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सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले समझ लें नए नियम

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 26 Feb 2021 08:48 AM IST

सार

  • यदि आप कोई आपत्तिजनक पोस्ट या कंटेंट शेयर करते हैं और उस पर आपत्ति आती है तो सोशल मीडिया कंपनी इसकी जानकारी सरकार को उपलब्ध कराएगी।
  • आपका कोई पोस्ट सोशल मीडिया कंपनी डिलीट करती है तो आप कंपनी से इसकी वजह पूछ सकते हैं। 
  • महिलाओं से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री शेयर पर उसे शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर हटा दिया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

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विस्तार

केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम जैसे ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेयर का दुरुपयोग रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए। इसके तहत सरकार द्वारा चिह्नित की गई किसी भी सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना होगा। साथ ही देश में त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा। ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्मों को देश की संप्रभुता और सुरक्षा के खिलाफ राष्ट्रविरोधी संदेशों के मूल स्रोतों की पहचान करनी होगी। अपराध सिद्ध होने पर सजा भी हो सकती है।
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यह व्यवस्था भारत की अखंडता, एकता और सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक व्यवस्था, दूसरे देशों से रिश्तों, दुष्कर्म और यौन शोषण जैसे मामलों पर लागू होगी। इसके अलावा, इन कंपनियों को हर महीने शिकायतों और उन पर कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी। खास बात यह है कि इन दिशा-निर्देशों के जरिये पहली बार डिजिटल और ऑनलाइन मीडिया को कानून के दायरे में लाया गया है। इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड नाम से जारी इन दिशा-निर्देशों के बारे में जानकारी देते हुए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, भारतीय अपनी रचनात्मकता दिखाने, सवाल पूछने, जानकारी देने, अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।


सरकार लोकतंत्र के आवश्यक तत्व के रूप में प्रत्येक भारतीय के आलोचना और असहमति के अधिकार को स्वीकार करती है और उसका सम्मान करती है। भारत सबसे बड़ा खुला इंटरनेट समाज है और सरकार भारत में काम करने, व्यापार करने और मुनाफा कमाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों का स्वागत करती है। हालांकि, उन्हें भारत के संविधान और कानूनों के प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा। वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही सामग्री को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी। संसद के दोनों सदनों में लगातार इससे संबंधित मामले उठ रहे हैं, इसलिए सरकार को आगे आकर इनके लिए नियम बनाने पड़े हैं। सरकार द्वारा ये दिशा-निर्देश तब जारी किए गए हैं, जब हाल ही में किसान आंदोलन के दौरान ट्विटर पर ऐसे मेसेजों की बाढ़ आ गई थी। तब सरकार ने ट्विटर से राष्ट्रविरोधी मेसेज भेजने वाले 1,500 अकाउंट को बंद करने को कहा था। 


ये हैं नए दिशा निर्देश

सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट लिखने पर पांच साल जेल
  • जो कंटेंट बच्चों के लिए ठीक नहीं है, माता-पिता उसे ब्लॉक कर सकेंगे।
  • ओटीटी और डिजिटल खबरों के कंटेंट के लिए श्रेणियां बनेंगी, फिल्मों जैसा कोड भी बनेगा।
  • ओटीटी, डिजिटल न्यूज के लिए तीन चरणों की प्रणाली बनेगी। इन्हें अपनी कंपनी की जानकारियां देनी होंगी। रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं है, पर जानकारी देनी ही होगी।
  • ओटीटी के लिए पैरेंटल लॉक यानी ऐसी व्यवस्था करनी होगी, जिससे अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऐसे कंटेंट को ब्लॉक कर सकें, जो उनके लिए ठीक नहीं है।
  • समाचार पोर्टल्स के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश जैसे व्यक्ति की अध्यक्षता में एक सरकारी समिति भी बनेगी। यह प्रकाशक को चेतावनी, सामग्री हटाने जैसे निर्देश दे सकेगी।सरकार अंतर विभागीय समिति बनाकर निगरानी करेगी।
  • फिल्मों की तरह ही नेटफ्लिक्स, अमेजन जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म को भी उम्र के लिहाज से कंटेंट तय करना होगा। यानी कौन सा कंटेंट किस आयु वर्ग के लिए उचित है। इसे 13+, 16+ और ए श्रेणी में बांटा जाएगा।

सोशल मीडिया: विवादित पोस्ट 24 घंटे में हटाएं, पहले इसे किसने भेजा ये बताना होगा
  • सोशल मीडिया कंपनी को किसी आपत्तिजनक, शरारती पोस्ट या संदेश को सबसे पहले किसने लिखा इसकी जानकारी मांगने पर देनी होगी। ये व्यवस्था केवल भारत की अखंडता, एकता और सुरक्षा, दुष्कर्म जैसे मामलों में लागू होगी।
  • शिकायत निपटारे के लिए तंत्र बनाना होगा। एक भारतीय अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी, इसका नाम भी बताना होगा। इस अधिकारी को 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करनी होगी और इसका निपटारा 15 दिन में करना होगा।
  • यूजर के सम्मान खासतौर पर महिलाओं के सिलसिले में, अगर किसी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट की जाती है तो शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा।
  • कंपनी को यूजर को बताना होगा उसका कंटेंट क्यों हटाया जा रहा है, उसका पक्ष भी सुनना होगा। प्लेटफॉर्म में यूजर रजिस्ट्रेशन का वॉलेंटरी वेरिफिकेशन सिस्टम बनाना होगा।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होगी इस तरह से सख्ती, यूजर्स के लिए भी जरूरी

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