जानें गूगल की कुछ अनोखी बातें

क्रियांशु सारस्वत/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 24 Sep 2012 01:29 PM IST
some-interesting-fact-of-google
गूगल कर लो। कुछ जानकारी चाहिए तो गूगल और सिर्फ गूगल। गूगल करोड़ों ही नहीं अरबों लोगों के दिलों में जगह बना चुका है। आज गूगल का फाउंडेशन डे है, आइए एक नजर डालते हैं इस कंपनी से जुड़े कुछ दिलचस्प प्रसंगों और तथ्यों पर।

कंपनी की शुरुआत
गूगल की शुरूआत सर्गे ब्रिन और लैरी पेज द्वारा 1996 में स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्टूडैंट के रूप में की गई। शुरूआत में ब्रिन और पेज दोनों ने स्टेनफोर्ड डिजीटल लाइब्रेरी प्रोजेक्‍ट (एसडीएलपी) पर काम किया। एक इंटरनेट सर्च इंजन से शुरू हुआ यह सफर आज एक बड़ी बिजनेस कंपनी बन गया है।

गूगल की आधिकारिक तौर पर शुरूआत 4 सितंबर, 1998 को हुई थी। आज यह कंपनी पूरी दुनिया में पसंदीदा सर्च इंजनों में पहले नंबर पर है। इसके कारोबार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें 32 हजार लोगों का स्टाफ काम करता है और यह एक बहुराष्‍ट्रीय कंपनी है। इसका कारोबार सिर्फ अमेरिका ही नहीं, इसके अलावा भी कई देशों में फैला हुआ है।

वेबसाइटों की लोकप्रियता रेटिंग बताने वाली संस्था अलेक्सा की सूची में गूगल डॉट कॉम दुनिया में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेबसाइटों में पहले पायदान पर है।

गूगल का पहला नाम
गूगल को अंग्रेजी में लिखा जाता है google, शायद आप जानते हों लेकिन असल में यह googol की गलत स्पेलिंग है। पेज और ब्रेन ने पहले इसका नाम बैकरब रखा था। जब 15 सितंबर 1997 को इसके डोमेन रजिस्ट्रेशन का समय आया तो लैरी ने इसका नाम गूगल कर दिया। इसके पीछे कारण यह था कि लैरी की गणित में रुचि थी। 4 सितंबर 1998 को आधिकारिक रुप से गूगल कंपनी की शुरुआत हुई। गूगल की शुरूआत में लैरी की कल्पना थी कि एक ऐसा सर्च इंजन बनाया जाए जो विभिन्न वेबसाइटों के आपसी संबंध का विश्‍लेषण कर सके।

गूगल का आइपीओ
जिस समय 19 अगस्त 2004 में गूगल का आइपीओ लांच किया गया तो लोगों में इसके लिए बहुत ज्यादा क्रेज देखा गया। गूगल के आइपीओ की शुरूआती कीमत 85 अमेरिकी डॉलर रखी गई थी। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों में यह 600 अमेरिकी डॉलर के आंकड़ें तक पहुंच चुका है।

लीगो ने बनाया पहला स्टोरेज
सर्च इंजन के मामले में दुनिया की नंबर 1 कंपनी गूगल का पहला स्टोरेज LEGO (लीगो) ने 1996 में बनाया था। उस समय गूगल का नाम बैकरब था। बैकरब की स्टोरेज क्षमता 40 GB थी। जो कि आज के आइपॉड से भी कम है।

गूगल का लोगो
गूगल के लोगो से जुड़ा दिलचस्प राज यह है कि 31 मार्च 2001 को यह होम पेज पर सेंटर में प्लेस नहीं था। 31 मार्च 2001 के बाद इसे होम पेज पर सेंटर में जगह दी गई। साल 1998 से 2001 तक इसकी प्लेसिंग बायीं तरफ थी। गूगल सर्च इंजन में दूसरे नंबर पर कायम याहू की स्टाइल में गूगल लिखने के बाद एक्सक्लेमेंट्री मार्क भी लगाता था।

गूगल का पहला स्नैक्स
गूगल के ऑफिस में जब पहली बार कंपनी की तरफ से स्नैक्स का ऑर्डर किया गया था तो यह 'स्वीडिश फिश' था। उस समय गूगल की तरफ से अपने कर्मचारियों को ड्रिंक नहीं दी गई थी। हालांकि यह गूगल की तरफ से आर्गनाइज किया जाने वाला काफी छोटा इवेंट था। आज के समय में इंडस्ट्री में गूगल अपने एम्पलाइज को फ्री स्नेक्स और फ्री ड्रिंक देने के मामले में मशहूर है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live update of latest gadgets News apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking hindi news from Tech and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Tip of the Day

बेच रहे हैं अपना स्मार्टफोन? Format नहीं Erased कीजिए डेटा

जरूरी है कि इसे किसी अच्छे सॉफ्टवेयर से Erased किया गया हो, ताकि किसी हैकर या साइबर क्रिमिनल के हाथों आपका संवेदनशील डेटा ना लग जाए।

25 दिसंबर 2017

Related Videos

NO नेटवर्क जोन में अपने स्मार्टफोन को ऐसे बनाएं सैटेलाइट फोन

कई बार फोन में नेटवर्क न होने से हम परेशान हो जाते हैं, खासकर तब जब हम किसी पहाड़ी इलाके में हों...

20 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper