विज्ञापन
विज्ञापन

करोड़ों का ‘पैक्स’ सिस्टम अब तक ‘पैक’

Lucknow Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पिक्चर आर्काइविंग सिस्टम (पैक्स) शुरू नहीं हो पाया है। इस सिस्टम को शुरू करने के लिए खरीदे गए कंप्यूटर मॉनीटर रेडियोडायग्नोसिस विभाग में कई सालों से धूल खा रहे हैं। जिन विभागों को मॉनीटर दिए भी गए वहां भी रखे-रखे कबाड़ होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। करोड़ों की खरीद में शामिल चिकित्सकों और अधिकारियों का गठजोड़ पैक्स सिस्टम को खरीद कर शुरू करना ही भूल गया। जबकि सिस्टम शुरू न होने से मरीजों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे के प्रिंट लेकर घूमना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संजय गांधी पीजीआई में मरीजों के सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे आदि ऑनलाइन देखने के लिए पिक्चर आर्काइविंग सिस्टम (पैक्स) शुरू करने की योजना बनाई थी। इस सिस्टम को शुरू करने के लिए 10 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर कंप्यूटर मॉनीटर भी खरीद लिए गए थे। पैक्स सिस्टम शुरू होने के बाद एमआरआई, सीटी स्कैन और एक्स-रे आदि फिल्में ऑनलाइन हो जाती। इससे डॉक्टर अपने कंप्यूटर पर बैठे-बैठे किसी भी मरीज का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर उसकी रिपोर्ट कंप्यूटर पर देख सकते थे। इससे मरीज को अपने साथ हर बार बड़ी-बड़ी फिल्में लेकर घूमना नहीं पड़ता। जिस तरह पैथोलॉजी रिपोर्ट ऑनलाइन देखने की सुविधा है, उसी तरह एक्स-रे, सीटी स्कैन रिपोर्ट भी ऑनलाइन हो जाती और पीजीआई प्रशासन के पास उसका पूरा रिकॉर्ड भी रहता। लेकिन संजय गांधी पीजीआई प्रशासन की लापरवाही के चलते तीन साल बाद भी पैक्स सिस्टम शुरू नहीं हो पाया है। सूत्रों के अनुसार कमीशन के चक्कर में पैक्स सिस्टम शुरू करने के लिए उपकरणों की खरीद तो आनन-फानन में कर ली गई, लेकिन इसे शुरू करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं किया गया।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा चुका है एचआईएस ः जानकारी के अनुसार इस सिस्टम को भी हॉस्पिटल इन्फार्मेशन सिस्टम (एचआईएस) पर ही चलना था। लेकिन एचआईएस सिस्टम अधिकारियों के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था। इस वजह से पैक्स सिस्टम को शुरू करने का भी जोखिम नहीं लिया गया। इस सिस्टम के तहत सभी विभागों को एक-दूसरे से जोड़ा गया है। जिससे एक ही क्लिक पर मरीजों की सारी जानकारी एक जगह पर मिल जाती है। कुछ साल पहले एचआईएस को उच्चीकृत करने की कवायद शुरू हुई थी। इसके लिए अधिकारियों ने 12.50 करोड़ रुपये की एक योजना तैयार की थी। अगस्त 2008 में बंगलुरु की एक कंपनी को इसका ठेका दिया गया। जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, उपकरणों की आपूर्ति और सिस्टम को उच्चीकृत कर चालू हालत में देना था। इसके लिए कंपनी को 30 मई 2009 तक का समय दिया गया था। संस्थान ने कंपनी को 8.2 करोड़ रुपये की धनराशि बैंक गारंटी के सापेक्ष भुगतान की। बैंक गारंटी की वैधता 31 अगस्त 2009 तक थी। लेकिन कंपनी बिना समय पर काम पूरा किए चली गई।

Recommended

HP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
HP Board 2019

HP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019
ज्योतिष समाधान

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Sant Kabir Nagar

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट देने पर रामगोविंद चौधरी ने साधा बीजेपी पर निशाना

रामगोविंद चौधरी ने भाजपा पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी आतंकवादियों से लड़ने का ढोंग करती है। 

20 अप्रैल 2019

विज्ञापन

फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव, दो दर्जन से ज्यादा लोग पहुंच गए अस्पताल

मथुरा में एक आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। घटना के बाद लोगों में अफरातफरी मच गई। हादसे में दो दर्जन लोग प्रभावित हुए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

20 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election