कान्हा उपवन में अब 2000 पशु रहेंगे

Lucknow Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। नादरगंज क्षेत्र में बेसहारा पशुओं के लिए बनाए गए कान्हा उपवन में पशुओं की क्षमता को अब 800 से बढ़ा कर 2000 हजार तक किया जाएगा। अगले महीने तक यहां गाय, बैलों और सांड के अलावा कुत्तों को भी रखा जाएगा। रोजाना 300 कुत्तों के बंध्यीकरण के लिए अस्पताल में इंतजाम होंगे। इसके अलावा यहां पशुओं खासतौर पर गायों का चिड़ियाघर की तर्ज पर अंगीकरण भी किया जा सकेगा। बेसहारा पशुओं की इस पनाहगाह को विकसित किए जाने को लेकर डीएम अनुराग यादव और कार्यवाहक नगर आयुक्त राकेश वर्मा ने कान्हा उपवन का दौरा किया। दोनों ने यहां नंदी स्थल और श्रीकृष्ण गौशाला का निरीक्षण किया। डीएम अनुराग यादव ने बताया कि, कान्हा उपवन का संरक्षण अब जिला प्रशासन की समिति करेगी। जिसके अध्यक्ष वे खुद हैं और नगर आयुक्त, एलडीए वीसी उसके उपाध्यक्ष हैं। सचिव जिला पशुपालन अधिकारी हैं। यही समिति कान्हा उपवन को संभालेगी। यहां एक पशु के संरक्षण पर रोज का खर्च करीब 50 रुपये है। मगर ग्रांट की अब कोई दिक्कत नहीं है। शासन स्तर से भी धन की कोई कमी नहीं रखी जाएगी। साथ ही अन्य विभाग भी मदद करेंगे। इस केंद्र को विकसित करने के लिए कोशिशें जारी रहेंगी।
बढ़ाएंगे पशुओं की क्षमता ः डीएम यादव ने बताया कि, अभी यहां काफी स्थान शेष है। इसलिए पशुओं की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए तीन वैटनरी डॉक्टर लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वार्ष्णेय भी वरिष्ठ वैटनरी सर्जन हैं। सभी रूटीन दवाएं यहां के अस्पताल में उपलब्ध हैं।
गायों के लिए अंगीकरण योजना ः गायों के लिए यहां अंगीकरण की योजना लाई जाएगी। जिस तरह से जू में जंगली जानवरों को गोद लेकर उनके संरक्षण में होने वाले खर्च को वहन करते हैं, उसी तरह पशु प्रेमी गाय भी गोद ले सकेंगे। इसके अलावा बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों के अलावा जहां भी बैलों की मदद से खेती की जाती है, वहां के लोग यहां से नि:शुल्क बैल ले जा सकेंगे। मगर इसका पूरा परीक्षण किया जाएगा कि, पशुओं का उपयोग कृषि कार्यों के लिए ही हो।
अगले महीने कुत्ते लाए जाएंगे ः कार्यवाहक नगर आयुक्त राकेश वर्मा ने बताया कि, यहां अगले महीने से कुत्तों को भी रखा जाएगा। यहां का भैरवचरण श्वानालय पूरी तरह से तैयार है। इसमें शहर के बेसहारा कुत्तों को स्थान दिया जाएगा। 15 अक्तूबर तक कुत्ते यहां लाए जा सकेंगे। यहां के अस्पताल में रोजाना 300 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी।
पॉलीथिन के खिलाफ फैलाएंगे ः डीएम और कार्यवाहक नगर आयुक्त ने बताया कि, पॉलीथिन के इस्तेमाल के खिलाफ प्रभावी अभियान छेड़ा जाएगा। इसमें मुख्य रूप से स्कूली बच्चों को कान्हा उपवन लाकर बताएंगे कि, किस तरह पॉलीथिन खाकर पशु मर जाते हैं। इस संबंध में बच्चों को एक सीडी भी दिखाई जाएगी। इसके अलावा शहर में भी पतली और खतरनाक पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाएंगे। ऐसी सभी फैक्ट्रियां बंद कर दी जाएंगी।
संगीत कम कर रहा सांडों का गुस्सा ः यहां संचालन समिति ने गुस्सैल सांडों का क्रोध कम करने के लिए अभिनव प्रयोग किया है। म्यूजिक सिस्टम के जरिए सांडोें को बृजगीत सुनाए जा रहे हैं। संचालन समिति के एक सदस्य ने बताया कि, कई बार गुस्से में सांड एक दूसरे से भिड़ जाते थे। इसलिए तीन दिन से संगीत बजाया जा रहा है। फिलहाल नतीजों से तो यह बात सामने आई है कि, इनका गुस्सा म्यूजिक की वजह से काफी कम हुआ है और एक बार भी इन्होंने झगड़ा नहीं किया।

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