कॉलेजों में बीए-बीकॉम की 33 फीसदी सीटें बढ़ी

Lucknow Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं की सीटों में 33 फीसदी का इजाफा कर दिया गया है। हालांकि विज्ञान संवर्ग में यह वृद्धि मात्र 10 फीसदी ही हुई है। वहीं लविवि ने अपने परिसर में सीट बढ़ोतरी को कॉमर्स तक ही सीमित रखा है। एक दर्जन कॉलेजों में अतिरिक्त सेक्शन की मांग पर भी प्रवेश समिति ने निर्देश जारी किए हैं। लविवि प्रवेश समिति की बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें मुख्य मुद्दा स्नातक कक्षाओं में सीट वृद्धि का था। शासन ने 4 अगस्त को स्नातक कक्षाओं में सीट बढ़ोतरी का फैसला लिया था। इसके तहत विश्वविद्यालयों को उपलब्ध संसाधनों के आधार पर 60 सीटों के सेक्शन को बढ़ाकर 80 कराने का निर्देश दिया गया था। विवि के निर्देश के बाद यह बढ़ोतरी कॉलेजों में भी लागू होनी थी। प्रवेश समिति ने बीए एवं बीकॉम में सेक्शन को बढ़ाकर कॉलेजों में 60 से 80 करने को हरी झंडी दे दी। इसके चलते इन पाठ्यक्रमों में कॉलेजों की एक-तिहाई सीट बढ़ गई है। दूसरी ओर बीएससी में केवल दस फीसदी सीटें ही बढ़ाई गई हैं।
लविवि में कॉमर्स की सीटें बढ़ी ः लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश समिति ने स्नातक स्तर पर केवल कॉमर्स में 25 फीसदी सीटें बढ़ाई हैं। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी भी केवल सेल्फ फाइनेंस की सीटों में की गई है। ऐसे में लविवि में कॉमर्स पढ़ने की चाहत रखने वाले अभ्यर्थियों की जेब ढीली करनी पड़ेगी। बीकॉम में सेल्फ फाइनेंस की 150 सीटें हैं। 25 फीसदी के हिसाब से इसमें 38 सीटें बढ़ाई गई हैं जबकि बीकॉम ऑनर्स में 100 सीटें हैं। इसकी 25 सीटें बढ़ी हैं। लविवि में बीकॉम की सेल्फ फाइनेंस की फीस 25775 रुपये प्रति वर्ष है जबकि ऑनर्स की फीस 30775 रुपये प्रति सेमेस्टर है। इन सीटों पर दाखिले 18 अगस्त को होने की उम्मीद है।

कॉलेजों को सशर्त सेक्शनः प्रवेश समिति में एक दर्जन से अधिक कॉलेजों में अतिरिक्त सेक्शन बढ़ाने के प्रत्यावेदन पर भी विचार किया गया। इसमें इस्लामिया डिग्री कॉलेज, कालीचरण पीजी कॉलेज, क्रिश्चियन कॉलेज, नवयुग कॉलेज, रामा डिग्री कॉलेज, रजत गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सिटी एकेडमी कॉलेज, नगर निगम डिग्री कॉलेज, ज्ञानोदय डिग्री कॉलेज, रामाधीन सिंह डिग्री कॉलेज, कॅरिअर कॉन्वेंट कॉलेज, भारतीय विद्या भवन आदि कॉलेज शामिल थे। इन सभी ने बीकॉम में अतिरिक्त सेक्शन की मांग की थी। कॉलेजों के प्रत्यावेदन पर निरीक्षण के लिए तीन समितियां बनाई गई, जिनकी संस्तुति के आधार पर सेक्शन बढ़ाने का फैसला लिया गया। प्रवेश समिति ने तय किया कि एडेड कॉलेज में संस्तुति के आधार पर अतिरिक्त सेक्शन प्रदान कर दिए जाए, लेकिन उन्हें पंद्रह दिन के अंदर निरीक्षण समिति की शर्तें पूरी करनी होंगी जबकि सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के संदर्भ में निर्णय हुआ कि एक महीने के भीतर वह समिति द्वारा दर्शायी गई कमियों को पूरा कर लें तभी उन्हें अतिरिक्त सेक्शन दिया जाएगा। जिन कॉलेजों में पिछले सत्र में सीटें बढ़ाई गई थी उनमें इस सत्र में भी सीट बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है।

एससी के लिए 50 फीसदी अर्हताः लविवि में परास्नातक में यदि छात्र दूसरी फैकल्टी या विषय में दाखिला लेता है तो उसके लिए उसे स्नातक में 55 फीसदी अंक पाना अनिवार्य होता है। सभी संवर्गों के लिए एक ही नियम है। लूटा अध्यक्ष डॉ. विनोद सिंह ने प्रस्ताव रखा कि अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा घटाकर 50 फीसदी कर दी जाए। प्रवेश समिति ने इस संस्तुति को स्वीकार कर लिया। इसके लिए विश्वविद्यालय के प्रवेश अध्यादेश में परिवर्तन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

कार्यवृत्त में ही दम तोड़ रहा चैलेंज इवैल्यूएशनः लविवि में पिछले सत्र में रिजल्ट आने के बाद फेल छात्रों की भारी संख्या के चलते काफी हंगामा हुआ था। छात्रों ने मूल्यांकन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। छात्रों के दबाव में प्रवेश समिति ने यह निर्णय लिया था कि विश्वविद्यालय में चैलेंज इवैल्यूएशन लागू किया जाए। 17 अप्रैल को हुई प्रवेश समिति की बैठक में इस पर मुहर लगी थी और प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा गया था। लगभग चार महीने होने को है लेकिन यह मामला बैठक के कार्यवृत्त से आगे नहीं बढ़ सका है। प्रवेश समिति ने अति शीघ्र यह प्रस्ताव शासन को भेजकर उसकी अनुमति लेने का निर्देश दिया है।

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