मॉल में भी वायु प्रदूषण, सेहत पर खतरा

Lucknow Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। चमकते-दमकते शॉपिंग मॉल भी वायु प्रदूषण से मुक्त नहीं हैं। लखनऊ के सभी मॉल में इंडोर एयर पॉल्यूशन बढ़ने और लोगों के इनकी चपेट में आने की संभावनाएं हैं। ये बात भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) द्वारा मॉल से लिए गए सैंपल सर्वे में उजागर हुई है। हालांकि, मौजूदा आंकड़े राजधानी के मॉल की हवा में प्रति क्यूबिक मीटर पीएम (पार्टिक्यूलेट मैटर) 2.5 और पीएम 10 की मौजूदगी मानकों से कम बताते हैं लेकिन यहां उपयोग होने वाले केमिकल और उपकरणों से पैदा होने वाली गैसों से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। यहां वेंटीलेशन, एसी और अन्य फिल्टर उपकरणों को बेहतर बनाने की जरूरत है। आईआईटीआर के वैज्ञानिकों और अध्ययनकर्ताओं डॉ. एएच खान, जीसी किस्कु और एससी बरमन ने राजधानी के विभिन्न मॉल से गर्मी और मानसून में हवा की क्वालिटी जानने के लिए ये सैंपल लिए थे। हाल में आयोजित सोसाइटी ऑफ टॉक्सिकोलॉजी की वार्षिक बैठक में इसके नतीजों को रखा गया। प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एएच खान ने बताया कि जैसे-जैसे मॉल जाने वालों की संख्या बढ़ रही है, वहां बेहतर वेंटीलेशन और एयर फिल्टर उपकरणों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। डॉ. खान के अनुसार राजधानी के मॉल पर विस्तृत अध्ययनों की जरूरत है ताकि वहां की हवा में मौजूद प्रदूषण से सेहत को होने वाले नुकसान का आकलन किया जा सके। सैंपल सर्वे में मिले आंकड़े खतरे से ज्यादा दूर नहीं है।
दूसरी ओर पिछले सप्ताह लखनऊ आए इंडोर एयर पॉल्यूशन पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेस बंगलूरू के वैज्ञानिक प्रो. आर कुमार ने बताया कि करीब 80 हजार से ज्यादा रसायन और गैसें आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी हैं। टॉक्सिकोलॉजी में इनसे सेहत पर असर का व्यापक अध्ययन अभी शुरू नहीं हुआ है। मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है और ऐसे में ज्यादा लोगों की सेहत पर इन तत्वों का खतरा है। उन्होंने बताया कि भीड़ से एसी का प्रभाव भी घट जाता है और वेंटीलेशन भी रुकने लगता है।
सर्वे के परिणाम
तत्व लखनऊ के मॉल ट्रांसगोमती के मॉल सुरक्षित स्तर
पीएम2.5 45 54 60
पीएम10 51 93 100
कार्बन डाई ऑक्साइड 967 1475 1000
कार्बन मोनो ऑक्साइड 14 23 26.3
(नोट : सभी आंकड़े पीपीएम (पार्टिकल पर मिलियन) में )
*पीएम2.5 = 2.5 माइक्रॉन से कम व्यास के तत्व
*पीएम10 = 10 माइक्रॉन से कम व्यास के तत्व
इनसे है खतरा
1. पार्टिक्यूलेट मैटर : सांसों के साथ शरीर में दाखिल होकर ये तत्व श्वांस संबंधी बीमारियों की वजह बनते हैं।
2. गैसें : कुछ मॉल में कार्बन डाई ऑक्साइड सुरक्षित स्तर से अधिक मिला जो सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती हैं।
3. पेंट : शॉपिंग मॉल में अधिकतर लकड़ी के निर्माण में विनाइल जैसे तत्वों का पेंट उपयोग किया जा रहा है। इनसे लगातार निकलती गैसें भी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह हैं। कंप्यूटर, प्रिंटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ओजोन गैस पैदा करते हैं।

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