नैक मूल्यांकन में सुस्त प्रदेश के विवि-कॉलेज

Lucknow Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। राज्य विश्वविद्यालय एवं संबद्ध कॉलेज गुणवत्ता को लेकर अक्सर अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं। लेकिन विशेषज्ञ संस्थाओं द्वारा जब मूल्यांकन की बात आती है तो उनके हाथ-पांव फूल जाते हैं। यही वजह है कि 12 राज्यों के विश्वविद्यालयों में महज एक ने अभी तक नैक ग्रेडिंग हासिल की है। वहीं केवल आठ फीसदी कॉलेजों ने ही नैक का मूल्यांकन कराया है। उच्च शिक्षा परिषद और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को लोहिया विधि विश्वविद्यालय में ‘नैक : उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के समावेश’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में यह तथ्य सामने आए। वर्कशाप को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा सचिव टी. व्येंकटेश ने बताया कि कुल 3553 कॉलेजों में अब तक 273 ने ही नैक से मूल्यांकन कराया है। जबकि 326 ने मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। 149 कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (सीएसआर) नैक को प्रस्तुत किया है। सचिव ने कहा कि यह स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसलिए वर्ष 2012-13 में शासन ने 400 महाविद्यालयों के नैक मूल्यांकन का लक्ष्य रखा है। वर्कशाप को संबोधित करते हुए नैक के डिप्टी एडवाइजर डॉ. एमएस श्यामासुन्दर ने नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया एवं विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी दी और साथ ही मूल्यांकन के फायदे भी गिनाए। वर्कशाप को विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलराज चौहान, विशेष सचिव अनीता मिश्रा, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रामानंद प्रसाद एवं आरके चतुर्वेदी ने संबोधित किया।
कैसे होता है मूल्यांकन ः राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की शाखा है जो विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों की गुणवत्ता का विभिन्न आधारों पर मूल्यांकन करता है। संसाधन एवं परफार्मेंस के आधार पर नैक विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों को ग्रेड देता है। इसका फायदा कॉलेजों को यूजीसी द्वारा अनुदान प्राप्त करने में होता है। नैक मूल्यांकन के लिए जिन कॉलेजों ने अपनी स्थापना के तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं या जिनके यहां डिग्री पाठ्यक्रम के दो बैच निकल चुके हैं वह आवेदन कर सकते हैं। सबसे पहले विवि या कॉलेज नैक को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) भेजता है। इसके बाद निर्धारित प्रोफार्मा पर आईईक्यूए (इंस्टीट्यूशनल एलिजिबिलिटी फॉर क्वालिटी एसेसमेंट) के लिए आवेदन करता है। इस पर नैक की सहमति मिलने के बाद छह महीने के भीतर कॉलेज को सेल्फ स्टडी रिपोर्ट भेजनी होती है जिसमें कॉलेज के शैक्षिक, वित्तीय एवं प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़े समस्त विवरण का उल्लेख होता है। इसके बाद नैक की ‘पीयर टीम’ सेल्फ स्टडी रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज का निरीक्षण करती है और ग्रेड प्रदान करती है।
क्या देनी होती है जानकारी ः कॉलेज जो सेल्फ स्टडी रिपोर्ट तैयार करता है उसे दो भागों में बांटा जा सकता है। पहले में आधारभूत सुविधाओं को तथा दूसरे में शैक्षणिक गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है। आधारभूत ढांचे में कॉलेज की प्रोफाइल, वित्तीय सहयोग, मान्यता की स्थिति, लोकेशन, संचालित पाठ्यक्रम एवं विभाग, शैक्षिक लागत की जानकारी देनी होती है। शैक्षणिक गतिविधियों में कॉलेज का विजन, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम, शुल्क, समेस्टर, वार्षिक या पार्टटाइम कोर्सेेज, पांच वर्षो में शुरू किए गए कोर्स, सिलेबस रिवीजन, प्रोजेक्ट वर्क, अभिभावक, छात्रों या शिक्षाविदों से फीडबैक का सिस्टम, प्रवेश प्रक्रिया, क्वालीफाइंग मार्क्स, शैक्षणिक कार्य दिवस, पदों की स्थिति, छात्र-शिक्षक अनुपात, शिक्षकों की योग्यता, फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम, रेमेडियल एवं ब्रिज कोर्स, शोध कार्य, रिसर्च पब्लिकेशन, एनसीसी/एनएसएस आदि गतिविधियां, पुस्तकालय एवं उसमें शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति की स्थिति, पुस्तकों के प्रकार एवं संख्या, छात्रों का ड्रापआउट रेट, छात्रों केलिए वित्तीय सहयोग, सह शैक्षणिक गतिविधियां, परीक्षा परिणाम, नेट आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन, प्रशासन एवं नेतृत्व क्षमता आदि शामिल हैं।
क्या रखें तैयारी
विजन : कॉलेज का अपना विजन एवं आब्जेक्टिव होना चाहिए तथा कॉलेज के महत्वपूर्ण स्थलों पर उसे प्रदर्शित किया जाए।
आधारभूत संसाधन : ऑनलाइन लाइब्रेरी, छात्रों के लिए रीडिंग रूम, महिला शिक्षकों के लिए रेस्ट रूम, गर्ल्स कॉमन रूम, विभागीय कक्ष, कैंटीन, पार्किंग, कंप्यूटर लैब आदि में सुधार।
शैक्षणिक गतिविधियां : हर शिक्षक का एनवल टीचिंग प्लान, मंथली टीचिंग रिपोर्ट, ट्यूटोरियल एवं एक्स्ट्रा क्लासेज, स्टूडेंट्स फीड बैक, आईटी तकनीक का प्रयोग, सभी छात्रों के लिए बेसिक कंप्यूटर शिक्षा।
सह शैक्षणिक गतिविधियां : खेल कार्यक्रम, एनसीसी/एनएसएस की गतिविधियां, पूर्व छात्र परिषद, अभिभावक-शिक्षक संघ, कॅरिअर काउंसलिंग सेल, छात्र समस्या समाधान सेल आदि का गठन।
डाक्यूमेंटेशन : सभी शैक्षणिक, सहशैक्षणिक गतिविधियों एवं उपलब्धियों का समुचित दस्तावेज तैयार करें जिसे नैक के समक्ष रखा जा सके।

यह है नैक ग्रेडिंग का हाल
कॉलेज संख्या नैक ग्रेडिंग
गवर्नमेंट 137 17
एडेड कॉलेज 331 67
सेल्फ फाइनेंस 3085 188
कॉलेज
आंकड़े राज्य उच्च शिक्षा परिषद की रिपोर्ट पर आधारित

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