इंजीनियरों को देना होगा बिजली का हिसाब

Lucknow Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। मध्यांचल निगम के वितरण क्षेत्रों में तैनात इंजीनियरों को अब बिजली आपूर्ति का हिसाब देना होगा। फीडर के अंतिम उपभोक्ता को मिलने वाली बिजली से आपूर्ति का हिसाब-किताब होगा। जो इंजीनियर बिजली आपूर्ति के गलत आंकड़े देकर गुमराह करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पावर कॉर्पोरेशन अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता के निर्देश पर बुधवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक नीतीश्वर कुमार ने उपभोक्ताओं के हित के लिये तैयार सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। इस सॉफ्टवेयर में निगम के जिलों में आपूर्ति होने वाली बिजली का लेखा-जोखा रहेगा। सॉफ्टवेयर के माध्यम से सभी 11 केवी फीडर के अंतिम उपभोक्ता का नाम एवं मोबाइल का डाटाबेस तैयार किया गया है। मध्यांचल निगम में स्थापित कस्टमर केयर के कार्मिक फीडर के अंतिम छोर के उपभोक्ताओं से फोन पर दैनिक बात करके बिजली आपूर्ति के रिकार्ड को साफ्टवेयर में अंकित करेंगे। इसका मिलान क्षेत्रीय अधिकारियों की सूचना से किया जाएगा। इन सूचनाओं में काफी अंतर मिलने पर जांच होगी। अधिकारी की सूचना गलत पाई गई तो कार्रवाई होगी।

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