तैनाती ऑफिस में, ड्यूटी बजा रहे साहब के घर

Lucknow Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। होमगार्डों की इमानदारी पर निवाले की मजबूरी भारी पड़ रही है। ऑफिस की तैनाती होने के बाद भी उन्हें अधिकारियों के घर पर काम करना पड़ रहा है। घरेलू कामों के साथ, कुत्ते टहलाना, बच्चों को स्कूल पहुंचाना, साहब की गाड़ी की सफाई जैसी जिम्मेदारी उनकी नियति बनती जा रही। इससे बचने के लिए होमगार्ड प्राइम पोस्टिंग के लिए मजबूरी में रुपये दे रहे हैं। ऐसा नहीं कि वसूली के इस खेल का विरोध नहीं हुआ। लेकिन विरोध करने वाले 80 होमगार्डों पर राजधानी में ही कार्रवाई की जा चुकी है और निलंबन का दंश भुगत रहे यह जवान सिस्टम के खिलाफ लड़ रहे हैं। होमगार्ड एसोसिएशन के आरोपों के अनुसार प्रत्येक होमगार्ड से हर महीने आठ सौ रुपये ड्यूटी के नाम पर वसूले जाते हैं। वैसे तो प्राइम पोस्टिंग के हिसाब से अलग-अलग रेट तय हैं। होमागार्डों ने अधिकारियों को पत्र लिख आरोप लगाया है कि राजधानी में तैनात 42 सौ होमगार्डों से हर महीने 33 लाख 60 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। एसोसिएशन के प्रवक्ता शैलेंद्र सिंह बताते हैं कि 300 होमगार्ड अधिकारियों के आवास की ड्यूटी में तैनात हैं।

यहां घुट रहा आत्मसम्मान : त्रिवेणी नगर के पतौरागंज में पूर्व मंत्री के घर एक होमगार्ड तैनात है। यह होमगार्ड सुबह के समय पूर्व मंत्री जी का कुत्ता टहलाते मिल जाएंगे। वहीं निराला नगर की ऑफीसर्स कॉलोनी में चर्चित वकील के घर के पास रहने वाले एक अधिकारी महोदय के घर में तैनात होमगार्ड घरेलू काम करते हैं। इसी तरह ट्रैफिक लाइन में तैनात होमगार्डों में 28 अधिकारियों के आवास पर ड्यूटी बजा रहे हैं। अधिकारियों के घरों में तैनाती होमगार्डों की मजबूरी बन गई है। बस रोजी की फिक्र उनसे मजबूरी में ड्यूटी करवा रही है।

बचे एक हजार से मनमाफिक वसूली : राजधानी में 42 सौ होमगार्ड हैं। इनमें 32 सौ की ड्यूटी लगाई जाती है। बचे एक हजार जवानों की ड्यूटी में प्रतिस्पर्धा होती है। इनकी तैनाती करने के लिए मनमाफिक वसूली की जाती है। एक हजार से शुरुआत होती है। उसके आगे जितने में मामला पट जाए।

वसूली पर मिला ‘इनाम’ : हसनगंज में दो माह पहले होमगार्डों ने इलाके के बीओ ओंकार नाथ शुक्ला को डालीगंज क्रॉसिंग पर वसूली करते रंगे हाथों पकड़ कर पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने उसे दिनभर कोतवाली में बिठाए रखा और उसके पास से वसूली की रकम भी बरामद हुई। मामला विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में आया। उसके बाद कोतवाली पहुंचकर विभागीय अधिकारी गुपचुप तरीके से ओंकार को लेकर निकल गए। हसनगंज इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने उस समय बताया कि घटनास्थल जीआरपी क्षेत्र में है। जीआरपी को सुपुर्द कर दिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर अनिल राय ने सुपुर्दगी की बात से इनकार कर दिया। इतने विवादों के बाद भी ओंकार नाथ शुक्ला को विभाग ने हसनगंज से बेहतर जगह ट्रैफिक लाइन में ड्यूटी लगाने का इंचार्ज बना दिया। पहले महज 15 जवानों की ड्यूटी लगाने वाले ओंकार को उनके कारनामे का इनाम देते हुए ट्रैफिक लाइन में चार सौ जवानों की ड्यूटी लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह के कई उदाहरण विभाग में मौजूद हैं।

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

IIT-K के छात्रों ने बनाया हेलीकॉप्टर, 24 घंटे उड़ने की क्षमता

IIT कानपुर में पोस्ट ग्रैजुएट स्टूडेंट्स की टीम ने एक ऐसे हेलीकॉप्टर का निर्माण किया है जो 24 घंटे तक लगातार उड़ सकने में सक्षम है। इस टीम ने अपने हेलीकॉप्टर के डिजाइन को अमेरिकी हेलीकॉप्टर कॉन्टेस्ट में भेजा जहां उन्हें जीत भी हासिल हुई।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper