पॉलीटेक्निक छात्र की खुदकुशी का मामला : प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Lucknow Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। ‘राहुल का उत्पीड़न हीवेट पॉलीटेक्निक का प्रिंसिपल कर रहा था। इसी से परेशान होकर ही उसने जान दे दी।’ बृहस्पतिवार सुबह राहुल के पिता ने यह आरोप लगाते हुए महानगर कोतवाली में प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उधर, सुबह से ही राहुल के कमरे पर सैकड़ों छात्र एकत्र हो गए। पिता के आने पर पुलिस ने शव नीचे उतारा, जिसे लेकर साथी छात्र हीवेट पॉलीटेक्निक परिसर पहुंच गए और घंटों प्रदर्शन किया। वे प्रिंसिपल के निलंबन व मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपए मुआवजे देने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामला शांत कराया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
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मालूम हो कि प्रिंसिपल के उत्पीड़न से परेशान होकर बुधवार को महानगर स्थित हीवेट पॉलीटेक्निक में सिविल (तृतीय वर्ष) के छात्र राहुल (18) ने खुदकुशी कर ली थी। साथी की मौत से नाराज छात्रों ने प्रिंसिपल पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था। भड़के छात्रों ने पुलिस को माता-पिता के आने से पहले शव भी नहीं उतारने दिया था। बृहस्पतिवार सुबह बलिया से लखनऊ पहुंचे पिता रूपचंद राम की तहरीर पर पुलिस ने प्रिंसिपल डॉ. उमेश चंद्र वाजपेयी पर धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद शव फंदे से उतारा जा सका। उधर, सुबह से ही जुटे छात्र साथी का शव लेकर पॉलीटेक्निक कॉलेज पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र कॉलेज प्रशासन व प्रिंसिपल विरोधी नारे लगा रहे थे। वे प्रिंसिपल के निलंबन व मृतक छात्र के घर वालों को 20 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना पर संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा पीके वर्मा, एडीएम (प्रशासन) एके पांडेय व एएसपी (क्राइम) उमेश सिंह, सीओ गोमतीनगर नित्यानंद, सीओ महानगर समेत कई आला अफसर मौके पर पहुंचे। अफसरों ने तीन घंटे कड़ी मशक्कत कर छात्रों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर छात्र का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

प्रिंसिपल पर तकनीकी दक्षता न होने का लगाया आरोप ः प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि प्रिंसिपल का रवैया गैर जिम्मेदाराना है। तकनीकी दक्षता न होने के चलते अपना गुस्सा छात्रों पर निकालते हैं। 22 दिसंबर 2012 को भी इसी के चलते उन्होंने सभी छात्रों के अनुशासन व खेलकूद में नंबर काट लिए थे। इसके कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। कोई भी नामी कंपनी कैंपस सेलेक्शन के लिए नहीं आ रही है। राहुल भी इसी से परेशान था। उप्र शासन के संयुक्त निदेशक पीके वर्मा ने छात्रों की समस्या को शासन स्तर पर पहुंचाने व हीवेट पॉलीटेक्निक के प्रिंसिपल को हटाने का आश्वासन दिया है।
पूरी रात कमरे के बाहर बैठे रहेे सैकड़ों छात्र ः परिजनों के इंतजार में सैकड़ों छात्र रात भर राहुल के कमरे के बाहर बैठे रहे। इस दौरान महानगर कोतवाली के दो सिपाही भी मौजूद रहे। बृहस्पतिवार सुबह पिता रूपचंद राम अपने दूसरे बेटे राजीव व अन्य लोगों के साथ पहुंचे। अपने लाडले का शव देख रूपचंद बिलख पड़े। रूपचंद के तीन बेटों में राहुल सबसे छोटा था, जबकि एक छोटी बहन सुमन भी है। भाई राजीव ने बताया कि मां सुदावती देवी को अभी राहुल की मौत के बारे में नहीं बताया गया है।
माता-पिता के सपनों पर फिर गया पानी ः राहुल परिवार का इकलौता लड़का था, जिसे पढ़ने के लिए बाहर भेजा गया था। माता-पिता ने बेटे के सपने पूरा करने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। राहुल भी लगन और मेहनत से पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहा था, मगर ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। जवान बेटे की मौत ने पिता को तोड़कर रख दिया। बेटे को इंजीनियर बनाने का उनका सपना बिखर गया।

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