डमी के सहारे सियासत में छाने की तैयारी

Lucknow Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। लिंगदोह के कड़े नियमों के चलते परिसर से बोरिया-बिस्तर बांध चुके छात्र नेता डमी प्रत्याशियों के सहारे विश्वविद्यालय की सियासत में छाने की तैयारी में है। पर्चा बिक्री के आखिरी दिन संख्या का एकाएक चार गुना तक बढ़ना इसी कवायद से ही जोड़ा जा रहा है। खासकर मजबूत माने जा रहे प्रत्याशियों के नाम वाले दूसरे छात्र विशेष तौर पर ढूंढे गए हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय में छह साल बाद हो रहे छात्रसंघ चुनाव की रंगत इस बार बदली हुई है। चुनाव की अधिसूचना के पहले ही आमतौर पर नारे एवं बैनर-पोस्टरों में डूबने वाला परिसर इस बार अधिसूचना के बाद भी सहमा हुआ है। संभावित प्रत्याशी परिसर में घूम तो रहे हैं, लेकिन छात्र नेता बनकर नहीं छात्र की तरह। अधिसूचना जारी होने के ठीक एक सप्ताह पहले दस छात्र नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाकर लविवि अपने मंसूबे स्पष्ट कर चुका है। वहीं, एकेडमिक एरियर से लेकर कक्षाओं में उपस्थिति जैसी बाध्यताओं के चलते परिसर में जो छात्र नेता बचे हैं उन्हें भी दौड़ से पहले ही अयोग्य होने का डर सता रहा है। ऐसे में अब सबकी सियासत डमी प्रत्याशियों के कंधों पर टिकी हुई हैं, जो पुराने छात्र नेता हैं और उम्र आदि बाध्यताओं के चलते चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं उन्होंने प्रमुख पदों पर डमी प्रत्याशी उतारे हैं। एक-एक छात्र नेताओं ने दस से अधिक समर्थकों से पर्चे खरीदवाए हैं, जिससे नामांकन दाखिले होने के बाद यदि किसी का पर्चा तकनीकी आधार पर खारिज हो तो दूसरा विकल्प तैयार रहे। यहां तक कि जिस पद पर किसी छात्रा की मजबूत दावेदारी होने की संभावना दिख रही हैं वहां पर छात्रा डमी कंडीडेट उतारे जाने की भी तैयारी है। चुनावी प्रतिद्वंद्विता में दूसरे को धूल चटाने की यह कवायद यहीं तक सीमित नहीं है। चुनाव के दौरान मतदाताओं को भ्रम में भी डालने की बिसात बिछ चुकी है। चार प्रमुख पदों पर लड़ रहे जो छात्र नेता मजबूत माने जा रहे हैं उनकी जमीन खोखली करने के लिए भी डमी उम्मीदवार का परंपरागत फार्मूला अपनाया जा रहा है। उन छात्र नेताओं के नाम के ही दूसरे छात्र ढूंढ कर उनसे पर्चे खरीदवाए गए हैं। इनका उपयोग दोहरे स्तर पर होने की संभावना है। पहले तो प्रत्याशियों से इसके नाम पर दूसरे पक्ष के द्वारा सौदेबाजी के रास्ते खुलेंगे और दूसरे बात नहीं बनी तो इनको खड़ा कर मुख्य प्रत्याशी का वोट काटने की तरकीब अपनायी जाएगी। मतगणना के समय भी कक्ष में अधिक से अधिक अपने समर्थकों को बनाए रखने की रणनीति भी इससे जुड़ी हुई है।
आखिरी दिन बिके 255 पर्चे ः छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन पर्चा बिक्री के आखिरी दिन प्रत्याशियों की बाढ़ सी आ गई। जहां दो दिन में 90 पर्चे बिके थे, वहीं सोमवार को इनकी संख्या बढ़कर 345 हो गई। 255 पर्चे केवल सोमवार को ही बिक गए। अध्यक्ष पद के लिए 42, उपाध्यक्ष के लिए 56, महामंत्री के लिए 64 एवं जूनियर लाइब्रेरियन के 33 पर्चे बिके हैं। इनमें अध्यक्ष के लिए 5, उपाध्यक्ष के लिए 8, महामंत्री के लिए 13 एवं जूनियर लाइब्रेरियन के लिए 6 छात्राओं के पर्चे भी शामिल हैं। अब बुधवार से कॉशनमनी जमा होने की प्रक्रिया शुरू होगी।
विद्यांत में मतदाता सूची जारी ः लखनऊ। विद्यांत हिंदू पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदाता सूची सोमवार को जारी कर दी गई। 6 तारीख तक नामांकन पत्रों की बिक्री होगी। प्रत्याशियों के प्रस्तावक, समर्थक तथा अभिकर्ता के लिए महाविद्यालय का छात्र होना अनिवार्य है। यह जानकारी चुनाव अधिकारी डॉ. धुव्र कुमार त्रिपाठी ने दी।

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