विज्ञापन
विज्ञापन

जानलेवा ऑनलाइन गेम्स, बचना है तो रखें अपने बच्चों पर नजर

टेक डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 23 Jun 2019 12:20 PM IST
खतरनाक ऑनलाइन गेम
खतरनाक ऑनलाइन गेम - फोटो : amar ujala
ख़बर सुनें
एक समय वह भी था जब बच्चों को घर से बाहर खेलने जाने के लिए मना किया जाता था। दिनभर घर से बाहर रहकर खेलने के लिए उन्हें डांट भी पड़ती थी लेकिन अब समय बदल गया है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चे खेलने के लिए घर से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ऑनलाइन वीडियो गेम और स्मार्टफोन है। वीडियो गेम खेलने वाले स्मार्टफोन सात-आठ हजार रुपये तक में आसानी से मिल रहे हैं। वहीं गूगल प्ले-स्टोर पर मुफ्त मोबाइल गेम भी मिल जाते हैं।
विज्ञापन
दरअसल, ऑनलाइन वीडियो गेमिंग का बाजार बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है इसी के साथ बढ़ रहा है इसका दुष्परिणाम। कई वीडियो गेम्स बच्चों के लिए बेहद ही खतरनाक साबित हो रहे हैं। ब्लू व्हेल जैसे गेम्स की वजह से कई मौतें भी हो चुकी हैं। आइए जानते हैं कुछ वीडियो गेम्स के बारे में जो बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, उन्हें हिंसक बना रहे हैं और यहां तक की जान देने के लिए भी उकसा रहे हैं।

1. ब्लू व्हेल

ब्लू व्हेल गेम का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह गेम साल 2017-18 में काफी लोकप्रिय हुआ था। इसमें टास्क पूरा करने के लिए कई बच्चों ने आत्महत्या तक की है। साल 2017 में इस गेम की वजह से रूस में 130 से अधिक बच्चों की मौत हुई थी, वहीं भारत में करीब 100 बच्चों ने मौत को गले लगाया था। बाद में इस गेम को बनाने वाले फिलिप बुदेकिन (Phillip Budeikin) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस हिरासत में फिलिप ने बताया कि उसने यह गेम उन लोगों के लिए बनाया जो लोग जीना नहीं चाहते। खास बात यह थी कि यह गेम गूगल प्ले-स्टोर या एपल के एप स्टोर पर नहीं था, बल्कि इसे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिंक के जरिए डाउनलोड कराया जा रहा था। बाद में इंस्टाग्राम ने भी इस गेम को अपने प्लेटफॉर्म पर बंद कर दिया था। हालांकि पिछले साल से इस गेम को लेकर कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन यह गेम किसी अन्य नाम से अभी मौजूद है। गूगल पर blue whale game other names भी सर्च किया जा रहा है।

ब्लू व्हेल गेम में दिए जाते थे ऐसे टास्क

1. वेकअप एट 4.30 मॉर्निंग- सुबह 4 बजे उठकर हॉरर फिल्में देखने और उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजने को कहा जाता था।
2. हाथ पर ब्लेड से ब्लू व्हेल बनाएं- ब्लेड से हाथ पर फोटो उकेरने के बाद उसे क्यूरेटर को भेजने को कहा जाता था।
3. नसें काटना- गेम में एक चैलेंज हाथ की नसों को काटकर उसकी फोटो भेजने वाला भी था।
4. छत से कूदना- क्यूरेटर यूजर्स को सुबह छत से छलांग लगाने को भी कहता था।
5. चाकू से काटना- इस गेम में एक टास्क व्हेल बनने के लिए तैयार होना था। इसमें फेल होने पर हाथ पर चाकू के कई वार करने होते थे और पास होने पर पैर पर ब्लेड से YES उकेरना होता था।
6. म्यूजिक सुनना- क्यूरेटर यूजर्स को म्यूजिक भेजता है जो सुसाइड करने और खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने वाले होते थे।
7. सुसाइड- गेम के 50वें और अंतिम टास्क में सुसाइड करने का टास्क दिया जाता था।

2. पास आउट चैलेंज

पास आउट चैलेंज गेम चोकिंग गेम (Choking Game) के नाम से भी जाना जाता है। यह गेम बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। इसमें दो-तीन बच्चे शामिल होते थे और एक-दूसरे का गला घोंटते थे। ऐसे में ऑक्सीजन ना मिलने की स्थिति में उनकी मौत हो रही थी। कई बार बच्चे बहोश होकर गिर भी जाते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में हर साल इस गेम की वजह से करीब 1,000 मौतें होती हैं। इसमें शामिल बच्चों की पहचान उनकी हरकतों से की जा सकती है। जैसे, यदि कोई बच्चा अपनी गर्दन ढंककर रह रहा है तो संभव है कि वह इस गेम को खेल रहा है। इसके अलावा यदि बच्चों की गर्दन पर किसी प्रकार का कोई निशान नजर आए तो आपको सतर्क हो जाने और उस पर नजर रखने की जरूरत है।

3. PUBG मोबाइल

प्लेयर्स अननोन बैटल ग्राउंड (Players Unknown Battle Ground) के नाम से मशहूर इस पबजी गेम को भारत में बंद करने की मांग चल रही है। यह गेम बहुत ही कम समय में लोकप्रिय हुआ है। गुजरात में इस गेम पर एक महीने के लिए प्रतिबंध भी लगा था और इस दौरान गेम खेलने के आरोप में 16 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। डॉक्टर्स के मुताबिक पबजी गेम युवाओं को मानसिक रूप से बीमार बना रहा है और साथ ही इस गेम को खेलने के बाद बच्चों में हिंसक प्रवृति भी पनप रही है। इसी साल मई में मध्यप्रदेश में पबजी गेम में हार जाने के बाद एक 16 साल के बच्चे की मौत हार्ट अटैक से हो गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि वह पिछले 6 घंटे से पबजी खेल रहा था।

4. साल्ट एंड आइस चैलेज

यह गेम भी ब्लू व्हेल की तरह खुद को नुकसान पहुंचाने वाला है। इस गेम में बच्चों को टास्क दिया जाता है कि वह शरीर के किसी हिस्से पर नमक रखें और उसके ऊपर से बर्फ रखें। ऐसे में नमक के कारण बर्फ तेजी से पिघल जाता है और वह जगह जल जाती है। इस गेम के कारण कई बच्चों के हाथ जल गए थे और कईयों को जलन की समस्या हो गई थी।

5. द फायर चैलेंज

जैसा कि नाम से ही साफ है यह आग वाला गेम चैलेंज है। इसमें प्लेयर्स को टास्क के तौर पर कहा जाता था कि वह शरीर पर पेट्रोल जैसे ज्वलनशील तरल पदार्थ लगाकर आग लगाएं और वीडियो रिकॉर्ड करें। इस गेम की चक्कर में कई युवाओं की मौत हो गई थी। न्यूयॉर्क में एक 15 साल के बच्चे की मौत इसी गेम में बुरी तरह से जल जाने के कारण हो गई थी, वहीं एक और बच्चे ने सीने पर अल्कोहल छिड़कर आग लगा दी थी जिससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन

Recommended

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी
Invertis university

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में
Astrology Services

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Tech Diary

जियो सबसे धीमा तो एयरटेल है सबसे तेज मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क : ओकला

ब्रॉडबैंड की रफ्तार मापने वाली कंपनी ओकला ने कहा है कि जुलाई महीने में भारती एयरटेल सबसे तेज मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क रहा है, जबकि रिलायंस जियो के नेटवर्क की गति इस दौरान सबसे धीमी रही है। 

23 अगस्त 2019

विज्ञापन

बेन स्टोक्स को शराब ने बनाया आक्रामक, जा चुके हैं कई बार जेल

क्रिकेट का नाम ही करिश्मा है और इसमें करिश्में देखने को मिलते ही रहते हैं। बेन स्टोक्स के अविश्वसनीय शतकीय पारी की बदौलत इंग्लैंड ने एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट अपने नाम कर लिया है।

26 अगस्त 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree