गैर-इरादतन हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज

Lucknow Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
बख्शी का तालाब। क्षेत्राधिकारी की फटकार के बाद होमगार्ड रामशंकर रावत की मौत के मामले में बीकेटी पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर लिया है। बहू की तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमे में ससुर, देवर व देवरानी को नामजद किया गया है। पुलिस ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बीकेटी के गांव सरगपुर सरैंया निवासी और सचिवालय में कार्यरत होमगार्ड रामशंकर रावत का जमीन बिक्री के पैसों के बंटवारे को लेकर अपने पिता रामचंदर, छोटे भाई लालजी रावत और उसकी पत्नी मंगला देवी से विवाद हो गया था। इस विवाद में रामशंकर रावत पर उसके पिता व भाई ने ईंट-गुम्मों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। विवाद के दौरान रामशंकर की पत्नी उमादेवी भी घायल होकर बेहोश हो गई थी। बाद में रामशंकर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चार दिसंबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पांच दिसंबर को रामशंकर के शव का बिना पोस्टमार्टम कराए और मृतक की पत्नी को बिना बताए पिता और भाई ने अंतिम संस्कार कर दिया था।
उमादेवी को जब पूरे मामले की जानकारी हुई तो वह गुरुवार को बीकेटी थाने पहुंची मगर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इस पर उमादेवी ने सीओ बीकेटी से मिलकर न्याय की गुहार की। सीओ बबिता सिंह ने मामले की जांच की और पुलिस की लापरवाही उजागर होने पर थानेदार को जमकर फटकार लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। एसओ विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस ने रामचंदर रावत, लालजी रावत और मंगलादेवी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या करने व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही रामचंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

आसान नहीं थानों में रिपोर्ट दर्ज कराना ः राजधानी के थानों में किसी भी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराना आसान नहीं है। अगर रिपोर्ट दर्ज हो जाए तो पुलिस उन्हें ठंडे बस्ते में डालकर चुप्पी साध लेती है। बीकेटी और इटौंजा थानों में पिछले दो माह में हुई कई वारदात इसका प्रमाण हैं।

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