जल निगम के रुके भुगतान का रास्ता साफ

Lucknow Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
लखनऊ। जवाहर लाल नेहरू अरबन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत हो रहे कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के चलते रोकी गई धनराशि का जलनिगम को भुगतान किये जाने का रास्ता साफ हो गया है। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि कानपुर आईआईटी ने सीवरेज लाइन बिछाने के काम की गुणवत्ता को संतोषजनक पाया है। निर्माण की गुणवत्ता खराब होने और भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद जल निगम ने निर्माण सामग्री के नमूनों को जांच के लिए आईआईटी कानपुर भेजा था। जल निगम को उम्मीद है कि जल्द ही उसको 56 करोड़ रुपये की बकाया किस्त जल्द ही नगर निगम से मिल जाएगी। जल निगम के अनुसार उसे आईआईटी ने तीन दिन पहले निर्माण मानकों के अनुरूप होने की जानकारी लिखित में दे दी है। यही नहीं जल निगम ने आईआईटी की रिपोर्ट जानकारी नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह को दे दी है। साथ ही अफसरों को उम्मीद है कि जल्द ही 56 करोड़ रुपये की किस्त नगर निगम से मिल जाएगी जिससे वह लंबित कार्य शुरू करा सकेंगे। हालांकि नगर निगम की ओर से जल्द जारी होने के कोई संकेत नहीं हैं। नगर निगम की ओर से कहा जा रहा है कि, जब तक नगर विकास मंत्री आजम खान से इस विषय पर बात नहीं होगी, तब तक हरी झंडी बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
यह है मामला ः अप्रैल में जब एनपी सिंह ने नगर आयुक्त का कामकाज संभाला तो उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, नगर निगम की देनदारी और जेएनएनयूआरएम में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता को लेकर काफी सख्ती दिखाई। जेएनएनयूआरएम के कार्यों की औचक गुणवत्ता जांच के लिए उन्होंने जल निगम, नगर निगम और जल संस्थान के अधिकारियों की एक टीम बनाई। जून में उन्होंने जेएनएनयूआरएम में हो रहे सीवरेज और वाटर सप्लाई के काम की आईआईटी से जांच कराने का निर्णय लिया और जल निगम को किए जाने वाले भुगतान पर रोक लगा दी। हालांकि आईआईटी ने स्टाफ भेजकर जांच करा पाने में असमर्थता जतायी और कहा कि सैंपल भेज दें तो जांच कर देंगे। तब नगर आयुक्त ने जिला प्रशासन से इस मामले में सैंपल एकत्र करने के लिए एक कमेटी के गठन की मांग की। लेकिन कुछ दिन बाद एनपी सिंह का तबादला हो गया। बाद में प्रभारी नगर आयुक्त के कार्यकाल में कमेटी ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। जल निगम को जेएनएनयूआरएम में सीवरेज डिस्ट्रिक्ट-थर्ड पार्ट-टू की 2680.36 लाख और सीवरेज डिस्ट्रिक्ट- थर्ड-पार्ट वन की 2752.68 लाख रुपए की किस्त छह महीने पहले मिलनी थी जो कि रुकी है।

ये काम रुके ः राजधानी की कई महत्वपूर्ण सड़कें बदहाल हैं। डंडइया बाजार, गऊघाट रोड, खुर्रम नगर रोड, अलीगंज में चंद्रलोक के नजदीक की सड़क, महानगर कॉलोनी की कई सड़क, इस वजह से बन नहीं पा रही हैं। जल निगम अधिकारियों का कहना है कि यह धन मिलने के बाद राजधानी में जेएनएनयूआरएम के बकाया काम शुरू हो सकेंगे। नए कामों के लिए धन आने में भी आसानी होगी।

हो सकती है मंत्री से वार्ता ः इस मामले में नगर विकास मंत्री आजम खान से वार्ता भी संभव है। माना जा रहा है कि, उनकी हामी के बाद ही नगर निगम किस्त को हरी झंडी दे सकेगा। नगर निगम के अधिकारियों ने मंत्री से मुलाकात की कोशिश की है, मगर उनका समय नहीं मिल सका।

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