निलंबन या फाइन भी रद्द करा देगी उम्मीदवारी

Lucknow Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनिक कार्रवाई की परिभाषा को इतना व्यापक बनाया है कि छात्र नेताओं के पसीने छूट गए हैं। किसी मामले में मिली चेतावनी व फाइन भी उम्मीदवारी रद्द करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि नियमों की अनुपालना में लविवि के जिम्मेदार कितनी दृढ़ता दिखा पाएंगे, कार्रवाई उस पर निर्भर करेगी।
लिंगदोह की संस्तुतियों के आधार पर आचार संहिता में दो मुख्य बिंदु अनुशासन से जुड़े हैं। ऐसा छात्र जो किसी आपराधिक घटना में लिप्त हो। मसलन उसके विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई आपराधिक मुकदमा चला हो अथवा उसे किसी आपराधिक मामले में सजा सुनाई गई हो या विचारण लंबित हो तो वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। प्रत्याशी को इसका शपथ पत्र देना होगा। दूसरा बिंदु विश्वविद्यालय द्वारा की गई अनुशासनिक कार्रवाई का है। इसमें छात्र का निष्कासन, निलंबन या कतिपय शर्तों के साथ निष्कासन की सजा का स्थगित किया जाना शामिल है। इसके अलावा वे छात्र भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, जिन्हें किसी मामले में दोषी पाए जाने पर विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी हो, फाइन लगाया हो या कोई दंड दिया गया हो। आचार संहिता की यह व्यवस्था उन छात्र नेताओं के चुनाव लड़ने के सपने पर पानी फेर देगी जिनका निलंबन फाइन लगाकर खत्म किया गया था और उन्हें विश्वविद्यालय में दाखिला मिल गया था। हालांकि चेतावनी की परिभाषा को लेकर विश्वविद्यालय का रुख नरम है। फिलहाल विश्वविद्यालय में निलंबित छात्रों की सूची में 200 से अधिक नाम शुमार हैं। इनमें हालिया घटनाओं से जुड़े नाम शामिल नहीं हैं। इसके अलावा परीक्षा में नकल के दोषी पाए गए छात्र या जिनका नामांकन के समय बैक पेपर है, वे भी चुनाव से बाहर हो जाएंगे।

मुख्य पदों के लिए एक बार ही मौका : छात्रसंघ चुनाव में मुख्य पदों पर चुनाव के लिए प्रत्याशियों के पास केवल एक ही मौका होगा। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री एवं जूनियर लाइब्रेरियन पद के लिए छात्र-छात्रा को केवल एक बार ही चुनाव लड़ने का अवसर प्राप्त होगा जबकि संकाय, छात्रावास एवं डेलीगसी प्रतिनिधि पद के लिए चुनाव लड़ने के दो मौके उपलब्ध होंगे।

शुरू होगी हेल्पलाइन : चुनाव के मद्देनजर विवि प्रशासन छात्रों की सुविधाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा। इस पर छात्र और प्रत्याशी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन नंबर प्रत्याशियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान करेगी। किसी भी गड़बड़ी या आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले भी हेल्पलाइन पर दर्ज कराए जा सकेंगे। फिलहाल चुनाव अधिकारी प्रो. एनके पांडेय के नंबर 9415003998 और प्रॉक्टर प्रो. पवन अग्रवाल के नंबर 9450511639 ही हेल्पलाइन का काम करेंगे। अभी कुछ और नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके अलावा ग्रीवांस सेल भी गठित की गई है जहां छात्र या प्रत्याशी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

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