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गर्मी में स्वाइन फ्लू के वायरस से चिकित्सक भी हैरान

Agra Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 11:45 PM IST
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फिरोजाबाद।
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भीषण गर्मी में स्वाइन फ्लू का वायरस देख चिकित्सक भी हैरान हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के दो मामलों की पुष्टि की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैरान हैं कि सर्दी में फैलने वाला स्वाइन फ्लू गर्मी में कैसे पांव पसार रहा है। प्राइवेट चिकित्सकों का मानना है कि यह वायरस प्रकृति बदल रहा है।

सीएमओ डा. एसके दीक्षित का कहना है कि स्वाइन फ्लू सर्दी में ज्यादा फैलता है। गर्मी में स्वाइन फ्लू का असर कम रहता है। वातानुकूलित वातावरण में रहने और सफर के दौरान स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज के संपर्क में रहने से कई बार स्वस्थ इंसान भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ जाता है। आपके आसपास अगर कोई खांस रहा है तो एहतियात बरतें।
सेवार्थ संस्थान ट्रामा सेंटर के फिजिशियन डा. उमेश गर्ग का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लिए वातावरण 25 डिग्री तक होना चाहिए। मौसम परिवर्तन होने से हर तरह के वायरस सक्रिय हो जाते हैं। एमसी अग्रवाल हास्पिटल के डा. राजीव अग्रवाल ने कहा कि स्वाइन फ्लू का वायरस प्रकृति बदल रहा है। 22 डिग्री तापमान में यह वायरस सक्रिय होता है। मगर गर्मी में वायरस का सक्रिय होना, जाहिर है कि वायरस अलग तापमान में सक्रिय हो रहा है।

डब्ल्यूएचओ से भी लेंगे मार्गदर्शन
सीएमओ ने राज्य के स्वास्थ्य निदेशालय को स्वाइन फ्लू की स्थिति से अवगत करा दिया है। निदेशालय के उच्च अधिकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से भी मार्गदर्शन ले रहे हैं। भीषण गर्मी में आखिर मामले क्यों आ रहे हैं, जबकि स्वाइन फ्लू सर्दी में फैलता है।
लक्षण और सुझाव
-स्वाइन फ्लू होने पर बदन दर्द, खांसी, जुकाम होता है, जो तीन से पांच दिन में ठीक नहीं होता।
-सामान्य खांसी, जुकाम तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता है।
-अगर स्वाइन फ्लू है तो इसकी दवा लें, न लेने पर हालत नाजुक हो सकती है।
-थकावट ज्यादा होती है। नाक से पानी भी बहता है। स्थिति खराब होने लगती है।
-स्वाइन फ्लू की आशंका हो तो सरकारी संस्थान में जाकर जांच करा लेनी चाहिए।
-स्वाइन फ्लू संक्रमित होता है, इसलिए एहतियात बरतने की जरूरत है।

सरकारी लैब में स्वाइन फ्लू जांच का इंतजाम नहीं
जिला स्वास्थ्य विभाग के पास स्वाइन फ्लू जांच करने की पूरी व्यवस्था नहीं है। यहां की
लैब में संदिग्ध मरीज आने पर सिर्फ गले की लार के नमूने लेने का इंतजाम है। लेकिन इसका कोई इंतजाम नहीं जिससे पता चल सके कि मरीज को स्वाइन फ्लू है या नहीं।

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