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प्रदर्शनी में अपने ‘श्रेष्ठ काम’ दिखाएंगे गुरुजी

Lucknow Updated Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह इस बार केवल मेडल पाने वाली मेधाओं से ही नहीं बल्कि शिक्षकों के कृतित्व से भी दमकेगा। विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के आयोजनों की शृंखला में शिक्षकों की ओर से किए गए शोध कार्यों और प्रकाशनों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। ऐसा पहली बार होगा जब गुरुजी अपने श्रेष्ठ प्रकाशनों के बारे में लोगोें को बताएंगे। लविवि प्रशासन के इस प्रयास ने उन शिक्षकों के चेहरे पर खुशी बिखेरी है, जिनके बहुत अच्छे काम अब तक लोगों के सामने नहीं आ सके हैं। दूसरी ओर, गुणवत्ता के मानक पर सार्वजनिक रूप से कसे जाने की इस कवायद ने कुछ शिक्षकों की धड़कनें तेज कर दी हैं। लविवि में शोध कार्य एवं शैक्षणिक साख को लेकर पिछले कुछ वर्षों में सवाल उठे हैं। हालांकि विवि प्रशासन एवं बहुत से शिक्षकों का यही तर्क होता है कि उनके अच्छे काम सही ढंग से लोगों के सामने नहीं रखे जाते। ऐसे में विवि प्रशासन ने दीक्षांत के अवसर को अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के प्रदर्शन मंच के रूप में भी इस्तेमाल करने का फैसला किया है। दीक्षांत समारोह में 18 और 19 फरवरी को फैकेल्टी पब्लिकेशंस प्रदर्शनी लगेगी। एंथ्रोपोलॉजी विभाग के प्रो. नदीम हसनैन को इसका संयोजक बनाया गया है। प्रदर्शनी के लिए सभी विभागों से उनके शिक्षकों की प्रकाशित पुस्तकें एवं शोेधपत्र मांगे गए हैं। एक शिक्षक के लिए अधितकम पांच पुस्तकों और पांच शोधपत्रों की सीमा तय की गई है। 15 फरवरी तक विभागों को इसकी सूची समन्वयक को उपलब्ध करानी होगी। प्रदर्शनी में हर विभाग से दो शोध छात्र अपने विभागीय काउंटर के समक्ष मौजूद रहेंगे, जिससे यहां आने वाले लोगों को प्रदर्शित पुस्तकों एवं प्रकाशनों के महत्व, संदर्भ एवं उससे जुड़ी जानकारियां दी जा सकें।
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अंजता से अर्थशास्त्र तक सुलझेगी गुत्थी ः 20 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह का कलेवर 15 फरवरी से ही दिखने लगेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं में जहां छात्र अपना हुनर बिखेरेंगे, वहीं विशेषज्ञ इतिहास से लेकर अर्थशास्त्र तक की गुत्थियां सुलझाएंगे। व्याख्यानमाला में वड़ोदरा के डॉ. राजेश कुमार सिंह अजंता की बारीकियां बताएंगे तो योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. मोंटेक सिंह आहलुवालिया अर्थशास्त्र के आयामों पर चर्चा करेंगे। डॉ. आहलुवालिया समारोह में दीक्षांत भाषण भी देंगे। समारोह के बाद उनका विशेष व्याख्यान 20 फरवरी को दोपहर तीन बजे से होगा।


393 को मिलेगी पीएचडी ःदीक्षांत समारोह में 40 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं को डिग्री मिलने की उम्मीद है। विवि प्रशासन डिग्री को अंतिम रूप देने में लगा है। सूत्रों के अनुसार समारोह में 393 शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री अवॉर्ड होगी। इसके अलावा लगभग 5500 छात्र-छात्राओं को परास्नातक एवं 35000 छात्र-छात्राओं को स्नातक की उपाधि दी जाएगी।

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