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यूपी बोर्ड परीक्षा में 6,000 कक्ष निरीक्षक रखेंगे परीक्षार्थियों पर नजर

Lucknow Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षाओं में 6,000 कक्ष निरीक्षक परीक्षार्थियों पर नजर रखेंगे। राजधानी में बोर्ड परीक्षा में क्षमता से अधिक बच्चों का पंजीकरण कराने वाले विद्यालयों पर नजर रखने और परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए इस बार कक्ष निरीक्षकों की संख्या में यह बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं कक्ष निरीक्षकों की तैनाती में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सूचना के प्रारूप तक में बदलाव की तैयारी की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक के स्तर पर नए प्रारूप पर काम किया जा रहा है। अगले दो से तीन दिन के भीतर इसे जारी कर दिया जाएगा। आगामी यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए राजधानी में 156 विद्यालयों को केन्द्र बनाया गया है। इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की इन परीक्षाओं में 1.10 लाख छात्र शामिल होंगे। बीते सालों के दौरान परीक्षा के लिए 5,000 से 5,500 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाती रही है। लेकिन इस बार व्यवस्था को पुख्ता करते हुए 6,000 कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही फर्जी कक्ष निरीक्षकों की धर पकड़ के लिए भी सख्ती की जाएगी। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने के लिए सभी कक्ष निरीक्षकों को पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। बिना पहचान पत्र के किसी भी कक्ष निरीक्षक को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा के दौरान कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए सभी कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा से 48 घंटे पहले तक परीक्षा केन्द्र व्यवस्थापक को रिपोर्ट करना होगा। निर्धारित समय सीमा में केन्द्रों पर न पहुंचने वाले कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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दो स्तरों पर होगी दस्तावेजों की जांच ः कक्ष निरीक्षकों की तैनाती के लिए सूचनाएं इकट्ठा करने के लिए निर्धारित प्रारूप में भी सुधार किया जाएगा। जिम्मेदारों के मुताबिक पहले कक्ष निरीक्षकों की सूचनाओं की जांच में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। इसके मद्देनजर मौजूद सत्र में इसमें बदलाव किया जाएगा। डीआईओएस ने बताया कि कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी पर तैनात किए जाने वाले शिक्षकों को पहचान पत्र जारी करने से पहले भी सावधानियां बरती जाएंगी। विद्यालयों को तैनाती के लिए शिक्षकों की सूचनाओं के साथ नियुक्ति पत्र और शैक्षिक योग्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। गड़बड़ियां रोकने के लिए दस्तावेजों की दो स्तरों पर जांच की जाएगी। पहले सभी दस्तावेज नोडल सेंटर पर जांचे जाएंगे। नोडल सेंटर के माध्यम से सूचनाएं जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्राप्त की जा जाएंगी। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही पहचान पत्र जारी होंगे। सूचनाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के लिए विद्यालय खुद जिम्मेदार होंगे।
बेसिक से लिए जाएंगें शिक्षक ः राजधानी में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के लिए 6,000 कक्ष निरीक्षकों की जरूरत है। इस संख्या को पूरा करने के लिए राजधानी के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब एक हजार शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी में लगाया जाएगा। डीआईओएस उमेश त्रिपाठी ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर परिषद के विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की मांग की गई है। प्रत्येक केन्द्र पर परिषदीय विद्यालयों के पांच शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। इसमें तीन पुरुष और दो महिला शिक्षिका शामिल होंगी।
संवेदनशील केंद्रों पर होगी कड़ी नजर ः बोर्ड परीक्षाओं के लिए क्षमता से अधिक बच्चों का पंजीकरण कराने वाले विद्यालयों के ऊपर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे विद्यालयों को चिह्नित करके यहां परीक्षा के दौरान पूरा स्टाफ बदला जाएगा। परीक्षा कक्ष में निरीक्षक के जिम्मेदारी पूरी तरह से वाह्य कक्ष निरीक्षकों को सौंपी जाएगी। वहीं, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर नजर रखने के लिए भी यहीं रणनीति अपनाए जाने की घोषणा की गई है।
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