बेपरवाह महकमों के आगे सीएम के निर्देश भी बौने

Lucknow Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर छात्रसंघ चुनाव कराने के सीएम के निर्देश भी बेपरवाह जिम्मेदारों के आगे बौने साबित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को सीएम अखिलेश यादव ने छात्रनेताओं की होर्डिंग-बैनर हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद भी राजधानी के किसी भी चौराहे से होर्डिंग हटवाने का कोई भी प्रयास नहीं किया गया।
21 मार्च 2012 को प्रदेश सरकार ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर छात्रसंघ चुनाव कराए जाने का निर्देश विश्वविद्यालयों को दिए थे। इसके बाद भी नगर निगम और विश्वविद्यालय प्रशासन के ढीले-ढाले रवैऐ के चलते छात्रनेता भारी पड़ते दिख रहे हैं। यही कारण है कि हर चौराहे और कॉलेज के पास होर्डिंग, पोस्टर और बैनरों की भरमार है। स्थिति यह हो गई कि छात्रनेताओं ने जबरन विज्ञापन एजेंसियों के विज्ञापन पटों पर अपनी होर्डिंग टांग दी। अब विवि प्रशासन और नगर निगम एक दूसरे पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी डाल रहे हैं। अभी हाल ही में नगर निगम की ओर से लविवि कुलसचिव को छात्रनेताओं पर कार्रवाई करने और लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए पत्र भी भेजा गया। उसके बाद भी लविवि प्रशासन के अधिकारी मामले में कार्रवाई करने से बच रहे हैं। अधिकारी छात्रसंघ चुनाव का संविधान आ जाने के बाद ही कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। स्थिति यह है कि अब भी विवि का छात्रसंघ संविधान नहीं बन सका है। वहीं नगर निगम प्रशासन भी एक- दो दिन होर्डिंग हटाने का अभियान चलाने के बाद शांत हो गया। पॉलिटेक्निक चौराहे और फैजाबाद रोड पर नगर निगम के अभियान के बाद भी छात्रनेताओं ने होर्डिंग लगा दीं। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों को सख्ती से लागू कर छात्रसंघ चुनाव कराए जाने के साथ ही छात्रनेताओं के होर्डिंग, पोस्टर और बैनर पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद भी न तो लविवि प्रशासन, न किसी महाविद्यालय और न ही नगरनिगम के अधिकारियों ने कार्रवाई करना मुनासिब समझा। ऐसे में लिंगदोह की संस्तुतियों के आधार पर साफ-सुथरे चुनाव कराए जाने की शासन की कवायद पर जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे हैं।

सिफारिशें जिनका हो रहा उल्लंघन: चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा पांच हजार होनी चाहिए। प्रचार में मुद्रित सामग्री, वाहन, लाउडस्पीकर, जानवरों का इस्तेमाल नहीं होगा। परिसर के बाहर प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता है। प्रत्याशी केवल हस्तनिर्मित पोस्टरों का प्रयोग कर सकेंगे।

क्या हो सकती है कार्रवाई: यदि किसी प्रत्याशी द्वारा किसी शर्त का उल्लंघन किया जाता है अथवा व्यय की अधिकतम सीमा का उल्लंघन होता है तो उसका चुनाव निरस्त किया जा सकता है।

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