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सुप्त बुद्ध कोणासन

रजवी एच मेहता,अयंगर योगआश्रय, मुबंई Updated Thu, 21 Jun 2018 12:54 PM IST
Supta Baddha Konasan
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हम भारतीय मानसून के लिए बहुत सम्मान महसूस करते हैं। यह हमारे लिए सिर्फ एक मौसम नहीं है बल्कि उससे भी कहीं ज्यादा अहमियत रखता है। हमारे यहां बारिश के देवता का आह्वान करने के लिए यज्ञ और राग का सहारा लिया जाता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ किसान ही बारिश के लिए प्रार्थना करते हैं बल्कि हम लोग भी भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बारिश का इंतजार करते हैं। हर साल तापमान में वृद्धि होने की वजह से गर्मी से निपटना मुश्किल हो रहा है। जो लोग एसी का खर्चा उठा सकते हैं उन्हें छोड़ दें तो इस गर्मी से निपटना हर किसी के लिए संभव नहीं है। खास बात यह है कि बिजली कटौती के चलते गर्मी से निपटने के लिए एयर कंडीशनिंग की सुविधा भी हमेशा उपलब्ध नहीं होती है। ऐसे में व्यक्ति के मन में आता है कि काश हमारे पास शरीर के भीतर चलने वाला कोई एयर कंडीशनर होता। 
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हम लोग गर्म खून वाले जीवित प्राणी हैं लेकिन बाहरी तापमान ज्यादा होने के बावजूद भी हम अपने शरीर के तापमान को 37 डिग्री तक नियंत्रित करने की क्षमता रखते हैं। यदि तापमान अधिक है तो हमारे शरीर से पसीना निकलने लगता है जिसकी वजह से गर्मियों में भी शरीर ठंडा बना रहता है। सर्दियों में हमारे शरीर की पसीने वाली ग्रंथियां शांत रहती हैं जिसकी वजह से शरीर के विषाक्त पदार्थ मूत्र के माध्यम से ही शरीर से बाहर निकलते हैं। 

गुरुजी बीकेएस अयंगर कहते हैं, 'योग हर उस चीज को ठीक करता है जिसे सहन करने की जरूरत नहीं होती है और जिसे सहन नहीं किया जा सकता है'। खैर, गर्मी रहने के लिए है और हमें इसे सहन करना है। कुछ योगासन बाहर तेज गर्मी होने के बावजूद हमारे शरीर को 'ठंडा' रखने में मदद करते हैं। इसलिए इन आसनों का गर्मियों के दौरान नियमित रूप से अभ्यास किया जाना चाहिए। ऐसे ही दो आसन हैं- बद्ध कोणासन और सुप्त बुद्ध कोणासन हैं।

शरीर को ठंडा करने के अलावा इन दोनों आसनों के कई और फायदे भी हैं। ये आसन विशेष रूप से उत्सर्जित और प्रजनन अंगों पर काम करते हैं।

 
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