अब होटलों में नहीं जलेगा घरेलू सिलेंडर

Lucknow Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। एलपीजी की आपूर्ति करने वाली तीन प्रमुख तेल कंपनियां अब घरेलू व कॉमर्शियल के गुपचुप चल रहे खेल पर ब्रेक लगाने की तैयारी में हैं। व्यावसायिक संस्थानों, खान-पान की दुकानों, रेस्टोरेंट व ठेलों पर बिना खौफ हो रहे घरेलू सिलेंडरों के प्रयोग पर सख्ती से रोक लगाने के लिए अगले माह से एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही घरेलू सिलेंडरों के कॉमर्शियल उपयोग पर रोकथाम के लिए औचक निरीक्षण अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। तेल कंपनियों से जुड़े अधिकारियों की मानें तो बड़ी संख्या में घरेलू कनेक्शनों के सहारे चल रहे व्यावसायिक कामकाज को रोकना बड़ी चुनौती है। व्यावसायिक कनेक्शन बिना धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल से तेल कंपनियों को सालाना पचास करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
8 हजार व्यावसायिक कनेक्शन, 50 हजार से अधिक सिलेंडरों की खपत
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक संस्थानों व होटल-रेस्टोरेंटों को देखते हुए हर माह 50 हजार से अधिक व्यावसायिक सिलेंडरों की खपत का अनुमान है जबकि इंडेन, बीपी व एचपी कंपनी के स्तर से जिले में मात्र आठ हजार ही व्यावसायिक कनेक्शनधारी उपभोक्ता हैं। ऐसे में व्यावसायिक काम-काज के लिए हर माह बड़ी संख्या में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का ही इस्तेमाल होता है। आपूर्ति विभाग के स्तर पर रसोई गैस के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए समय-समय पर छापेमार कार्रवाई भी की जाती है लेकिन इसके दायरे में अधिकांशत: चंद छोटे कारोबारी ही आते हैं। इसे देखते हुए ही तेल कंपनियों ने नवंबर से व्यावसायिक कनेक्शन के उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी की है। तीनों तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक बीएस कैंथ की मानें तो पंजीकृत खाद्य लाइसेंस के आधार पर ही जिले में कॉमर्शियल सिलेंडरों के 25 हजार से अधिक उपभोक्ता होने चाहिए लेकिन मात्र आठ से नौ हजार ही व्यावसायिक कनेक्शन हैं। यानी अन्य लोग घरेलू सिलेंडरों से ही व्यावसायिक कार्य संचालित कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को ही चिह्नित करते हुए अब घरेलू सिलेंडर जब्त कर व्यावसायिक कनेक्शन जारी करने का अभियान चलाया जाएगा।
केवाईसी में बेवजह परेशान करने पर होगी कार्रवाई
घरेलू उपभोक्ताओं को नो योर कस्टमर (केवाईसी) फॉर्म भरने की आड़ में बिना कारण परेशान करने वाली गैस एजेंसियों पर आपूर्ति विभाग कार्रवाई करेगा। एडीएम आपूर्ति एसके सिंह यादव ने बताया कि कई गैस एजेंसियों के खिलाफ केवाईसी फॉर्म भरवाने के नाम पर उपभोक्ताओं को बिना कारण परेशान किए जाने की बढ़ती शिकायतों के तहत यह फैसला किया गया है।
0522- 2236320 पर करें शिकायत
एडीएम आपूर्ति ने बताया कि अगर किसी गैस एजेंसी का स्टाफ उपभोक्ताओं को बिना उचित कारण केवाईसी फॉर्म देने अथवा जमा करने के लिए दौड़ाता है अथवा परेशान करता है तो इसकी शिकायत जिला आपूर्ति कार्यालय के दूरभाष नंबर 0522- 2236320 पर किसी भी कार्य दिवस में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत की तत्काल पड़ताल कराई जाएगी और आरोप साबित हुए तो संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।
नॉन सब्सिडी सिलेंडरों के रेट में बदलाव संभव
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर नॉन सब्सिडी एलपीजी सिलेंडरों के रेट में बुधवार को बदलाव कर सकती हैं। हर माह की अंतिम तारीख को सरकारी नियंत्रण से मुक्त नॉन सब्सिडी श्रेणी में वितरित होने वाले घरेलू, एक्जम्पटेड व व्यावसायिक श्रेणी के सिलेंडरों की विक्रय दर में बदलाव की समीक्षा तेल कंपनियां करती हैं। इंडेन से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो अंतरराष्ट्रीय परिदृ्श्य में एलपीजी की कीमत में कोई बड़ा बदलाव न होने के कारण फ्यूचर ट्रेडिंग बेस पर तय होने वाले नॉन सब्सिडी सिलेंडरों की दर में कुछ कमी की संभावना जताई जा रही है।

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