विज्ञापन

ट्रेन ड्राइवरों ने लगाई समस्याओं की झड़ी

Lucknow Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
लखनऊ। रेलवे द्वारा ड्राइवराें को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। कोहरे में ड्राइवर अनुभव के आधार पर ट्रेन संचालित कर रहे हैं। तीन-तीन सौ किमी तक न तो उन्हें चाय मिलती हैं और न ही आराम करने के लिए साउंड प्रूफ कमरा। छह घंटे की नींद लेकर तमाम ड्राइवर ट्रेन संचालित करने को विवश हैं। ऐसे में ट्रेनों के सुरक्षित संचालन पर सवाल खड़ा हो गया है! जब ड्राइवरों, गेटमैन व शंटरों ने ऐसी गंभीर समस्याओं से रेलवे अधिकारियों को अवगत कराया तो अफसरों को चुप रहने के अलावा कुछ नहीं सूझा। मौका था बृहस्पतिवार को डीजल शेड् में आयोजित सेफ्टी सेमिनार का। इसमें लखनऊ, बनारस, रायबरेली, सुल्तानपुर के तमाम ड्राइवरों ने डीआरएम के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। ड्राइवरों ने कहा कि जिस इंजन का वाइपर टूटा हो और इंजन में लगे सभी शीशे एयर टाइट न हो तो ऐसे में ट्रेन संचालन कितना सुरक्षित होगा। इस स्थिति में ड्राइवर खुद को ठंड से बचाए या फिर ट्रेन चलाए। इस पर डीआरएम जगदीप राय ने चरणबद्ध तरीके से समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया। वहीं, लखनऊ मंडल के नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन के मंत्री आरके पांडे ने सवाल उठाया कि आखिर परिचालन कर्मियों को उनकी मूलभूत सुविधाएं कब मुहैया होंगी। ऐसे में कैसे उम्मीद की जा सकती है कि ट्रेन संचालन बेहतर हो और ट्रेनें समय से चले। पांडे ने कहा कि कर्मचारियों की सुविधाओं में कटौती की जा रही है जो गलत है। वहीं, सेमिनार में सहायक महाप्रबंधक के न पहुंचने से कर्मचारियों में नाराजगी भी रही।
विज्ञापन
लालटेन के सहारे बंद कर रहे गेट ः उतरठिया गेट संख्या 202 एसी पर तैनात धीरेेंद्र मिश्रा आरोप लगाते हैं कि उनके गेट से 24 घंटे में साठ से अधिक ट्रेनें निकलती हैं। ऐसे में रात को आसपास के ग्रामीण आए दिन बैरियर से टकराकर गिरते हैं। संबंधित सुपरवाइजरों व अफसरों से कई बार मर्करी लाइट लगाने का आग्रह किया जा चुका है, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में लालटेन के सहारे गेट बंद किया जा रहा है।
अफसरों को होना होगा गंभीर ः मालगाड़ी के ड्राइवर मोहम्मद नसीम कहते हैं कि हर बार सेफ्टी सेमीनार में वही एक मुद्दा उठता है। संबंधित अफसरों को भी गंभीर होना चाहिए। इंजनों के शीशे अगर खुले रहेंगे तो ड्राइवर ट्रेन कैसे चलाएगा। नसीम कहते हैं कि ड्रेस कोड मुसीबत बन गया है। ड्राइवर जाकेट तक नहीं पहन सकता। मजबूरी में कोट पैंट लादना पड़ता है। इससे ठंड दूर नहीं होती।
शिकायत के बावजूद मामला सिफर ः ड्राइवर टीएस मीना की मानें तो इंजनों के वाइपर खराब हैं। ऐसे में कोहरे के समय इंजन के ग्लास पर कोहरे की परतें जम जाती है आगे कुछ दिखाई ही नहीं देता। बार-बार सिर निकालकर देखना पड़ता है। कई बार वाइपरों को दुरुस्त करने की शिकायत की जा चुकी हैं। लेकिन स्थिति जस की तस है।
लखनऊ मंडल में पटाखे व चूने का छिड़काव बंद ः सिगनल से पहले रेलवे पटरी पर पटाखे रखने की परंपरा रेलवे में खत्म होती जा रही है। इस बार रेलवे में किसी भी रेलखंड पर पटाखे का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों ने साफ तौर पर वरिष्ठों को लिखित में दे दिया है कि उनके पास आदमी नहीं है। ऐसे में पूरे मंडल के लिए मंगाए गए लाखों के पटाखे शो पीस बने हुए हैं। वहीं, ट्रेनों का संचालन ड्राइवर अपने अनुभव के आधार पर कर रहे हैं। इसी तरह चूने का छिड़काव व बोर्ड पर पेटिंग न होने से ड्राइवरों के सामने संकट है कि वह ट्रेन संचालन कैसे करें।
दूसरे मंडल में ट्रेनों को कर देते हैं घंटों खड़ा ः सेमिनार में ड्राइवरों ने प्रमुख रूप से मुद्दा उठाया कि उनकी ट्रेनों व मालगाड़ियों को अकसर दूसरा मंडल में प्रवेश करने के लिए घंटों आउटर पर इंतजार करना पड़ता है। ड्राइवरों ने डीआरएम से मांग की कि अमूमन यह समस्या मुगलसराय, व्यास स्टेशन और कानपुर स्टेशन के पास होती है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Gorakhpur

आज अपने शहर में होंगे मुख्यमंत्री योगी, चीनी मिल का करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को शहर में होंगे। वह दो दिवसीय (17-18 नवंबर) दौरे पर गोरखपुर आ रहे हैं।

17 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

नोएडा में सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराई स्कूल बस

यूपी के नोएडा से एक बुरी खबर सामने आ रही है। यहां रजनीगंधा चौक पर बच्चों से भरी एक स्कूल बस डिवाइडर से टकरा गई, जिस वजह से 12 बच्चे घायल हो गए हैं। हादसे में बस के ड्राइवर और कंडक्टर भी घायल हुए हैं।

17 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree