कई जिलों की सैर करके लौटे दोनों बच्चे

Lucknow Updated Thu, 04 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। ठाकुरगंज क्षेत्र से रहस्यमय हालात में लापता दो बच्चे दिल्ली समेत कई जिलों की सैर करके तीसरे दिन सकुशल घर लौट आए। एक बच्चे ने अपने घर से साढ़े पंद्रह हजार रुपये चुराए थे। उसमें से 35 सौ रुपये किराए व खरीददारी में खर्च कर डाले। इम्तहान के बाद छुट्टी का लुत्फ उठाने के लिए ये मोहल्ले के एक और बच्चे के साथ तमिलनाडु जाने की तैयारी में थे। दो दिन से आंसू बहा रहे परिवार वाले दोनों बच्चों को सकुशल देख खिल उठे।
एसओ ठाकुरगंज शशिकांत यादव ने बताया कि रविवार सुबह रहस्यमय हालात में लापता हुआ दौलतगंज निवासी राजीव उर्फ राजू दुबे का बेटा मयंक उर्फ अभय (11) मंगलवार सुबह घर लौटा, जबकि राजकुमार पाल का बेटा अमित (13) सीतापुर के अटरिया क्षेत्र में अपने मामा के घर पर रुका था। मयंक से जानकारी मिलने पर राजकुमार ने रिश्तेदार को फोन किया और परिवार वालों के साथ अटरिया जाकर अमित को भी ले आए। दोनों बच्चों ने खुलासा किया कि परीक्षा के दौरान उन्होंने मोहल्ले के ही अमरोज के साथ तमिलनाडु जाने की योजना बनाई थी। अमरोज ने कहा था कि उसके पिता तमिलनाडु में रहते हैं और उसे तमिल आती है। रास्ते के खर्च के लिए तीनों ने अपने घर से रुपये चुराने की बात तय की।
मयंक ने कबूला कि उसने अपने घर से 15.5 हजार रुपये चुराए और पूरी तैयारी के साथ निकला। दोस्त अमित भी कुछ रुपये लेकर आया। अमरोज के घर पर ताला लगा होने के कारण दोनों आलमबाग बस अड्डे पहुंचे। वहां मयंक अपने ननिहाल जाने के इरादे से अमित को साथ लेकर फैजाबाद पहुंचा। हालांकि ननिहाल के पास पहुंचने पर उसका इरादा बदल गया। दोनों दूसरी बस से लखनऊ लौटे और दिल्ली जाने वाली बस में सवार हो लिए। कंडक्टर को बताया कि पापा के पास जा रहे हैं। दिल्ली में बस अड्डे से बाहर आते ही भीड़ व चकाचौंध देखकर घबरा गए। थोड़ी देर बाजार में घूमे। मयंक ने मोबाइल व एक बैग खरीदा। जलपान करने के बाद लखनऊ आ रही बस में बैठ गए। वक्त गुजरने के साथ दोनों बच्चों की घबराहट बढ़ती जा रही थी। घर में पिटाई व बाहर किसी वारदात का शिकार बनने का डर लगने लगा। बकौल मयंक सीतापुर पहुंचने पर अमित ने अटरिया में अपने मामा के घर चलने को कहा। मयंक ने मना किया तो अमित अकेले ही अटरिया में उतर गया और मयंक कैसरबाग बस अड्डे पर उतरा। काफी देर घूमने के बाद टेम्पो पकड़ा और घर जा पहुंचा।
दो दिन पहले लापता बेटे को सकुशल देख राजू व उसकी पत्नी ममता दुबे के चेहरे खिल उठे। आसपास के लोग उनके घर एकत्र होने लगे। मयंक की वापसी का पता चलते ही राजकुमार अपनी पत्नी गीता को साथ लेकर राजू के घर पहुंचा। मयंक से अमित के बारे में पूछताछ की। सच्चाई जानने के लिए अटरिया में रहने वाले अपने रिश्तेदार को फोन किया। उससे अमित के सकुशल होने की जानकारी पर राजकुमार परिवार वालों को साथ लेकर अटरिया पहुंचा और बेटे को ले आया।
दौलतगंज में किराए पर रह रहे राजमिस्त्री राजकुमार पाल का बेटा अमित (13) व पड़ोस में रहने वाले वाहन चालक राजीव दुबे का बेटा मयंक उर्फ अभय (11) रविवार सुबह रहस्यमय हालात में लापता हो गए थे। मोहल्ले के एक व्यक्ति ने दोनों बच्चों को एक युवक के साथ बाइक पर जाने की जानकारी दी। बच्चों का कुछ पता न चलने पर पुलिस ने ट्यूशन पढ़ाने वाले चौपटिया निवासी प्रशांत कुमार को सोमवार रात हिरासत में लेकर पूछताछ की। बेकसूर नजर आने पर उसे छोड़ दिया।

बढ़ सकती थीं पुलिस की मुश्किलें : हैप्पी ऑवर स्कूल में सातवीं के छात्र अमित व पांचवीं में पढ़ने वाले मयंक ने सहपाठी व मोहल्ले के अमरोज के साथ तमिलनाडु जाने की तैयारी की थी। लंबे सफर में किसी मुसीबत में फंसने पर पुलिस की मुश्किलें बढ़ सकती थीं। संयोग से अमरोज के बाबा की तबीयत खराब होने पर उसकी मां उसे व अपनी बेटी को लेकर रविवार सुबह कानपुर चली गईं। भागने की तैयारी से निकले मयंक व अमित को अमरोज के घर ताला लटका मिला।

Spotlight

Most Read

National

राजनाथ: अब ताकतवर देश के रूप में देखा जा रहा है भारत

राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से नया आयाम मिला है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: किसानों की खड़ी फसल पर प्रशासन ने चलवाया ट्रैक्टर

एमडीए ने मेरठ के गंगानगर में 25 एकड़ जमीन पर कब्जा ले लिया। इस कब्जे को हासिल करन के लिए एमडीए ने पहले से ही काफी तैयारियां की हुई थी।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper