फ्लोर के हिसाब से तय होंगी फ्लैट की दरें

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Lucknow Published by: Updated Sat, 13 Jul 2013 05:30 AM IST

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लखनऊ। फ्लैट व व्यावसायिक संपत्तियों के साथ कुछ नवविकसित इलाकों की आवासीय भूमि के सर्किल रेट में वृद्धि के प्रस्ताव में संशोधन होगा। फ्लैट का रेट बिल्डिंग के फ्लोर के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। नगर निगम सीमा से बाहर विकसित होने वाले मोहल्लों का सर्किल रेट शहरी क्षेत्र की अपेक्षा कम बढ़ेगा। राजधानी में प्रस्तावित बढ़े हुए डीएम सर्किल रेट को लागू करने से पहले हुई समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने कुछ क्षेत्रों में दरों के संशोधन में सहमति दे दी है।
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राजधानी में भू-संपत्तियों के नए सर्किल रेट का जो प्रस्ताव पिछले दिनों निबंधन अधिकारियों ने तैयार किया उसको लेकर कई क्षेत्रों में आपत्तियां दर्ज हुईं हैं। सबसे ज्यादा आपत्ति नवविकसित इलाकों, पुरानी आबादी वाले मोहल्लों, आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों के रेट वृद्धि को लेकर है। सबसे बड़ी आपत्ति रीयल इस्टेट डवलपर्स एसोसिएशन ने दाखिल की। एसोसिएशन का तर्क है कि किसी भी तरह के बहुमंजिला भवन में मूल्य का निर्धारण उसके फ्लोर के आधार पर होता है। अपार्टमेंट में फर्स्ट फ्लोर की अपेक्षा दूसरे या तीसरे फ्लोर का फ्लैट सस्ता होता है। इसी तरह व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत तय होती है। जबकि डीएम सर्किल रेट वृद्धि का प्रस्ताव पूरे भवन के लिए एक जैसा है जो व्यवहारिक नहीं है। उक्त आपत्ति पर अधिकारी भी व्यावसायिक व आवासीय भवनों के रेट में आंशिक संशोधन के सहमत दिखे। इसी तरह पुरानी आबादी और नगर निगम सीमा से बाहर नवविकसित इलाके के लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। उक्त इलाकों के वृद्धि प्रस्ताव पर भी कई आपत्तियां आई हैं। आलमबाग इलाके में वीआईपी रोड से लगे पुरानी आबादी वाले मोहल्लों में आठ फिट की रोड के आधार पर सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव था। लेकिन यहां करीब आधा दर्जन मोहल्ले के वीआईपी रोड पर आने वाले रास्ते बंद कर दिए गए। इस आधार पर एडवोकेट आरपी कटियार ने यहां पर डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी का विरोध किया था। इसी तरह कृष्णानगर इलाके में नगर निगम सीमा से बाहर नवविकसित अलीनगर सुनहरा, फैजाबाद रोड पर बाराबंकी की सीमा से लगे नवविकसित इलाकों की दरों में संशोधन के लिए अधिकारियों ने सहमति जताई है।


वृद्धि प्रस्ताव पर आई आपत्तियों का अध्ययन किया जा रहा है। कुछ आपत्तियां तर्क संगत हैं। जहां वृद्धि व्यावहारिक नहीं है वहां के प्रस्ताव में संशोधन किया जाएगा। - संजय कुमार सिंह यादव, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)

प्रस्ताव पर आयीं दो और आपत्तियां
सर्किल रेट में वृद्धि प्रस्ताव पर आपत्तियां दर्ज कराने की मियाद बढ़ाने पर दो अन्य लोगों ने विरोध दर्ज कराया है। इंस्टीट्यूशन ऑफ वैल्यूअर्स के स्थानीय चेयरमैन खजान चंद्रा ने ग्रामीण व अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों में शहर की तरह वृद्धि को गैरवाजिब बताया। इसके साथ व्यावसायिक भवनों का मूल्यांकन तल के आधार पर करने का सुझाव दिया। उन्होंने अपार्टमेंट में पार्किंग, गार्ड आदि की सुविधा पर अतिरिक्त वृद्धि समाप्त करने की मांग की है। शुक्रवार को एक आपत्ति दाखिल करने वाले महानगर निवासी एडवोकेट बृजेश कुमार पांडेय का कहना है कि डालीगंज से लेकर बाराबंकी सीमा तक फैजाबाद रोड के किनारे की भू-संपत्तियों के रेट में एक समान वृद्धि व्यावहारिक नहीं है। इसी तरह नगर निगम सीमा से बाहर के नवविकसित इलाकों में डेवलप टाउनशिप की तुलना में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए।

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