हॉकी टीम के कोच बोले- ओलंपिक पदक जीतने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 25 Jul 2020 03:23 PM IST
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ग्राहम रीड
ग्राहम रीड - फोटो : social media

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ऑस्ट्रेलिया की 1992 बार्सिलोना ओलंपिक की रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रह चुके रीड ने कहा, ‘ओलंपिक दुनिया की सबसे कठिन प्रतियोगिता होती है इसलिए एक खिलाड़ी को मानसिक रूप से इसकी बराबरी करनी होती है।’ हॉकी इंडिया के बयान के अनुसार उन्होंने कहा, ‘बतौर खिलाड़ी सबसे बड़ी चुनौती होती है जो काम कर रहे हो, उस पर ध्यान लगाए रखना। पहले मैच में काफी ज्यादा भावनाएं होती हैं। जो खिलाड़ी इन भावनाओं को नियंत्रित कर सकता है और रणनीति पर कायम रहता है, वह आगे रहता है। ’ 
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खेल के सभी पहलुओं में सुधार करने की जरूरत है, रीड ने टीम को मानसिक रूप से मजबूती हासिल करने पर जोर दिया।उन्होंने कहा, ‘अगले इन 12 महीनों में हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती अनिश्चितता को लेकर होगी। ऐसी बहुत सारी चीजें होती हैं जो होंगी लेकिन उन पर हमारा नियंत्रण नहीं होगा। हमें सिर्फ उन चीजों के बारे में चिंतित होना चाहिए, जिन पर हम काबू कर सकते हैं। ’
रीड ने कहा, ‘हम सिर्फ इस चीज पर नियंत्रण रख सकते हैं कि हम कितनी कड़ी मेहनत करें, कितनी अच्छी तरह हम ट्रेनिंग करें और हमारा फिटनेस स्तर कैसा हो। मानसिक रूप से मजबूती निश्चित रूप से एक अहम चीज होगी और भारतीय खिलाड़ियों में मुश्किल परिस्थितियों से निपटने की क्षमता जन्मजात है। ’
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