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रूमी गेट का रास्ता बनाएंगे पैदल पथ

Lucknow Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। दिन भर में हजारों वाहनों के आवागमन से जर्जर होते जा रहे राजधानी की पहचान रूमी दरवाजे को बचाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसे बचाने के लिए वाहनों का गुजरना प्रतिबंधित करते हुए पैदल पथ बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। शासन ने इसे अमलीजामा पहनाने के लिए आठ सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया है। इसमें आला अधिकारियों के अलावा रॉयल फैमिली ऑफ अवध के सदस्यों भी शामिल हैं। कमेटी इस संबंध में एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर तीन महीने में शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
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संस्कृति सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से इस कमेटी का गठन किया गया है। डीएम अनुराग यादव, लखनऊ मंडल अधीक्षण पुरातत्वविद्, निदेशक राज्य पुरातत्व विभाग, पुलिस अधीक्षक, एलडीए उपाध्यक्ष, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, रॉयल फैमिली ऑफ अवध प्रिसेंस फरहाना मालिकी, प्रिसेंस आफरीन मालिकी को इस कमेटी में शामिल किया गया है। शासन की ओर से आदेश दिया गया है कि रूमी गेट के संरक्षण के लिए कमेटी के सभी सदस्य मिलकर काम करें। ट्रैफिक डायवर्जन के लिए रिपोर्ट तैयार करें। आर्किटेक्ट के जरिए डीपीआर बनवाई जाए। इसके बाद वित्त पोषण के संबंध में सुझाव पेश करें। इसके लिए तीन महीने का समय दिया गया है।
दो वर्ष से चल रही प्लानिंग % रूमी गेट के संरक्षण और मरम्मत के लिए बड़े इमामबाड़े के सामने की रोड पर यातायात प्रतिबंधित करने की कोशिशें पिछले दो वर्षों से लगातार चल रही हैं। अगस्त-2010 में इस रोड को बंद कर टीले वाली मस्जिद के बंधा रोड से ट्रैफिक डायवर्ट करने का प्लान था, मगर इसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजलुर्ररहमान ने ऐतिहासिक मस्जिद की सुरक्षा और शोर का हवाला देकर इसका विरोध किया था। जबकि, रूमी गेट की दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं और पुरातत्व विभाग मरम्मत कराने में विफल साबित हुआ है। ऐसे में शासन का यह नया आदेश रूमी गेट के संरक्षण के लिए उम्मीद लेकर आया है।
हुसैनाबाद बने हेरिटेज जोन % हेरिटेज आर्किटेक्ट के विशेषज्ञ आशीष श्रीवास्तव, जिन्होंने हजरतगंज के नए स्वरूप को डिजाइन किया है, भी लंबे समय से बड़े इमामबाड़े से लेकर छोटे इमामबाडे़ तक हेरिटेज जोन बनाने की मांग करते रहे हैं। इस तीन किलोमीटर की सड़क को वाहनों से मुक्त कर केवल पैदल पर्यटकों और इक्का-तांगा के लिए खोलने की अपील की जाती रही है। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या को बढ़ाया जा सकेगा।

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