अब रिहायशी इलाकों में नहीं चलेगा बर्फ फैक्ट्रियों का धंधा

Lucknow Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। हजारों लोगों के जीवन के लिये खतरा बनी फैक्ट्रियां अब रिहायशी इलाके में बर्फनहीं जमा पाएंगी। अवैध रूप से चोरी छिपे चल रही बर्फ फैक्ट्रियों के शटर पूरी तरह बंद होंगे तो अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने वालों को भी अपने प्लांट उखाड़कर शहर से बाहर जाना होगा। मनमाने तरीके से शहर में चल रही आइस फैक्ट्रियों पर संबंधित विभागों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। टिकैतगंज आइस फैक्ट्री हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की नींद टूटी। मनमाने तरीके से रिहायशी इलाके में चल रही इन फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन का रुख भी सख्त हुआ है। डीएम ने नगर निगम, एलडीए, बिजली निगम, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) आदि से रिपोर्ट तलब की है। इन विभागों को टिकैतगंज आइस फैक्ट्री हादसे में कार्रवाई करने के साथ ही शहर में चल रही ऐसी अन्य फैक्ट्रियों की भी खबर लेनी हैं। प्रशासन सूत्रों के मुताबिक शहरी क्षेत्र से सभी आइस फैक्ट्रियों का हटना तय है। क्योंकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार रिहायशी इलाके में ऐसी कोई फैक्ट्री नहीं चल सकती है जिसमें इस्तेमाल होने वाली गैस या रसायन से आम जनजीवन पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके साथ वायु व ध्वनि प्रदूषण फैलाने व भारी मशीनरी वाले कारखाने भी रिहायशी क्षेत्र में संचालित नहीं हो सकते हैं। मानकों का पालन नहीं करने के चलते ही रोली आइस फैक्ट्री सहित शहर की दूसरी एक दर्जन बर्फ फैक्ट्रियां लाइसेंस हासिल नहीं कर सकीं। अपनी गर्दन बचाने के लिये भले ही ऐसी फैक्ट्रियों के संचालन से अफसर अनजान बन गये, लेकिन पहले उन्हीं के विभाग एनओसी देते रहे हैं। टिकैतगंज में आइस फैक्ट्री भी नगर निगम अधिकारियों की जानकारी में चल रही थी। उन्होंने नगर निगम सीमा में फैक्ट्री संचालन का शुल्क जमा कराकर मालिक को अपनी एनओसी दी थी।
रोली आइस फैक्ट्री पर बंद करने का नोटिस चस्पा ः रिहायशी इलाके में चल रही आइस फैक्ट्रियों के खिलाफ नगर निगम ने सोमवार को कार्रवाई शुरू कर दी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने रोली आइस फैक्ट्री पर उसे बंद करने संबंधी कार्रवाई का नोटिस चस्पा कर दिया। इसके साथ ही नगर निगम ने उस अनुमति को भी निरस्त कर दिया जो नगर निगम सीमा में फैक्ट्री संचालन के लिए शुल्क जमाकर उसके मालिक प्रदीप मिश्र ने हासिल किया था। फैक्ट्री बंदी की कार्रवाई का आधार शनिवार को हुए भारी गैस रिसाव को बनाया गया है। क्योंकि नगर निगम अधिनियम के तहत रिहायशी इलाकेमें लोगों के स्वास्थ्य व संपत्ति को नुकसान एवं वातावरण को प्रदूषित करने वाली फैक्ट्री को बंद करने की कार्रवाई का नगर निगम को अधिकार है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी बोले, जुटा रहे हैं जानकारी ः नगर निगम क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में चल रही आइस फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि उनसे लोगों के स्वास्थ्य और वातावरण पर खराब असर होता है। इसलिए नगर निगम अधिनियम के तहत शहरी क्षेत्र की फैक्ट्रियों को बंद करने की करने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसी फैक्ट्रियों के बारे में जानकारी की जा रही है।
डॉ पीके सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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