सभी वार्डों में होंगे दस लाख रुपये के विकास कार्य

Lucknow Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। महापौर की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कार्यकारिणी की पहली बैठक में हो हल्ला के बाद आखिरकार पार्षदों के विकास कार्यों के लिये 10-10 लाख रुपये कोटा करने पर सहमति बनी। सभी 110 पार्षदों को अब कोटे की पहली किस्त (तिमाही) के रूप में यह राशि मिलेगी। कर्ज तले दबे निगम की माली हालत देखते हुए कोटे की रकम की व्यवस्था कहां से होगी, इसपर सवाल भी उठ रहे हैं। करीब चार घंटे तक चली नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में उपाध्यक्ष के चुनाव को छोड़ करीब दो घंटे तक कोटा राशि बढ़ाने को लेकर ही चर्चा हुई। पहली किस्त के रूप में पहले नौ लाख रुपये आवंटित किये जाने का प्रस्ताव महापौर ने रखा जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ। इसके बाद कोटे की पहली किस्त को नौ से बढ़ाकर दस लाख रुपये कर दिया गया। बैठक के बाद कार्यकारिणी में लिये गए फैसलों के बारे में महापौर डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि सभी वार्डों में विकास कार्य के लिये तिमाही( सितंबर, अक्तूबर व नवंबर की) किस्त के रूप में दस-दस लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। जिसमें 6.75 लाख रुपये निर्माण (सड़क, नाली, खड़ंजा), 01 लाख रुपये सबमर्सिबल पंप लगाने के लिये, 1.25 लाख रुपये पार्क विकास मद में और 01 लाख रुपये मार्ग प्रकाश मद में खर्च किये जाएंगे। इसके अलावा हर वार्ड में दशहरा व दीपावली से पहले पांच-पांच सोडियम लाइटें और दस-दस ट्यब फिटिंग लगाई जाएंगी। यह काम अवस्थापना निधि से किया जाएगा। वहीं 22 सितंबर से सभी वार्डों में वृहद सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। आवारा सांडों की समस्या को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखा जाएगा। वहां पर गौवंश का उपयोग खेती के लिये किया जा रहा है। प्रदेश सरकार को भी इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा। यदि शहरवासी भी गौवंश के संरक्षण के लिये आगे आएंगे तो उस पर भी विचार किया जाएगा।
अक्तूबर तक नियमित करा सकेंगे पानी के अवैध कनेक्शन ः अवैध कनेक्शनों को 31 अक्तूबर तक वैध कराया जा सकता है। इस संबंध में कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पास कर दिया है। महापौर ने बताया कि 500 वर्ग फीट तक के मकान से 500 रुपये और 1050 वर्ग फीट तक के मकान से 1000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इतना ही नहीं लोगों को असुविधा न हो इसके लिए अब स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
गृह कर खुद निर्धारण करने का फिर मौका ः जो भवन स्वामी अभी तक अपना गृहकर निर्धारण नहीं करा सके हैं उनके लिए नगर निगम ने एक और मौका दिया है। ऐसे लोग अब 31 दिसंबर तक स्वकर प्रणाली के तहत अपने मकान का खुद कर निर्धारण कर नगर निगम में जमा कर सकते हैं। इसके लिये कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पास कर दिया गया है। पिछले साल मार्च में स्वकर निर्धारण का समय समाप्त हो चुका है। जिसे एक बार फिर बढ़ाया गया है।
जोन पांच डेंजर जोन घोषित ः आशियाना, एलडीए कॉलोनी, कैलाशपुरी और बंगला बाजार आदि जल निकासी की ध्वस्त व्यवस्था को देखते हुए जोन पांच को डेंजर जोन घोषित किया गया है। यहां पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए जोनल अधिकारी और नगर अभियंता को जिम्मेदारी दी गई है। जिन पर मुख्य अभियंता निगरानी रखेंगे।
नए सिरे से तैयार होगा सिटीजन चार्टर ः तय समय में जनसमस्याओं का निस्तारण हो और अधिकारियों व कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेह तय करने के लिए नए सिरे से सिटीजन चार्टर बनाया जाएगा। दस साल पहले जो सिटीजन चार्टर नगर निगम प्रशासन ने बनाया था वह अब प्रभावी नहीं रहा। इसको देखते हुए एक समिति गठित की गई है जो नया प्रारूप तैयार कर सदन की बैठक में पेश करेगी।
प्रचार नियमावली की समीक्षा व संशोधन करेगी उप समिति ः नगर निगम ने प्रचार नियमावली-2011 का जो प्रारूप तैयार किया है, उसमें संशोधन के लिये एक समिति गठित की गई है। इसमें अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव, पार्षद विनोद कृष्ण सिंघल, गिरीश मिश्रा व शफीकुर्रहमान शामिल हैं। यह समिति सोमवार के बाद तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्र्ट देगी। जिसे नगर निगम सदन में मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। महापौर का कहना है कि प्रचार नियमावली नहीं होने के कारण निगम को बहुत नुकसान हो रहा है। नियमावली में कोई कमी न रहे और वह प्रभावी हो इसके लिये ही नियमावली की समीक्षा व संशोधन के लिये उप समिति गठित की गई है।
बहाल होंगे बर्खास्त संविदा कर्मी ः शासन के आदेश के बाद पिछले माह नगर निगम ने जिन करीब 250 संविदा कर्मचारियों को सेवा समाप्त कर दी थी उनकी सेवा बहाल हो सकती है। नगर निगम कार्यकारिणी ने इस संबंध में प्रस्ताव पास किया है। महापौर का कहना है कि जो कर्मचारी नियमों के तहत रखे गए, उनको नहीं हटाया जा सकता। इसलिए शासन को पत्र लिखा जाएगा और जो कर्मचारी कार्यकारिणी व सदन की सहमति से रखे गये थे उनकी सेवा बहाल की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल, कहां से आएगा पैसा ः पौने दो अरब की देनदारी के भारी भरकम बोझ तले दबे नगर निगम खजाने पर पार्षदों का कोटा बढ़ने से करीब 11 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ जाएगा। जबकि नगर निगम निधि में इस समय महज तीन करोड़ 19 लाख रुपये ही हैं। बढ़ाए गए कोटे के लिये पैसा कहां से आएगा इस पर न महापौर कुछ बोल रहे हैं और न ही नगर निगम प्रशासन।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

सरेंडर से पहले इस SP नेता ने की प्रेस कॉन्फ्रेस, बीजेपी पर जमकर बोला हमला

कई मामलों में वांछित चल रहे समाजवादी पार्टी नेता अतुल प्रधान ने मंगलवार को सरेंडर कर दिया। इससे पहले प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर बीजेपी और यूपी पुलिस पर जमकर हमला बोला।

17 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper