विज्ञापन
विज्ञापन

नागर की आलोचना पर हिन्दी संस्थान में हंगामा

Lucknow Updated Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
लखनऊ। कभी पुरस्कारों में कटौती तो कभी नियमावली में संशोधन को लेकर लगातार विवादों में रहे उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान में गुरुवार को प्रसिद्ध साहित्यकारों की स्मृति में आयोजित समारोह हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रसिद्ध साहित्यकार अमृतलाल नागर पर बोलने आए वरिष्ठ साहित्यकार मुद्राराक्षस ने जब ये कहा कि देश और दुनिया का जो प्रथम श्रेणी का रचनात्मक लेखन है, वह नागर जी कभी नहीं कर पाए और बेहतर होता कि वे साहित्य की जगह पुरातत्व पर लेखन करते तो उपस्थित कई श्रोता भड़क गए। पहले से नाराज चल रहे हिन्दी हितकारिणी सभा के सदस्य मंच के सामने आ गए और विरोध जताया। सभा के युवा सदस्य बाद में विरोध स्वरूप समारोह से बाहर चले गए। यह समारोह अमृतलाल नागर, भगवती चरण वर्मा और आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में आयोजित किया गया था जिसमें प्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह भी उपस्थित थे। नागर जी पर मुद्राराक्षस को बोलना था लेकिन अपने बयानों के लिए पहले भी विवादों में रहे मुद्राराक्षस ने अपने पूरे उद्बोधन में उनकी आलोचना ही की। उन्होंने कहा कि ऐसे समारोह में जब किसी साहित्यकार को लेकर उत्सव मनाया जाता है तो उसमें सत्य का बहुत नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि अमृतलाल नागर हों या भगवती चरण वर्मा, दोनो ही रचनात्मक नजरिए से खरे नहीं उतरते हैं। उन्होंने कहा कि नागर जी की अपनी सीमाएं थीं। वे जिस लेखन की परम्परा को आगे बढ़ाना चाहते थे वह परम्परा यह बहुत कम गुंजाइश छोड़ती है कि आप रचनात्मक दृष्टि से श्रेष्ठ हो जाएं। मुद्राराक्षस इतने पर ही रुके नहीं, उन्होंने कहा कि अमृतलाल नागर पुरातत्व से गहरा सम्बंध जोड़ते थे। बेहतर यह होता कि उपन्यास लिखने की जगह पुरातत्व पर ही लिखते। उन्होंने बहुत सारी ईटें इकट्ठा कर रखी थीं जो अलग-अलग काल की थीं। उन्होंने अपनी रचनाओं में जातियों, खानदानों पर पुरातात्विक दृष्टि से लिखा है। उनकी लाइब्रेरी बहुत अच्छी थी लेकिन उसमें साहित्यिक किताबों की जगह दुनिया भर के ज्ञान विज्ञान की पुस्तकें अधिक थीं। मुद्राराक्षस ने कहा कि साहित्य में अगर आप कदम रख रहे हैं तो कोशिश यह होनी चाहिए कि आपकी रचना दुनिया के बेहतरीन लोगों की रचना के साथ खड़ी हो सके। अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो आपको नहीं लिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागर जी को भी ये शक था कि लोग उनकी रचनात्मकता पर संदेह कर रहे हैं। विष्णु प्रभाकर भी ऐसे ही रचनाकार थे। समारोह में विरोध करने वाली हिन्दी हितकारिणी सभा हालांकि इसके पहले कभी चर्चा में नहीं आयी। संस्था के सदस्य पहले से ही मुद्राराक्षस के विरोध की तैयारी करके आए थे। वे अपने साथ संस्थान के निदेशक को सम्बोधित ज्ञापन और मुद्राराक्षस द्वारा पिछले दिनों ‘तद्भव’ के समारोह में दिए गए वक्तव्यों पर आधारित खबरों की छाया प्रतियां भी लाए थे। ज्ञापन में मुद्राराक्षस को समारोह में बुलाने पर आपत्ति जताई गई थी। ‘तद्भव’ के समारोह में मुद्राराक्षस ने कहा था कि हिन्दी में न ज्ञान है और न विज्ञान। नागर जी की आलोचना पर ये सदस्य सभागार में खड़े हो गए और विरोध जताने लगे। उन्होंने ज्ञापन की प्रतियां मंच पर फेंकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रेणियों को कॉलेजों-विश्वविद्यालयों के लिए छोड़ दें: नामवर ः हिन्दी संस्थान के समारोह में मुद्राराक्षस द्वारा अमृतलाल नागर की आलोचना से प्रसिद्ध आलोचक नामवर सिंह भी सहमत नहीं दिखे। ‘अमर उजाला’ को प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. सिंह ने कहा कि श्रेणियां बनाने का काम कॉलेजों-विश्वविद्यालयों के लिए छोड़ देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि प्रथम श्रेणी का रचनाकार कौन है, बहुत सारे लोग बहुत सारे रचनाकारों को प्रथम श्रेणी का नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत लोग तुलसी को कवि नहीं मानते हैं और कहते हैं कि वे राम-राम ही करते रहे। बहुत लोगों का मानना है कि रीतिकाल वाले ही कवि हैं, कबीर-सूर-तुलसी कवि नहीं हैं। बहुत लोग प्रेमचंद को नहीं मानते हैं। प्रो. सिंह ने कहा कि नागर जी ने ‘मानस का हंस’, ‘खंजन नैन’ जैसी बहुत सारी अच्छी रचनाएं लिखी हैं। उन्होंने कहा कि आप यशपाल के बारे में तो कह सकते हैं कि उन्होंने राजनीतिक लेखन किया, उनके लेखन में विचारधारा की प्रमुखता रही। ‘झूठा सच’ के पहले भाग को तो अच्छा माना जाता है लेकिन दूसरे भाग को बहुत लोग अच्छा नहीं मानते। प्रो. सिंह ने कहा कि भगवती बाबू को ‘चित्रलेखा’ के लिए जो प्रशंसा मिली, उसे वे आगे कायम नहीं कर पाए। लेकिन उन्होंने कई अच्छी रचनाएं लिखीं। ‘मुगलों ने सल्तनत बख्श दी’, बहुत अच्छी कहानी है। उनकी कहानी कहने का ढंग बहुत अच्छा था। अज्ञेय जी यशपाल को कथाकार नहीं मानते थे। लेकिन अगर आप नागर, भगवती बाबू और यशपाल को छोड़ देंगे तो प्रेमचंद के बाद के काल में आपके पास बचता ही कौन है?

Recommended

HP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
HP Board 2019

HP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019
ज्योतिष समाधान

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Bareilly

मां की विरासत सहेजने की जिम्मेदारी वरुण पर, पीलीभीत में सपा के हेमराज से है सीधी टक्कर

मां मेनका गांधी की पीलीभीत लोकसभा सीट पर भेजे गए वरुण गांधी को इस बार सपा के हेमराज वर्मा से सीधी टक्कर मिल रही है।

22 अप्रैल 2019

विज्ञापन

अलीगढ़ के रोडवेज दफ्तर में छलके जाम, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अलीगढ़ डिपो में कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो हुआ वायरल। देखें वीडियो।

21 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election