राजधानी में ढूंढे नहीं मिले रहे बाल वैज्ञानिक

Lucknow Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
लखनऊ। राजधानी में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन, द इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकंडरी एजुकेशन समेत यूपी बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करीब 825 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। जहां छह से बारहवीं तक की कक्षाओं में 1.5 लाख से ज्यादे बच्चे पढ़ रहे हैं। लेकिन, इनती बड़ी संख्या होने के बाद भी राजधानी के स्कूलों में बाल वैज्ञानिक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। आलम यह है कि केन्द्र सरकार की ओर से बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहन प्रदान कर आगे लाने के लिए संचालित इन्सपायर अवार्ड स्कीम के लिए इन स्कूलों से सिर्फ 73 आवेदन सामने आए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की स्थिति इनसे ज्यादा बेहतर है। यहां संचालित 2000 से ज्यादा स्कूलों से 573 बच्चों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
बच्चों की विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार की ओर से इन्सपायर अवार्ड स्कीम का संचालन किया जा रहा है। स्कीम में छह से बारहवीं तक की कक्षाओं के बच्चों को शामिल किया जाता है। कक्षा में प्रथम तीन स्थानों पर रहने वाले ऐसे बच्चे जिनकी विज्ञान के प्रति रुचि हो, उन्हें केन्द्र सरकार की ओर से 5,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। योजना के तहत सभी विद्यालयों (सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड और बेसिक शिक्षा परिषद) के बच्चों को शामिल किया जाता है। छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने के बाद बच्चों के साइंस मॉडल्स की जिला स्तरीय प्रदर्शनी लगाई जाती है। यहां से 5 से 7 फीसदी बच्चों को प्रदेश स्तरीय और वहां से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली प्रदर्शनी में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम तीन स्थान पाने वाले बच्चों को विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
राजधानी में योजना के संचालन की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है। बीते दिनों डीआईओएस की ओर से सभी विद्यालयों को पत्र लिखकर विज्ञान में रुचि रखने वाले मेधावियों की सूची मांगी गई। इस योजना के प्रति कैथेड्रल सीनियर सेकंडरी स्कूल व कुछ अन्य विद्यालयों ने रुचि दिखाई और अपने स्टूडेंट्स को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया। वहीं, ज्यादातर विद्यालयों की ओर से एक भी स्टूडेंट को नहीं भेजा गया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कुल 646 बच्चों के नाम आए, जिसमें माध्यमिक स्कूलों से 73 और बेसिक से 573 स्टूडेंट्स शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश त्रिपाठी का कहना है कि विद्यालयों की ओर से कम रुचि दिखाया जाना चिंता का विषय है। योजना का संचालन बीते दो वर्षों से किया जा रहा है। पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है। विभाग की ओर से ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभान्वित किए जाने और योजना के प्रमोशन के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों और विद्यालयों के स्तर से सहयोग अपेक्षित है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष रिजवी बोले-अयोध्या में राम मंदिर के अलावा और कोई प्रस्ताव मंजूर नहीं

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अयोध्या मामले में आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर व अन्य अनधिकृत व्यक्तियों के समझौता प्रस्ताव को नकार दिया है।

17 फरवरी 2018

Related Videos

यूपी के इस जिले में पकड़ा गया 15 हजार में 10वीं पास करा देनेवाला गिरोह

सीएम आदित्यनाथ योगी चाहे जितनी भी कोशिश कर लें पर लगता है कि यूपी में नकल माफिया सुधरनेवाला नहीं। वाराणसी से सटे चंदौली में पुलिस ने ऐसे ही नकल माफिया का भंडाफोड़ किया है जो 15 हजार रुपये में यूपी बोर्ड के पेपर सॉल्व करने का ठेका लिया करता था।

18 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen