कानून बना मिलावटखोरों का हथियार

Lucknow Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। हजरतगंज के चर्चित स्वीट हाउस में काजू-बादाम की मिस ब्रांडिंग पकड़ी गई। इंदिरानगर इलाके की नामी मिठाई दुकान में मिलावटी खोया मिला। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले शहर के ऐसे ढाई दर्जन प्रतिष्ठानों व कारोबारियों के खिलाफ इस साल खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शिकंजा कसा। उसकी रिपोर्ट के आधार पर एडीएम कोर्ट ने लाखों रुपये का जुर्माना ठोंका। लेकिन अधिकांश के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई। जानकारों के अनुसार मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के कानून का आधा-अधूरा क्रियान्वयन उनके लिए वरदान साबित हो रहा है।
मिलावटखोरों को राहत अपील ट्रिब्यूनल न बनने के चलते मिल रही है। खाद्य विभाग की जनपद स्तरीय इकाइयां 5 अगस्त 2011 से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (एफएसएसए) के तहत जांच व कार्रवाई करती हैं। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि जांच में मिलावट व अन्य कमी पाए जाने पर मुकदमे की कार्रवाई होती है। राजधानी में जुर्माने वाले मामलों की सुनवाई एडीएम की कोर्ट में होती है और कारावास की सजा वाले केस अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) की कोर्ट में दाखिल होते हैं। एडीएम कोर्ट ने इस साल नवंबर तक मिलावट व मिस ब्रांडिंग (बेस्ट यूज व पैकिंग का उल्लेख नहीं) के 30 मामलों में आरोप साबित होने पर संबंधित कारोबारियों पर 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा सुनाई। इनमें केवल आठ कारोबारियों ने ही जुर्माने की अदायगी की। बाकी उच्च न्यायालय चले गए।
विभागीय जानकार बताते हैं कि एडीएम कोर्ट से जुर्माना होने के बावजूद उच्च न्यायालय से राहत मिलने की वजह अपील ट्रिब्यूनल का न होना है। क्योंकि मौजूदा अधिनियम में ऐसे ट्रिब्यूनल की व्यवस्था है, जहां निचली अदालत के फैसलों के खिलाफ संबंधित पक्ष अपील कर सके। अपील के लिए 30 दिन का समय भी निर्धारित है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई तो अगस्त 2011 से हो रही है, लेकिन ट्रिब्यूनल का गठन अभी तक नहीं हो पाया। इसी के आधार पर मिलावटखोरों को लगातार राहत मिलती जा रही है। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि ट्रिब्यूनल के गठन का फैसला शासन स्तर से होना है। पिछले माह एक मामले में उच्च न्यायालय ने शासन में खाद्य विभाग के आला अफसर को तलब भी किया था।

11 माह में 74 नमूने पाए गए मिलावटी
एफएसडीए ने गत जनवरी से नवंबर तक खाद्य सामग्री के 160 नमूने लिए। उन्हें जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा, जिनमें 74 नमूने घटिया, मिलावटी व मिस ब्रांडिंग के पाए गए। इन 74 मामलों में कार्रवाई के लिए एफएसडीए ने एडीएम व एसीजेएम कोर्ट में केस फाइल किए। उनमें 30 मामलों में एडीएम की कोर्ट ने संबंधित कारोबारियों के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई हुई है।

22 मिलावटखोरों से वसूलने हैं 15 लाख रुपये
एडीएम कोर्ट ने 30 मामलों में कारोबारियों पर 16.59 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इनमें से केवल आठ ने ही जुर्माना अदा किया। जुर्माना अदा करने वालों में डालीगंज केकिराना व्यवसायी ललित कुमार अग्रवाल प्रमुख हैं। ललित पर बेसन व चना में मिलावट पाए जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा था। बाकी के जुर्माने की राशि कम थी। 22 कारोबारियों ने न्यायालय से स्टे ले लिया। इन पर करीब 15 लाख रुपये जुर्माना हुआ था।

Spotlight

Most Read

Jammu

पाकिस्तान की फायरिंग पोजिशन, बीएसएफ ने दिया मुंहतोड़ जवाब, 15 पाक रेंजर ढ़ेर

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है

22 जनवरी 2018

Related Videos

मेरठ में सेना दिवस पर हाफ मैराथन का आयोजन

मेरठ के कुलवंत सिंह स्टेडियम में रविवार की सुबह का नजारा देखने वाला था। ठंड के बावजूद सेना दिवस के मौके पर बच्चों का उत्साह देखते बन रहा था। आर्मी बैंड से जैसे ही "ऐ मेरे वतन के लोगों" की धुन निकली तो स्टेडियम का माहौल देश भक्ति से ओतप्रोत हो गया।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper