प्रदेश को समान शिक्षा व्यवस्था की जरूरत

Lucknow Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। अमेरिका और जापान जैसे विकसित राष्ट्रों में स्कूली शिक्षा का निजीकरण नहीं किया गया है। माध्यमिक शिक्षा सरकार की ही जिम्मेदारी है। वहीं, एक प्रगतिशील देश होने के बावजूद भी भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में शिक्षा का तेजी से निजीकरण हो रहा है। अमीर घर का बच्चा एक बड़े निजी स्कूल में पढ़ते हैं, तो एक गरीब घर के बच्चे के लिए स्कूली शिक्षा पाना भी टेढ़ी खीर साबित होता है। विकास के रास्ते पर एक साथ आगे बढ़ने के लिए इस अमीर शिक्षा और गरीब शिक्षा के भेद को मिटाने करने की जरूरत है। यह विचार विधान परिषद के नेता व माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने रखे। वह बृहस्पतिवार को क्वींस इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षा का अधिकार कानून इसी दिशा में एक अहम कदम है। इसके दायरे को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। जरूरत है कि बारहवीं तक की शिक्षा में बच्चों को इसका लाभ दिया जाए। उन्होंने शिक्षा की वर्तमान स्थिति में व्यापक सुधार के लिए पड़ोस का स्कूल व्यवस्था पूरी तरह से लागू किए जाने की मांग को उठाया। उन्होंने कहा कि हर एक किमी के दायरे में विद्यालय की व्यवस्था की जानी चाहिए।
शिक्षकों को प्रशिक्षण की जरूरत ः शिक्षा के तौर तरीकों में लगातार सामने आ रहे बदलावों के मद्देनजर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को तैयार करने की जरूरत है। शिक्षक नेता ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर करोड़ रु पये खर्च कर रही है। जबकि मौजूदा शिक्षकों को इसके लिए तैयार कर दिया जाता तो इसे और बेहतर ढंग से बच्चों तक पहुंचा सकते हैं। इसी तरह शिक्षण के तरीकों में हर रोज सामने आ रहे बदलावों से शिक्षकों को परिचित कराने के लिए जरूरी है कि उनके लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाए। सम्मेलन में शिक्षक विधायक हेम सिंह पुंडीर, जगवीर किशोर जैन, देवी दयाल शास्त्री, सुभाष चंद्र शर्मा, सुरेश कुमार त्रिपाठी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, ठाकुर प्रसाद यादव, पूर्व विधायक प्रमोद कुमार मिश्र, संयुक्त शिक्षा निदेशक विकास श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी के साथ ही प्रदेशीय, मंडलीय एवं जनपदीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन एवं समारोह के संयोजक क्वींस कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आरपी मिश्र ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। संचालन की जिम्मेदारी संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शुक्ल ने संभाली।
466 शिक्षकों का सम्मान ः संगठन के वार्षिक सम्मेलन के साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं शिक्षक विधायकों ने 466 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को माला और शाल देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही लखनऊ में कार्यरत 392 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का प्रदेश अध्यक्ष से परिचय कराया।
इनको मिला विशेष सम्मान ः मुख्य अतिथि की ओर से संगठन के संघर्षों में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इसमें, मुमताज इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य इनायत उल्लाह खां, बीएन लाल वोकेशनल इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष डा.ॅ धनंजय गुप्ता, डीपी श्रीवास्तव, डॉ. ओपी त्रिपाठी, गिरिधर गोपाल श्रीवास्तव, हरिनाम सिंह, हरिप्रसाद मिश्र शामिल रहे।

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