पांच करोड़ से लौटेगी लाल बारादरी की रौनक

Lucknow Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। प्राचीन स्थापत्य परंपरा एवं नक्काशी की खूबसूरती समेटे लखनऊ विश्वविद्यालय की लाल बारादरी की रौनक लौटाने के लिए पांच करोड़ रुपये की जरूरत है। जबकि एक करोड़ रुपये मछली द्वार के संरक्षण के लिए चाहिए। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसका इस्टीमेट तैयार किया है। धन के लिए लविवि प्रशासन ने संस्कृति मंत्रालय को पत्र लिखा है। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर के मध्य में स्थित लाल बारादरी 150 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। नवाबों ने इसका निर्माण कराया था। लखौरी ईंटों से बने इस भवन में 12 द्वार हैं और लखनवी स्थापत्य की सारी खूबियों से यह लैस है। कुछ वर्षों पहले तक इस भवन में यूको बैंक की विश्वविद्यालय शाखा संचालित होती थी। रख-रखाव के अभाव में भवन जर्जर एवं खतरनाक होता गया और वहां से शाखा स्थानांतरित कर दी गयी। अभी भी भवन के एक हिस्से में कैंटीन संचालित होती है और उसके बगल में स्टाफ क्लब बना हुआ है जो शिक्षकों के बैठने के इस्तेमाल में आता है। लेकिन आगे का हिस्सा पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। कुछ जगह छतें धंस चुकी हैं और कहीं दीवारों के प्लास्टर गिर रहे हैं। कुछ यही स्थिति मछली द्वार की भी है। 27 नवंबर को लविवि प्रशासन एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने लाल बारादरी एवं मछली द्वार का निरीक्षण किया था। एएसआई ने उम्मीद जताई थी कि भवन को अभी संरक्षित किया जा सकता है। निरीक्षण के बाद लविवि को एएसआई ने संभावित आर्थिक जरूरतों का प्रस्ताव भेज दिया है। लाल बारादरी एवं मछली द्वार के जीर्णोद्धार के लिए लगभग छह करोड़ रुपये की जरूरत है। रजिस्ट्रार जेबी सिंह का कहना है कि इस्टीमेट को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को भेज दिया गया है। हमें उम्मीद है कि इन ऐतिहासिक निर्माणों को बचाने के लिए हमें अनुदान मिल जाएगा।
आर्ट्स कॉलेज पर भी नजर ः लविवि प्रशासन ने अगली योजना में आर्ट्स कॉलेज का सौंदर्यीकरण शामिल किया है। रजिस्ट्रार ने बताया कि आर्ट्स कॉलेज के कायाकल्प के लिए भी जल्दी ही प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी के माध्यम से संस्कृति मंत्रालय को भेजा जाएगा। इसके संरक्षण एवं विकास में कुछ खर्चे का 20 फीसदी लविवि प्रशासन देगा।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार, पक्ष में माहौल बनाने के लिए अपनाया ये तरीका

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

18 जनवरी 2018

Related Videos

ये है यूपी का चलता-फिरता सुपर कंम्प्यूटर

सहारनपुर के चिराग का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज है। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले चिराग को 20 करोड़ तक के पहाड़े मुंहजुबानी याद हैं। गणित में कंप्यूटर से भी तेज दिमाग रखने वाले चिराग बड़े होकर वैज्ञानिक बनना चाहते हैं।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper