। इससे आगरा जिले की तहसील खेरागढ़ के पारकापुरा, कछपुरा, रावतपुरा, सराय, नगला बेरिया के अलावा मनिया क्षेत्र के सिसरौल्ी, सैमरका पुरा, बड़ा गांव, बाबू का अड्डा आदि उपरोक्त ग्राम नदी से प्रभावित हो सकते हैं।

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