परिसर के बाहर जिला प्रशासन संभाले जिम्मेदारी

Lucknow Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर के बाहर आचार संहिता का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। विवि प्रशासन का साफ कहना है कि हमारी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय परिसर की है। परिसर के बाहर की गतिविधियों पर जिला प्रशासन नजर रखेगा। उसकी रिपोर्ट पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करेगा।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आचार संहिता में साफ लिखा है कि किसी प्रत्याशी या उसके समर्थक द्वारा विवि परिसर के बाहर चुनाव के लिए जुलूस निकालना, पब्लिक मीटिंग, प्रचार सामग्री का वितरण या चुनाव प्रचार वर्जित है। साथ ही विश्वविद्यालय या किसी एजेंसी अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठान द्वारा लगाए होर्डिंग को न तो रंगा जाएगा और न ही चुनाव प्रचार या वोट के लिए संदेश लिखा जाएगा। इसके अलावा वाल पेंटिंग आदि भी वर्जित है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर की बाहर की इन गतिविधियों पर नजर नहीं रखेगा। यही नहीं चुनाव अधिकारी प्रो. एनके पाण्डेय ने साफ कहा है कि यदि इन मामलों में जिला प्रशासन कोई रिपोर्ट देगा तो ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह व्यवस्था छात्र नेताओं के लिए काफी मुफीद साबित हो सकती है क्योंकि जिला प्रशासन यदि मामलों को संज्ञान में नहीं ले पाया तो अन्य एजेंसियों से मिली सूचना पर विश्वविद्यालय कान नहीं देगा। हालांकि एडीएम ट्रांसगोमती उमेश मिश्र का कहना है कि जिला प्रशासन जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी उसे किया जाएगा।

एक बार जुलूस, नहीं लगेंगे नारे : विश्वविद्यालय परिसर में भी कक्षाओं के संचालन के दौरान चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। प्रत्याशी एवं समर्थक कक्षा समाप्त होने के बाद ही चुनाव प्रचार कर सकेंगे और परिसर या भवन में नारे लगाकर शांति भंग नहीं करेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी केवल एक बार ही जुलूस निकाल सकेगा, जिसकी अनुमति चुनाव अधिकारी या प्रॉक्टर से लेनी होगी। यह जुलूस भी विवि परिसर के बाहर नहीं निकाला जा सकेगा।

तय स्थान पर ही चिपकाई जाएगी प्रचार सामग्री : चुनाव प्रचार के लिए प्रत्याशी विवि में अपनी मर्जी से प्रचार सामग्री नहीं लगा सकेगा। विवि प्रशासन द्वारा प्रचार सामग्री चिपकाने के लिए स्थान नियत किया जाएंगे। विवि प्रशासन ने प्रॉक्टर ऑफिस, कैशियर कार्यालय की रेलिंग और टैगोर लॉन के सामने की रेलिंग पर चुनाव प्रचार सामग्री चिपकाने के लिए स्थान नियत किया है। इन स्थानों पर प्रॉक्टर की अनुमति लेकर ही चुनाव प्रचार सामग्री लगाई जा सकेगी। इसके साथ ही सभी प्रत्याशियों के लिए स्थान तय किया जाएगा।

29 सितंबर तक जोड़ी जाएगी प्रत्याशी की हाजिरी : चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की कक्षा में 75 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। इस बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी की प्रवेश की तिथि से 29 सितंबर तक की हाजिरी जोड़ी जाएगी। किसी एक कक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति से यह नहीं माना जाएगा कि वह चुनाव लड़ने के लिए अर्हता रखता है। उसे उसके विषय की सभी कक्षाओं में 75 फीसदी उपस्थिति के कोटे को पूरा करना पड़ेगा। ऐसा न कर पाने की दशा में प्रत्याशी चुनाव लड़ने में असमर्थ साबित होगा।

चुनाव के दो हफ्ते में देना होगा खर्च का ब्यौरा : चुनाव समाप्त होने के दो सप्ताह के भीतर प्रत्याशी को चुनाव खर्च का ब्यौरा देना होगा। ब्यौरा प्रमाणित भी होना चाहिए। चुनाव खर्च का ब्यौरा जमा करने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाएगा, जिससे कोई भी छात्र उसका परीक्षण कर सके और गड़बड़ी पर शिकायत आदि दर्ज करा सके। चुनाव खर्च का ब्यौरा जमा करने में असफल रहने या गलत ब्यौरा देने पर प्रत्याशी की उम्मीदवारी तक जा सकती है।


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