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जिला को-ऑरेटिव बैंक पर सपा का कब्जा

Lucknow Updated Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। जिला को-ऑपरेटिव बैंक (डीसीबी) संचालक मंडल के 14 डायरेक्टरों में से 10 का शनिवार को निर्विरोध निर्वाचन हो गया। इनके खिलाफ किसी ने नामांकन नहीं किया। निर्वाचित कोटे की चार सीटें कोई पर्चा दाखिल न होने से खाली रह गईं। निर्विरोध निर्वाचित दस डायरेक्टरों में आठ सपा के हैं। ऐसे में एक तरह से डीसीपी प्रबंध तंत्र पर सपा का कब्जा हो गया। 12 फरवरी को दस डायरेक्टरों में संचालक मंडल के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। नामांकन के दौरान दोपहर को डीसीबी मुख्यालय के सामने हंगामा व मारपीट भी हुई। एक निर्वतमान पदाधिकारी ने सपा से जुड़े नेताओं पर मारपीट का आरोप लगाया है। हाईकोर्ट के आदेश पर महीने भर में दोबारा हो रहे डीसीबी संचालक मंडल चुनाव में शनिवार का दिन नामांकन व जांच के लिए तय किया गया था। प्रशासन की तरफ से निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए अपर नगर मैजिस्ट्रेट-तृतीय शंकर मुखर्जी ने हजरतगंज स्थित डीसीबी मुख्यालय में प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार किए। निर्धारित समय तक निर्वाचित कोटे की 14 सीटों में केवल 10 के लिए ही नामांकन दाखिल हुए। इनमें नौ सीटों के लिए एक-एक नामांकन ही हुआ। केवल विशेष योग्यता वाली वृत्तिक क्षेत्र (विधि) की एक सीट के दो नामांकन दाखिल हुए। उनमें भी श्रवण कुमार ने कुछ देर में ही अपना नाम वापस ले लिया और राम किशोर एकमात्र प्रत्याशी बचे। इसी तरह नौ अन्य सीटों पर भी एक-एक ही नामांकन हुआ। निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच के बाद वृत्तिक क्षेत्र (विधि) सीट से राम किशोर, वृत्तिक क्षेत्र (कृषि) से श्रीकांत उर्फ शिवराज सिंह, सदर सीट से हरदयाल, माल से लाल बहादुर, मलिहाबाद से विद्या भूषण, बख्शी का तालाब की दो सीटों से राजेश बाबू मिश्र व कृष्ण गोपाल सिंह और मोहनलालगंज क्षेत्र की तीन सीटों पर क्रमश: राजेश कुमार सिंह, देशपाल सिंह और श्रीमती संतोष कुमारी के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। डीसीबी के 16 सदस्यीय संचालक मंडल में निर्वाचित कोटे की चार सीटें नामांकन दाखिल न होने के चलते खाली रह गईं। इनमें सरोजनीनगर, सहानुभूति सदस्य, विशेष समित और वृत्तिक क्षेत्र (बैंकिंग) शामिल हैं। इसके बावजूद डीसीबी प्रबंध तंत्र पर सपा का कब्जा होना तय माना जा रहा है क्योंकि निर्विरोध निर्वाचित दस में आठ डायरेक्टर पार्टी के हैं। अन्य दलों से जुड़े बताए जा रहे दो डायरेक्टरों के भी अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा का समर्थन करने की चर्चा हैं। अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी जिताने के लिए सपा के सांसद, विधायक सहित कई बड़े नेता सक्रिय हैं। शनिवार को नामांकन के दौरान उस समय हंगामा हो गया जबकि डीसीबी के एक निवर्तमान पदाधिकारी ने सपा नेताओं पर कुछ आरोप लगाए। सपा समर्थकों ने विरोध जताते हुए निर्वतमान पदाधिकारी को घेर लिया। आरोप है कि मारपीट भी की। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर स्थिति संभाली। राजधानी का जिला को-ऑपरेटिव बैंक होने के नाते इसके संचालक मंडल का चुनाव हमेशा प्रतिष्ठापूर्ण रहा है। बैंक के प्रबंधन तंत्र पर कब्जा बनाने के लिए हमेशा से सत्तापक्ष पूरी ताकत झोंक देता है। इस बार भी यही स्थिति दिखाई दी। सत्तापक्ष केकई नेता दर्जनों समर्थकों सहित नामांकन के दौरान हजरतगंज स्थित जिला को-ऑपरेटिव बैंक मुख्यालय के सामने डटे रहे। वैसे सपा की तरफ से अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए अभी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 12 फरवरी को होने वाले अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की सहमति मिलने के बाद ही होगी। वैसे माल से लाल बहादुर एवं वृत्तिक क्षेत्र (विधि) से निर्वाचित श्रीकांत को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है।
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