पटाखा गोदाम में विस्फोट, दो बहनों की मौत

Lucknow Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र के गांव बादर खेड़ा में पटाखों के एक गोदाम में शुक्रवार सुबह भीषण विस्फोट के बाद धमाकों के साथ आग लग गई और चार सौ वर्ग फीट का पूरा गोदाम उड़ गया। हादसे में वहां मौजूद दो चचेरी बहनों की मौत हो गई। इनमें एक का शव मलबे में दबा था जिसे जेसीबी की मदद से निकाला गया। फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान हो रहे तेज धमाकों से आसपास के घर हिल गए और पूरा इलाका दहल गया। पुलिस के मुताबिक, गांव सलेमपुर पतौरा के मजरा बादर खेड़ा निवासी आतिशबाज जावेद अहमद ने दो साल पहले बस्ती से अलग खेत में चार सौ वर्ग फीट के पक्के कमरे में पटाखों का गोदाम व कारखाना बनाया था। उसके परिवार के लोग गोदाम से 25 कदम दूर बबूल के पेड़ के नीचे बैठकर दिन भर पटाखे बनाते थे। रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह 8 बजे जावेद की पत्नी शकीला उर्फ भल्लो अपनी बेटी शमा (18) व भतीजी रूबीना (17) पुत्री रईस अहमद को साथ लेकर पटाखे बनाने के लिए गोदाम में पहुंची। शकीला ने ताला खोला और बारूद व अन्य सामग्री लेकर बाहर निकल आई, जबकि शमा व रूबीना अन्य सामान निकाल रही थी। इसी दौरान अचानक भीषण विस्फोट हुआ और धमाकों के साथ आग लग गई। लपटों से घिरी शमा गोदाम के दरवाजे तक पहुंचकर गिर गई, जबकि रूबीना गोदाम में ही फंसी थी। इस बीच लगातार धमाकों से पूरा गोदाम ध्वस्त हो गया। आसपास के घर हिल गए। पटाखों के गोदाम के स्थान पर धुआं और लपटें ही दिखाई दे रही थीं। थोड़ी दूर पर खड़ी शकीला मदद के लिए शोर मचाती रही, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण लोग आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। लोगों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड को फोन किया। सूचना पाकर एसएसपी आरके चतुर्वेदी व कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियों को आग बुझाने में दो घंटे लगे। इस दौरान गोदाम के पास बुरी तरह झुलसी पड़ी शमा को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आग बुझने के बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाने पर रूबीना का बुरी तरह झुलसा शव मिला। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

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