बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट तय करेगा 42 शिक्षकों की तकदीर

Lucknow Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में 42 शिक्षकों की नियुक्ति का मामला एक बार फिर (बॉम) के पाले में है। इन नियुक्तियों में अनियमितता की शिकायतें हैं। पूर्व कुलपति के कार्यकाल में हुई इन नियुक्तियों की बॉम से लेकर राष्ट्रपति भवन तक जांच के आदेश हुए थे, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में ही रहा। अब तक बॉम को दरकिनार करने वाले बीबीएयू प्रशासन ने नए निजाम की अगुवाई में इस मामले को बॉम में ही हल करने का फैसला किया है।
विज्ञापन

बीबीएयू के पूर्व कुलपति प्रो. बी. हनुमैय्या के कार्यकाल में 2011 में 42 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। त्कालीन कुलपति ने अपनी आपात शक्तियोें का प्रयोग करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के 42 पदों पर न केवल नियुक्ति की थी बल्कि बिना बॉम की अनुमति उनके नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए। बॉम ने अपनी 40वीं बैठक में इन सभी नियुक्तियों को स्थगित कर दिया। बावजूद इसके कुलपति ने 41वीं बैठक में दोबारा इन नियुक्तियों को अनुमोदन के लिए रख दिया। बॉम ने तीन सदस्यों की जांच समिति बनाकर नियुक्तियों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। लेकिन बजाय इस निर्देश के अनुपालन के विवि प्रशासन ने सर्कुलेशन के द्वारा बैठक कर नियुक्तियों को सही ठहराने की कवायद शुरू कर दी। जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हुई और अगली मीटिंग में भी इसका अनुमोदन कराने के लिए विवि प्रशासन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। इस मामले में राष्ट्रपति भवन ने बीबीएयू प्रशासन को नोटिस जारी किया था।


चहेतों की नियुक्ति के लिए हुए खेलः आरोप है कि इकोनॉमिक्स में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर ऐसे शिक्षक का चयन किया गया, जिसे एप्लीकेशन शॉर्ट लिस्ट में नॉट इलिजिबल एवं नॉट एक्सपीरिएंस का रिमार्क दिया गया था, लेकिन एप्लीकेशन से ‘नॉट’ शब्द काटकर सलेक्शन कमेटी के सामने रख दिया गया। इसी तरह एप्लाइड एनिमल साइंस में प्रकाश यादव ने नियुक्ति में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दस दिन पहले ही सलेक्शन कमेटी के एक्सपर्ट एवं चयनित होने वाले शिक्षक का नाम सार्वजनिक कर दिया था। इसमें पैसे के लेन-देन के आरोप भी लगाए थे। आरोपों को तब बल मिले, जब कमेटी में वही एक्सपर्ट आया और उसी शिक्षक का चयन हुआ, जिसका नाम पहले उजागर किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लखनऊ विश्वविद्यालय की भी एक शिक्षिका ने इस नियुक्ति को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

स्थायीकरण पर एमएचआरडी की ना ः 42 शिक्षकों का प्रोबेशन पीरिएड पूरा होने के बाद बीबीएयू प्रशासन ने इन्हें स्थायी बनाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से निर्देश मांगा था। इस पर एमएचआरडी ने साफ मना कर दिया था। एमएचआरडी का कहना था कि विवि के स्टेट्यूट के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बॉम ही सक्षम प्राधिकारी है। जब तक इन शिक्षकों की नियुक्ति को बॉम की मंजूरी नहीं मिलती है तब तक उनका प्रोबेशन पूरा होने एवं उन्हें स्थाई किए जाने का सवाल ही नहीं उठता है। जो शिक्षक दूसरे संस्थान से आए थे उन्हें एमएचआरडी ने अपने मूल संस्थान वापस जाने की सलाह भी दी थी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us