आपके कंप्यूटर तबाह कर देंगे ये खतरनाक वायरस

Kriyanshu Saraswat Updated Sat, 04 Aug 2012 02:43 PM IST
most dangerous computer viruses in the world
वायरस, यानी एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम जो आपके कंप्यूटर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। पिछले एक दशक में कई वायरस लाखों कंप्यूटरों को अपनी चपेट में लेकर नुकसान पहुंचा चुके हैं। सोमवार को भी दुनिया के लाखों कंप्यूटरों पर 'डीएनएस चेंजर' नाम का वायरस अटैक कर सकता है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई को आशंका है कि डीएनएस चेंजर 9 जुलाई को दुनिया के 3.5 लाख इंटरनेट कनेक्‍शन को ठप कर देगा। इसकी चपेट में भारत के भी 20 हजार कंप्यूटर आ सकते हैं। एफबाई के मुताबिक डीएनएस चेंजर इंटरनेट ट्रैफिक को फर्जी वेबसाइटों की ओर मोड़ता है। हम बात करते हैं उन खतरनाक वायरस की जो पिछले एक दशक में कंप्यूटर वर्ल्ड में तबाही मचा चुके हैं।

बीस्ट ट्रोजन हार्स
बीस्ट ट्रोजन हार्स एक प्रकार का स्टैंडअलोन खतरनाक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है। यह आपके कंप्यूटर को ऑटोमेटिक तरीके से चपेट में नहीं लेता। एक बार यदि आप गलती से भी इस वायरस क्लिक कर देते है तो यह आपके पीसी में मौजूद सभी फाइलों, सॉफ्टवेयर आदि को नुकसान पहुंचा सकता है। इस वायरस ने 2002 में दुनियाभर के लाखों कंप्यूटरों को प्रभावित किया था।

एसक्यूएल स्लैमर (2003)
ट्रोजन हॉर्स के हमले को एक साल भी नहीं बीता था कि एसक्यूएल स्लैमर ने साल की शुरूआत में ही 27 जनवरी 2003 को दुनियाभर के कंप्यूटरों को अपनी चपेट में ले लिया। इसने बड़ी ही तेजी के साथ कंप्यूटरों को अपना शिकार बनाया था। एसक्यूएल कंप्यूटर के 90 फीसदी डाटा को महज 10 मिनट में प्रभावित करने में सक्षम था। यह वायरस किसी भी तरह के सर्वर को ठप करने में सक्षम था। इसने शुरूआत के पांच दिनों में ही दुनिया के 3.59 सिस्टम को अपनी चपेट में ले लिया था।

माई डूम
माई डूम ने सबसे पहले 26 जनवरी 2004 को हमला किया था। इस वायरस से करीब 38 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। यह दुनिया में सबसे तेजी के साथ फैलने वाला कंप्यूटर वायरस था। इसने इ-मेल अटैचमेंट के साथ दुनियाभर के कंप्यूटरों को अपना शिकार बनाया। 27 जनवरी को एससीओ ग्रुप ने इसके बारे में जानकारी देने वाले को 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की बात कही थी।

बंदूक रैट
बंदूक रैट ट्रोजन हार्स जैसा ही वायरस था। इसने 2005 में दुनियाभर के कंप्यूटरों को अपनी चपेट में लिया था। यह विंडोज एनटी, 2000, एक्सपी, 2003, विस्टा और विंडोज-7 को करप्ट करने में सक्षम था।

ब्लैकवार्म
ब्लैकवार्म को माइवाइफ और हुनची नामों से भी जाना जाता था। ब्लैकवार्म वायरस की पहचान 20 जनवरी 2006 को हुई थी। ब्लैकवार्म ई-मेल के जरिये फैलना वाला वायरस है। यह ई-मेल के ‌जरिये अलग-अलग नामों से कंप्यूटर में पहुंचता था। इस वायरस की यह खासियत थी कि यह महीने के तीसरे दिन कंप्यूटरों पर अटैक करता था। ब्लैकवार्म ने करीब तीन लाख कंप्यूटरों को इफेक्ट किया था।

क्या है कंप्यूटर वायरस
कंप्यूटर की खोज के साथ ही वायरस ने भी जन्म ले लिया था। कंप्यूटर वायरस एक प्रकार का कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो कि गलत अवधारणा जैसे कि कंप्यूटर को हैक करने और कानफीडेंशियल डाटा आदि को चुराने के मकसद से बनाया जाता है।

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